फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Panipat News ›   d

हवालात में हमले से घायल भतीजे सुशील की मौत, परिजनों ने सिविल अस्पताल में साढ़े चार घंटे किया हंगामा

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Mon, 05 Apr 2021 12:22 AM IST
विज्ञापन
d
जमीन के विवाद में एक अप्रैल की सुबह छह बजे चाचा बलराम ने पुलिसकर्मी की लाठी चोरी कर हवालात के अंदर भतीजे सुशील का सिर फोड़ दिया था। निजी अस्पताल में 70 घंटे तक वेंटिलेटर पर मौत से जंग लड़ते हुए रविवार की सुबह चार बजे सुशील ने दम तोड़ दिया। सुशील की मौत के बाद परिजन पुलिस के साथ सुबह साढ़े 11 बजे निजी अस्पताल से शव लेकर सिविल अस्पताल पहुंचे। जहां पोस्टमार्टम होना था। इस दौरान परिजनों का हंगामा शुरू हो गया। यह हंगामा शाम को चार बजे तक चला।
विज्ञापन

परिजनों ने चाचा के साथ ही पुलिस पर हवालात में हत्या कराने का आरोप लगाया। मामले की मजिस्ट्रेट जांच कराने की मांग रखी। परिजनों ने चार पुलिसकर्मी समेत सात के खिलाफ शिकायत देकर हत्या की रिपोर्ट दर्ज करने की मांग की। डीएसपी पूजा डाबला ने परिजनों को शिकायत देने पर दोषियों पर कार्रवाई का आश्वासन दिया। जेएमआईसी कपिल की निगरानी में तीन डॉक्टर के बोर्ड ने शव का पोस्टमार्टम किया। बोर्ड में फोरेंसिक एक्सपर्ट डॉ. नारायण डबास, डॉ. केतन और डॉ. कविता शामिल रहे। पुलिस ने पोस्टमार्टम के दौरान वीडियोग्राफी कराई। विसरा जांच के लिए मधुबन भेजा गया है। जिसके बाद परिजनों ने पोस्टमार्टम हाउस से शव को उठाया और अंतिम संस्कार के लिए गांव बबैल ले गए।
विज्ञापन

जाम की चेतावनी पर हालात बिगड़ते देख बुलाई गई पुलिस फोर्स
परिजनों ने पहले पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई कर उन्हें गिरफ्तार करने की अपील की और न करने पर रोड जाम करने की चेतावनी देते हुए हंगामा करना शुरू कर दिया। परिजन सामान्य अस्पताल में ओपीडी ब्लॉक और शवगृह के बाहर बैठ गए। उन्होंने जीटी रोड पर शव रखकर रोड जाम करने की चेतावनी दी तो पुलिस महकमे में हलचल मच गई। मौके पर डीएसपी पूजा डाबला, सीआईए-1 प्रभारी राजपाल, शहर थाना प्रभारी दीपक, पुराना औद्योगिक थाना प्रभारी कमलजीत सिंह, सेक्टर 13-17 थाना प्रभारी सुनीता समेत पुलिस बल पहुंच गया।
विज्ञापन
विज्ञापन

परिजनों की ओर से पुलिस को दी गई शिकायत
गांव बबैल निवासी सुनील ने पुलिस को दी शिकायत में कहा कि उसका चाचा बलवान के साथ जमीन का विवाद चल रहा था। चाचा बलवान ने सेक्टर 13-17 थाने में उसके, छोटे भाई सुशील (37), मां शकुंतला और पत्नी मंजू के खिलाफ जमीन की जुताई करने की शिकायत दी थी। गत 30 मार्च को एएसआई अनूप ने फोन कर सुशील को थाने बुलाया था। 31 मार्च को सुशील दादा अजीत सिंह और चचेरे भाई कृष्ण को साथ लेकर थाने गया। थाने में समझौते को लेकर बात हुई, लेकिन चाचा नहीं माना। चाचा और सुशील में झगड़ा हो गया। जिस पर एएसआई अनूप सिंह ने चाचा और भाई सुशील को हिरासत में ले लिया। हवालात में पहले से ही उनके गांव का रहने वाला एक युवक बंद था। देर रात चार और आरोपियों को हवालात में बंद किया गया। एक अप्रैल की सुबह पुलिस चार आरोपियों को मेडिकल कराने के लिए ले गई, जबकि गांव निवासी युवक को सुबह टॉयलेट के लिए लेकर गई। हवालात में चाचा बलवान और सुशील ही थे। बलवान ने पुलिस की लाठी लेकर सोते हुए सुशील के सिर पर ताबड़तोड़ कई वार किए और मरा समझकर कपड़े से ढक दिया।
शिकायत में चार पुलिसकर्मियों पर रुपये लेकर थाने में बुलाने का आरोप
बड़े भाई सुनील और गांव निवासियों ने आरोप लगाया कि एएसआई अनूप सिंह, हवलदार रकम सिंह, कांस्टेबल विकास और राकेश ने चाचा बलवान और उसके बेेटे अजीत, मंजीत से रुपये लिए और सुशील को साजिश के तहत थाने बुलाया। दोनों पक्षों में रंजिश का पता होने के बावजूद सुशील और चाचा बलवान को साथ रखा। पुलिसकर्मियों ने साजिश के तहत चाचा को सुशील की हत्या करने का मौका दिया।
मजिस्ट्रेट जेएआईसी कपिल और सीआईए वन प्रभारी कर रहे जांच
डीएसपी पूजा डाबला ने बताया कि मामले की जांच मजिस्ट्रेट जेएमआईसी कपिल की ओर से की जा रही है। एसपी शशांक कुमार सावन ने सेक्टर 13-17 थाने में हुई वारदात की जांच करने की जिम्मेदारी सीआईए-1 प्रभारी राजपाल सिंह को सौंप दी है। वहीं लापरवाही बरतने पर एएसआई अनूप सिंह और हवलदार रकम सिंह को एसपी शशांक कुमार सावन ने सस्पेंड कर दिया था। वहीं आरोपी चाचा बलवान को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है।
थाने में ही हत्या होने लगी तो पीड़ित कहां सुरक्षित : मंजू
मृतक की भाभी मंजू ने कहा कि थाने में पीड़ित फरियाद लेकर जाता है। जब थाने में ही पीड़ित की साजिश के तहत बुलाकर हत्या कर दी जाती है तो आमजन सुरक्षित कहां है। पीड़ित अपनी फरियाद लेकर कहां जाए।

पंचायत ने सुबह पेश करने की ली थी जिम्मेदारी : जगबीर
गांव निवासी जगबीर ने बताया कि सुशील को पुलिस हिरासत में लेने के बाद 31 मार्च की शाम साढ़े छह बजे गांव के मुख्य लोग इकट्ठा होकर थाने गए थे और सुशील को छोड़ने की अपील की थी। पुलिसकर्मियों को आश्वासन दिया कि वह सुबह सुशील को थाने में पेश कर देंगे, लेकिन पुलिसकर्मी नहीं माने।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed