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Panipat: विदेशों में घटी धागे की मांग, कीमत घटी, अमेरिका में महंगाई, जर्मनी की मंदी और रूस-यूक्रेन वार का असर
Sat, 24 Jun 2023 10:29 AM IST
भूपेंद्र सिंह
संदीप सिंह, अमर उजाला ब्यूरो, पानीपत (हरियाणा)
संदीप सिंह, अमर उजाला ब्यूरो, पानीपत (हरियाणा)
Published by: भूपेंद्र सिंह
Updated Sat, 24 Jun 2023 10:29 AM IST
सार
250 से अधिक उद्योगों को अब एक शिफ्ट में चलाने की मजबूरी हो रही है। माह में 10 दिन बंद रखने पर विचार हो रहा है। अमेरिका में महंगाई, जर्मनी की मंदी और रूस-यूक्रेन वार का असर है। दाम 110 से 85 रुपये प्रति किग्रा हो गए हैं।
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
अमेरिका में महंगाई, जर्मनी में मंदी और रूस-यूक्रेन युद्ध से धागे का कारोबार बुरी तरह से प्रभावित हुआ है। स्थिति यह है कि अब अमेरिका और यूरोप में टेक्सटाइल उत्पादों की मांग न के बराबर रह गई है। धागे की मांग घटने से कीमतों में 20 प्रतिशत तक गिरावट आई है। अब धागा 110 रुपये से कम होकर 85 रुपये पर आ गया है।
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पानीपत टेक्सटाइल नगरी पर इसका विपरीत असर पड़ा है। इस कारण धागे के 250 से अधिक उद्योग अब एक शिफ्ट में चलाने पड़ रहे हैं। यही नहीं यहां के उद्यमी दक्षिण भारत के उद्यमियों की तर्ज पर माह में 10 दिन उद्योग बंद करने पर विचार कर रहे हैं।
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पानीपत ने 2022 में टेक्सटाइल के साथ-साथ धागा उत्पादन में भी कीर्तिमान स्थापित किया था। इसके तहत 20 लाख किलोग्राम धागे का प्रतिदिन उत्पादन कर इटली को पीछे छोड़ दिया था। धागा उद्योग में आई क्रांति से उद्योगपतियों ने भी अपने उद्योगों को कंबल या बेडसीट से धागे में स्थानांतरित कर लिया था। यही कारण है कि पिछले चार साल में धागा उद्योग 50 प्रतिशत तक बढ़े हैं, लेकिन अब यहां का धागा उद्योग संकट से जूझ रहा है।
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पानीपत इंडस्ट्रीज एसोसिएशन और नॉर्दन इंडिया रोलर स्पिनर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष प्रीतम सिंह सचदेवा ने बताया कि हाल के दिनों में धागा उत्पादन महज 50 फीसदी रह गया है। टेक्सटाइल उत्पादों की अंतरराष्ट्रीय मार्केट में मांग नहीं है, इसलिए धागे की खपत भी 50 प्रतिशत कम हो चुकी है।
धागे की कीमत में भी 20 प्रतिशत की गिरावट आ चुकी है। इस कारण एक शिफ्ट में उद्योग चलाने पड़ रहे हैं। दक्षिण भारत के उद्यमी माह में 10 दिन उद्योग बंद रख रहे हैं। अब स्थानीय उद्यमी भी इसी ओर जाने की योजना बना रहे हैं।
घरेलू मार्केट 90 हजार और निर्यात 16 हजार करोड़ का
पानीपत से पूरे देश में कंबल, बेडसीट, पिल्लो कवर, सोफे के कवर, पर्दे तौलिये समेत तमाम उत्पाद भेजे जाते हैं। अकेले पानीपत की घरेलू मार्केट 90 हजार करोड़ और निर्यात 16 हजार करोड़ का है। पानीपत से 112 देशों में निर्यात होता है। दो साल पहले पहली बार ब्राजील व इरान में भी निर्यात शुरू किया गया। विदित हो कि 16 हजार करोड़ के निर्यात में करीब 12 हजार करोड़ तक का निर्यात अमेरिका, जर्मनी, रूस, यूक्रेन आदि यूरोपीय देशों में ही होता है।