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तीनों बच्चों को नहर में फैंकने की आशंका, परिजनों ने पानीपत से लेकर खूबडू झाल तक ढूंढा
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जहर खाकर आत्महत्या करने वाले गांव बिहोली निवासी अनिल के तीनों बच्चों का 56 घंटे बाद भी कोई सुराग नहीं लग पाया है। परिजनों ने नहर में फेेंकने की आशंका जाहिर की और शुक्रवार को सुबह दस बजे से लेकर रात 10 बजे तक बच्चों को दिल्ली पैरलल और यमुना पश्चिम लिंक नहर में तलाश की, लेकिन शुक्रवार देर रात तक बच्चों को कोई सुराग नहीं लग पाया। वहीं रिश्तेदारों या परिचितों की ओर से भी कोई सूचना नहीं मिल पाई है।
मृतक अनिल के बड़े भाई मंजीत ने बताया कि उनके पास शुक्रवार सुबह तक किसी परिचित ने फोन कर बच्चों के होने या न होने की सूचना नहीं दी। आशंका है कि अनिल ने बच्चों को नहर में फेंक दिया है। जिसके बाद ग्रामीणों ने मिलकर छह-छह युवकों की चार टीमें बनाई। असंध नाका चौकी से शुरू हुए और नहर में देखते हुए खूबडू़ झाल तक पहुंचे, लेकिन उनका कोई सुुराग नहीं लगा। जिसके बाद शनिवार को वह दोबारा खूबडू़ झाल से दिल्ली रोहिणी जाने वाली नहर और रोहतक जाने वाले नहर में तलाश करेंगे। उन्होंने कहा कि मामले में पुलिस उनका पूरा सहयोग कर रही है।
यह था मामला
बिहोली गांव निवासी अनिल और उसकी पत्नी के बीच झगड़ा हो गया था। झगड़े के बाद बुधवार शाम चार बजे अनिल अपने बच्चों अंशू, वंश और यश को गाड़ी में बैठाकर साथ ले गया था। बुधवार रात 9 बजे अनिल ने अपने भाई को फोन पर जहर खाकर आत्महत्या करने की बात कही। भाई मंजीत ढूंढते हुए गोहाना रोड फ्लाईओवर के नीचे पार्किंग में पहुंचा तो अनिल बेसुध हालत में पड़ा हुआ था। तीनों बच्चे लापता थे। अनिल ने सुसाइड नोट लिखा था। अस्पताल ले जाने पर डॉक्टर ने अनिल को मृत घोषित कर दिया था।
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परिजनों के साथ मिलकर नहर पर तलाश की गई है। परिजनों ने आशंका जताई है कि अनिल ने बच्चों को नहर में फेंक दिया है, लेकिन अभी तक बच्चों को कोई सुराग नहीं लग पाया है, तलाश जारी है।
-हरनारायण सिंह, बापौली थाना प्रभारी
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मृतक अनिल के बड़े भाई मंजीत ने बताया कि उनके पास शुक्रवार सुबह तक किसी परिचित ने फोन कर बच्चों के होने या न होने की सूचना नहीं दी। आशंका है कि अनिल ने बच्चों को नहर में फेंक दिया है। जिसके बाद ग्रामीणों ने मिलकर छह-छह युवकों की चार टीमें बनाई। असंध नाका चौकी से शुरू हुए और नहर में देखते हुए खूबडू़ झाल तक पहुंचे, लेकिन उनका कोई सुुराग नहीं लगा। जिसके बाद शनिवार को वह दोबारा खूबडू़ झाल से दिल्ली रोहिणी जाने वाली नहर और रोहतक जाने वाले नहर में तलाश करेंगे। उन्होंने कहा कि मामले में पुलिस उनका पूरा सहयोग कर रही है।
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यह था मामला
बिहोली गांव निवासी अनिल और उसकी पत्नी के बीच झगड़ा हो गया था। झगड़े के बाद बुधवार शाम चार बजे अनिल अपने बच्चों अंशू, वंश और यश को गाड़ी में बैठाकर साथ ले गया था। बुधवार रात 9 बजे अनिल ने अपने भाई को फोन पर जहर खाकर आत्महत्या करने की बात कही। भाई मंजीत ढूंढते हुए गोहाना रोड फ्लाईओवर के नीचे पार्किंग में पहुंचा तो अनिल बेसुध हालत में पड़ा हुआ था। तीनों बच्चे लापता थे। अनिल ने सुसाइड नोट लिखा था। अस्पताल ले जाने पर डॉक्टर ने अनिल को मृत घोषित कर दिया था।
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परिजनों के साथ मिलकर नहर पर तलाश की गई है। परिजनों ने आशंका जताई है कि अनिल ने बच्चों को नहर में फेंक दिया है, लेकिन अभी तक बच्चों को कोई सुराग नहीं लग पाया है, तलाश जारी है।
-हरनारायण सिंह, बापौली थाना प्रभारी