फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Panipat News ›   dark, zone,city, water, 462 caror

डार्क जोन में बनाया शहर के पानी का 462 करोड़ का प्रस्ताव, निदेशालय में अटका

Sun, 09 Apr 2017 12:08 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, पानीपत।
अमर उजाला ब्यूरो, पानीपत। Updated Sun, 09 Apr 2017 12:08 AM IST
विज्ञापन
dark, zone,city, water, 462 caror
पानीपत - फोटो : पानीपत
अमर उजाला ब्यूरो
विज्ञापन

पानीपत। शहर को स्वच्छ पानी की सप्लाई के लिए बनाया गया रैनीवेल प्रोजेक्ट यमुना की तलहटी में घोषित डार्क जोन में प्रस्तावित कर दिया गया। अब करीब 462 करोड़ का प्रोजेक्ट निदेशालय मेें अटक गया है। निदेशालय के अधिकारी यमुना क्षेत्र में पहले से ही पेयजल के लिए घोषित डार्क जोन को लेकर चिंतित है। ऐसे में रैनीवेल प्रोजेक्ट पर संकट मंडराने लगा है। स्थानीय अधिकारी भी ऐसे में खुद को लाचार मान रहे हैं। हालांकि, अधिकारी शहर में पेयजल की किसी तरह की समस्या नहीं होने का दावा कर रहे हैं।
अप्रैल माह की शुरुआत में ही गर्मी ने अपना रंग दिखाना शुरू कर दिया है। तापमान करीब 40 डिग्री तक पहुंच गया है। ऐसे में आने वाले महीनों में गर्मी का रूप विकराल हो सकता है। शहर के कई क्षेत्रों के लोगों में आने वाले दिनों को लेकर चिंता सताने लगी है। पेयजल को लेकर कई साल पहले बनाए गए रैनीवेल प्रोजेक्ट की तरफ नेताओं और प्रशासन का ध्यान हट गया है।
विज्ञापन

462 करोड़ के प्रोजेक्ट में यमुना की तलहटी पर लगने हैं पंप
शहर को साफ पानी पिलाने को लेकर यमुना की तलहटी में रैनीवेल प्रोजेक्ट बनाने का प्रस्ताव कांग्रेस की सरकार में बनाया गया था। 462 करोड़ के इस प्रोजेक्ट के अंतर्गत यमुना की तलहटी में कुओं की खुदाई की जानी हैं। इन कुओं में जमा पानी को पंपसेट से शहर में सप्लाई किया जाना है। स्थानीय अधिकारियों ने पिछली सरकार के कार्यकाल में निदेशालय भेजा था, लेकिन नगर निगम सदन की मुहर न लगने के चलते इसे वापस भेज दिया गया। नगर निगम सदन ने इसको मंजूर कर दिया और स्थानीय अधिकारियों द्वारा इसकी फाइल फिर से भेजी गई और दूसरी बार भी प्रोजेक्ट निदेशालय स्तर पर ही अटक कर रह गया। बता दें कि यमुना बेेल्ट को पहले से ही डार्क जोन घोषित किया गया है।
विज्ञापन
विज्ञापन

प्रोजेक्ट का दो बार बदला नाम
कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में तत्कालीन मुख्यमंत्री में पानीपत में जनसभा में शहर को पेयजल के लिए एक बड़ा प्रोजेक्ट देने की घोषणा की थी। इसको शुरुआत में पश्चिमी यमुना लिंक नहर से पानी देने का प्रस्ताव था। दोनों नहरों के बीच में जगह भी चिह्नित कर ली थी, लेकिन पानी समझौते के चलते पानी प्रोजेक्ट को नहीं दिया जा सका। इसके बाद इस प्रोजेक्ट को यमुना की तलहटी में लगाने का फैसला लिया था और इसका नाम भी बदलकर रैनीवेल प्रोजेक्ट रख दिया था।
शहर में कई जगह पानी की किल्लत
शहर की कई कॉलोनियों में पानी की किल्लत हो गई है। ऐसे में लोगों को पहले दिनों में ही परेशानी सामने आने लगी है। शहरवासी पेयजल पाइप लाइन कंडम बता रहे हैं और हल्के से दबाव में ही पाइप लाइन टूट जाती है। ऐसे में लोगों को दूषित पानी पीने को मजबूर होना पड़ता है। अधिकारी साफ पानी देने का दावा तो कर रहे हैं, लेकिन लोगों की नाराजगी अधिकारियों के सब दावों की पोल खोल रही है।

वर्जन
रैनीवेल प्रोजेक्ट को जिला स्तर पर पूरा कर मंजूरी को लेकर निदेशालय में भेजा गया है। इसका फैसला सरकार और उच्च अधिकारियों को करना है। निदेशालय की मंजूरी मिलते ही इस पर काम शुरू कर दिया जाएगा। शहर में फिलहाल पेयजल की कोई परेशानी नहीं है।
राजेश कौशिक, एक्सईएन, जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग, पानीपत।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed