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Panipat News: दीपेंद्र के करीबी रमेश मलिक को मिली कांग्रेस ग्रामीण जिलाध्यक्ष की कमान, शहर में फंसा पेंच

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Wed, 13 Aug 2025 02:54 AM IST
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Deependra's close aide Ramesh Malik got the command of Congress Rural District President, problem stuck in the city
पार्टी के नेताओं से फोन पर बात करते रमेश मलिक। स्रोत : स्वयं
भूपेंद्र हुड्डा की सरकार में रह चुके ब्लॉक समिति के चेयरमैन
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माई सिटी रिपोर्टर
पानीपत। कांग्रेस ने जिलाध्यक्ष की मंगलवार शाम को सूची जारी कर दी। पानीपत ग्रामीण के जिलाध्यक्ष का ताज उग्राखेड़ी निवासी पूर्व ब्लाॅक समिति चेयरमैन रमेश मलिक के सिर पर सजा है। वे रोहतक सांसद दीपेंद्र हुड्डा के करीबियों में से एक हैं। उग्राखेड़ी गांव में कांग्रेस के ग्रामीण जिलाध्यक्ष की चौधर लगातार दूसरी बार मिली है। इनसे पहले जगदेव मलिक पानीपत ग्रामीण के जिलाध्यक्ष थे। सांसद दीपेंद्र हुड्डा ने देर रात को उन्हें फोन कर इसकी बधाई भी दी। जबकि पानीपत शहरी के जिलाध्यक्ष का पेंच फंसा गया है। यहां आपसी फूट के चलते किसी का नाम तय नहीं हो पाया।
कांग्रेस पानीपत में पानीपत शहर व पानीपत ग्रामीण दो जिलाध्यक्ष नियुक्त करती है। इसके लिए पिछले दिनों ऑब्जर्वर ने हर विस क्षेत्र में आवेदन मांगे थे। ऑर्ब्जवर ने पैनल बनाकर प्रदेश मुख्यालय भेजा था। जानकारों की मानें तो पानीपत ग्रामीण जिलाध्यक्ष के लिए ब्लॉक समिति के पूर्व चेयरमैन रमेश मलिक, धर्मेंद्र अहलावत और इसराना विस क्षेत्र के पूर्व विधायक बलबीर वाल्मीकि के नाम ऊपर थे। कांग्रेस हाईकमान ने ब्लॉक समिति के पूर्व चेयरमैन रमेश मलिक को पानीपत ग्रामीण का जिलाध्यक्ष नियुक्त किया। पानीपत शहरी के जिलाध्यक्ष को फिलहाल होल्ड किया है। जानकारों की मानें तो वरिष्ठ नेता वरिंद्र सिंह बुल्ले शाह अपने नजदीकी बलजीत सिंह का नाम दे चुके हैं। वे हुड्डा गुट के हैं। उनका नाम भी लगभग तय था। दूसरा पक्ष किसी अन्य के नाम पर जोर लगा रहा है। इन सबके चलते पानीपत शहरी जिलाध्यक्ष के नाम की घोषणा नहीं हो सकी।
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दादा व पिता के बाद खुद संभाली कांग्रेस
रमेश मलिक ने पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा, रोहतक सांसद दीपेंद्र हुड्डा, पानीपत ग्रामीण के प्रत्याशी रहे सचिन कुंडू और करनाल लोकसभा के प्रत्याशी रहे दिव्यांशु बुद्धिराजा और अन्य नेताओं का आभार जताया है। रमेश मलिक ने बताया कि उनके दादा धूप सिंह मलिक व उनके पिता ज्ञानेंद्र मलिक ने कांग्रेस में सक्रिय रूप से काम किया। वे बचपन से ही कांग्रेसी रहे और एनएसयूआई में सक्रिय सदस्य रहे। यूथ कांग्रेस में रणदीप सिंह सुरजेवाला के साथ काम किया। वे 1997 में कांग्रेस के जिला महासचिव बने। उनको 2005 में जिला उपाध्यक्ष बनाया। इसी दौरान प्रदेश में भूपेंद्र सिंह हुड्डा की सरकार रही। वे 2005 से 10 तक ब्लॉक समिति के चेयरमैन रहे। इसके बाद पार्टी की नीतियों में बढ़-चढ़कर कार्य किया। रमेश मलिक ने बताया कि वे जल्द सभी कार्यकर्ताओं के बीच जाएंगे। पार्टी आला कमान के साथ विचार विमर्श कर संगठन को मजबूत करेंगे।
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