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रोती पत्नी की गुहार----प्रधानमंत्री जी मेरे पति को वापिस देश ले आओ
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प्रधानमंत्री जी! मेरे पति को आतंकियों के चंगुल से छुड़वाकर वापस भारत देश ले आएं। यह गुहार समालखा के बैनीवाल मोहल्ले की रहने वाली सीमा देवी ने भारत सरकार से लगाई है। उन्होंने बताया कि उनके पति विनोद बैनिवाल को अफ्रीकी देश मोजंबिक के शहर पालमा से आतंकियों ने करीब ढाई महीने पहले अगवा कर लिया था। उनके कब्जे में दो और भारतीय और एक विदेशी भी हैं।
विनोद के बड़े भाई जोगिंद्र बैनीवाल ने बताया कि करीब छह वर्ष पहले वह वर्क वीजा पर मोजंबिक गए थे। वहां पर फ्रांस की कंपनी ने प्राकृतिक गैस के प्लांट लगाया है और वह बतौर ब्रांच मैनेजर मोजंबिक के पालमा शहर में कार्यरत थे। छोटे भाई सतेंद्र का साला मनोज और साढ़ू जयपाल भी मोजंबिक के दूसरे शहरों में काम करते हैं। गत 24 मार्च को पालमा शहर पर आईएसआईएस से जुड़े आतंकवादी संगठन ने हमला किया था। इसके बाद विनोद से उनका संपर्क नहीं हुआ। साला और साढ़ू विनोद को अपने स्तर पर ढूंढने का प्रयास कर रहे थे, तब आतंकियों की करतूत का पता चला।
दूसरी ओर आरपीएफ में काम करने वाले विनोद के भाई सतेंद्र और उनके दोस्त जगमोहन ने भी प्रधानमंत्री को ट्वीट कर आतंकियों के कब्जे से उन्हें छुड़वाने की गुहार लगाई है। उन्होंने भारत सरकार से राजनीतिक दबाव डालने की अपील की है ताकि आतंकियों के कब्जे सें बंधकों को छुड़ाया जा सके।
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24 मार्च को आखिरी बार परिवार से हुई थी बात
सीमा देवी ने बताया कि 24 मार्च को पति से आखिरी बार बात हुई थी। बेटी 14 और बेटा 10 साल का है। दोनों बच्चों के हाल जाने और उनसे पढ़ाई के बारे में बात की। इसके बाद से संपर्क नहीं हो सका।
10 दिन बाद पति के अगवा होने की मिली खबर
विनोद की पत्नी सीमा देवी को भी घटना की सूचना दस दिन बाद दी गई। इसके बाद बच्चों को भी इसका पता चला। परिवार में भय का माहौल है और हर कोई चाहता है कि विनोद जल्द घर वापस लौट आएं।
20 अप्रैल को मांगी थी एक बिलियन डॉलर की फिरौती
पत्नी सीमा देवी ने बताया कि 20 अप्रैल को आतंकियों की ओर से विनोद और अन्य को छोड़ने की एवज में वहां की सरकार से एक बिलियन डॉलर की मांग की थी। यह जानकारी भारतीय दूतावास से पता चली।
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विनोद के बड़े भाई जोगिंद्र बैनीवाल ने बताया कि करीब छह वर्ष पहले वह वर्क वीजा पर मोजंबिक गए थे। वहां पर फ्रांस की कंपनी ने प्राकृतिक गैस के प्लांट लगाया है और वह बतौर ब्रांच मैनेजर मोजंबिक के पालमा शहर में कार्यरत थे। छोटे भाई सतेंद्र का साला मनोज और साढ़ू जयपाल भी मोजंबिक के दूसरे शहरों में काम करते हैं। गत 24 मार्च को पालमा शहर पर आईएसआईएस से जुड़े आतंकवादी संगठन ने हमला किया था। इसके बाद विनोद से उनका संपर्क नहीं हुआ। साला और साढ़ू विनोद को अपने स्तर पर ढूंढने का प्रयास कर रहे थे, तब आतंकियों की करतूत का पता चला।
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दूसरी ओर आरपीएफ में काम करने वाले विनोद के भाई सतेंद्र और उनके दोस्त जगमोहन ने भी प्रधानमंत्री को ट्वीट कर आतंकियों के कब्जे से उन्हें छुड़वाने की गुहार लगाई है। उन्होंने भारत सरकार से राजनीतिक दबाव डालने की अपील की है ताकि आतंकियों के कब्जे सें बंधकों को छुड़ाया जा सके।
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24 मार्च को आखिरी बार परिवार से हुई थी बात
सीमा देवी ने बताया कि 24 मार्च को पति से आखिरी बार बात हुई थी। बेटी 14 और बेटा 10 साल का है। दोनों बच्चों के हाल जाने और उनसे पढ़ाई के बारे में बात की। इसके बाद से संपर्क नहीं हो सका।
10 दिन बाद पति के अगवा होने की मिली खबर
विनोद की पत्नी सीमा देवी को भी घटना की सूचना दस दिन बाद दी गई। इसके बाद बच्चों को भी इसका पता चला। परिवार में भय का माहौल है और हर कोई चाहता है कि विनोद जल्द घर वापस लौट आएं।
20 अप्रैल को मांगी थी एक बिलियन डॉलर की फिरौती
पत्नी सीमा देवी ने बताया कि 20 अप्रैल को आतंकियों की ओर से विनोद और अन्य को छोड़ने की एवज में वहां की सरकार से एक बिलियन डॉलर की मांग की थी। यह जानकारी भारतीय दूतावास से पता चली।