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दिनभर छाए रहे हल्के बादल, चला धूप-छांव का खेल, मानसून का करना होगा इंतजार
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बीते पांच दिन में बारिश और तेज ठंडी हवाओं से तापमान में गिरावट आई है। कुछ दिन पहले अधिकतम तापमान 43 डिग्री के करीब पहुंच गया था। इस लिहाज से करीब 11 डिग्री की गिरावट आ चुकी है। न्यूनतम तापमान भी करीब 6 डिग्री लुढ़क चुका है। शुक्रवार को दिनभर हल्के बादल छाए रहे, जिससे धूप-छांव का खेल चलता रहा। वहीं, पूर्वी हवाओं के कमजोर पड़ने से हरियाणा के विभिन्न हिस्सों में आगे बढ़ रहे मानसून में अब 7 से 10 दिन का समय लग सकता है।
शुक्रवार को पानीपत का अधिकतम तापमान 32.6 डिग्री जबकि न्यूनतम तापमान 24.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। दिन में करीब 21 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से हवाएं चली। वहीं, वातावरण में नमी की मात्रा 58 प्रतिशत तक दर्ज की गई। इस प्रकार तापमान में गिरावट और ठंडी हवाएं चलने से लोगों को गर्मी से काफी हद तक राहत मिली है। मौसम विभाग के अनुसार, पश्चिमी विक्षोभ के आंशिक प्रभाव एवं राजस्थान के ऊपर बने एक साइक्लोनिक सर्कुलेशन के कारण मौसम 21 जून तक परिवर्तनशील रहने का अनुमान है। उत्तरी व पश्चिमी क्षेत्रों में 19 और 20 जून को गरज-चमक एवं हवाओं के साथ कहीं-कहीं बूंदाबांदी या हल्की बारिश होने की संभावना है। इसके बाद 21 जून से मौसम खुश्क रहने की संभावना है।
मौसम आधारित कृषि सलाह
- सब्जियों के खेतों में आवश्यकतानुसार निराई-गुड़ाई कर नमी संचित करें।
- ज्वार व अन्य खरीफ फसलों के लिए खेत तैयार कर उत्तम किस्म के बीजों का प्रबंध करें तथा बिजाई करते समय बदलते मौसम का ध्यान रखें।
- धान की नर्सरी में आवश्यकतानुसार सिंचाई व खाद का प्रबंधन करें।
- धान लगाने के लिए अच्छी तरह से खेत तैयार कर नमी संचित रखे। यदि पानी उपलब्ध हो तो धान लगाना शुरू करें।
- धान में बकानी रोग से बचाव के लिए पनीरी को उखाड़ने से 7 दिन पहले 250 ग्राम कार्बेडाजिम प्रति आधा कनाल नर्सरी क्षेत्र में रेत में मिलाकर पनीरी में एक सार बिखेर दें।
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- पनीरी को खड़े पानी में ही उखाडे़।
नमी वाली हवाओं की सक्रियता एवं प्रदेश में बन रहे चक्रवात परिसंचरण के कारण प्रदेश में शुक्रवार रात तथा शनिवार को भी ज्यादातर क्षेत्रों में हल्की बारिश की संभावना है।
- डीएस बुंदेला, मौसम विशेषज्ञ।
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शुक्रवार को पानीपत का अधिकतम तापमान 32.6 डिग्री जबकि न्यूनतम तापमान 24.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। दिन में करीब 21 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से हवाएं चली। वहीं, वातावरण में नमी की मात्रा 58 प्रतिशत तक दर्ज की गई। इस प्रकार तापमान में गिरावट और ठंडी हवाएं चलने से लोगों को गर्मी से काफी हद तक राहत मिली है। मौसम विभाग के अनुसार, पश्चिमी विक्षोभ के आंशिक प्रभाव एवं राजस्थान के ऊपर बने एक साइक्लोनिक सर्कुलेशन के कारण मौसम 21 जून तक परिवर्तनशील रहने का अनुमान है। उत्तरी व पश्चिमी क्षेत्रों में 19 और 20 जून को गरज-चमक एवं हवाओं के साथ कहीं-कहीं बूंदाबांदी या हल्की बारिश होने की संभावना है। इसके बाद 21 जून से मौसम खुश्क रहने की संभावना है।
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मौसम आधारित कृषि सलाह
- सब्जियों के खेतों में आवश्यकतानुसार निराई-गुड़ाई कर नमी संचित करें।
- ज्वार व अन्य खरीफ फसलों के लिए खेत तैयार कर उत्तम किस्म के बीजों का प्रबंध करें तथा बिजाई करते समय बदलते मौसम का ध्यान रखें।
- धान की नर्सरी में आवश्यकतानुसार सिंचाई व खाद का प्रबंधन करें।
- धान लगाने के लिए अच्छी तरह से खेत तैयार कर नमी संचित रखे। यदि पानी उपलब्ध हो तो धान लगाना शुरू करें।
- धान में बकानी रोग से बचाव के लिए पनीरी को उखाड़ने से 7 दिन पहले 250 ग्राम कार्बेडाजिम प्रति आधा कनाल नर्सरी क्षेत्र में रेत में मिलाकर पनीरी में एक सार बिखेर दें।
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- पनीरी को खड़े पानी में ही उखाडे़।
नमी वाली हवाओं की सक्रियता एवं प्रदेश में बन रहे चक्रवात परिसंचरण के कारण प्रदेश में शुक्रवार रात तथा शनिवार को भी ज्यादातर क्षेत्रों में हल्की बारिश की संभावना है।
- डीएस बुंदेला, मौसम विशेषज्ञ।