फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Panipat News ›   d

ेहूं की फसल और फानों में हो रही आगजनी से जिले का प्रदूषण खतरनाक स्तर पर पहुंचा

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sat, 17 Apr 2021 12:07 AM IST
विज्ञापन
d
गेहूं के सीजन में लगातार हो रही आगजनी की घटनाओं से जिले का प्रदूषण स्तर लगातार बढ़ रहा है। पिछले पांच दिनों से वायु गुणवत्ता सूचकांक 200 के पार है। शुक्रवार को वायु गुणवत्ता सूचकांक 265 दर्ज किया गया। जोकि स्वास्थ्य के लिए बेहद हानिकारक है। कृषि विभाग आगजनी की घटनाओं पर सैटेलाइट से नजर रख रहा है। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की टीमें भी लगातार गश्त कर उन किसानों पर नजर रख रही है, जो फानों में आग लगा रहे हैं। लगातार बढ़ रहे प्रदूषण स्तर से दमा रोगियों की परेशानी भी बढ़ रही है।
विज्ञापन

फिलहाल गेहूं कटाई का सीजन चल रहा है। अब तक 50 प्रतिशत से अधिक गेहूं की फसल की कटाई हो चुकी है। दूसरी ओर नुकसान की बात करें तो अब तक जिले में 100 एकड़ से अधिक खड़ी फसल जल चुकी है। 150 से अधिक एकड़ में फानों में आग लग चुकी है। जिस कारण वायु प्रदूषण में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। सबसे अधिक आगजनी की घटनाएं समालखा क्षेत्र में हो रही हैं। चुलकाना, मनाना, जौरासी, करहंस और आट्टा गांव में फानों व गेहूं की खड़ी फसल में आग लग चुकी है। कई जगहों पर रात को फानों में आग लगाई जा रही है।
विज्ञापन

यह है नुकसान
फसल अवशेष जलाने से पोषक तत्वों का नुकसान होता है। फसल अवशेष जलाने से सौ प्रतिशत नाइट्रोजन, 25 प्रतिशत फासफोरस, 20 प्रतिशत पोटाश और 60 प्रतिशत सल्फर का नुकसान होता है। इससे जैविक पदार्थ नष्ट हो जाते हैं। मिट्टी के मित्र कीटों का नुकसान होता है। फसल अवशेष जलाने से कार्बनमोनोऑक्साइड, कार्बनडाईऑक्साइड, राख, सल्फर हाईऑक्साइड, मीथेन और अन्य अशुद्धियां उत्पन्न होती हैं। इससे वायु प्रदूषण बढ़ता है। इन्हें जलाने से भूमि की उर्वरा शक्ति कम होने के साथ-साथ भूंडलीय तापमान में बढ़ोतरी होती है तथा छोटे पौधे और वृक्ष पर आश्रित पक्षी मारे जाते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

प्रदूषण पर बोर्ड की नजर है : कमलजीत
फानों में आग लगाने वालों पर बोर्ड की कड़ी नजर है। प्रदूषण स्तर में बढ़ोतरी हुई है। खेतों में फसल कटाई चल रही है। इससे धूल उड़ रही है। ये भी एक्यूआई बढ़ने का कारण है। किसानों से अपील है कि वे फानों में आग न लगाएं। पर्यावरण का ख्याल रखें।
कमलजीत सिंह, रिजनल ऑफिसर, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed