{"_id":"6068b8b58ebc3e591536f001","slug":"d-panipat-news-knl6612325","type":"story","status":"publish","title_hn":"स्वच्छ सर्वेक्षण में शहर के लोगों ने खोली निगम शौचालयों की पोल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
स्वच्छ सर्वेक्षण में शहर के लोगों ने खोली निगम शौचालयों की पोल
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स्वच्छ सर्वेक्षण-2021 का ओडीएफ प्लस प्लस का निरीक्षण शनिवार को पूरा हो चुका है। सर्वे टीम ने शहर की 16 साइट को चेक कर लोगों से फीडबैक ली है। इस फीडबैक में शहर के लोगों ने निगम के शौचालयों की पोल टीम के सामने ही खोल दी है। हालांकि बाद में निगम अधिकारियों और मोटिवेटर्स ने अन्य शहरवासियों से सही फीडबैक दिलवाने का काम भी किया। निगम के बदहाल शौचालयों की कहानी जब शहरवासियों ने सुनाई तो सर्वेक्षण टीम को भी निगम के प्रयासों का अंदाजा हो गया। अब ये माना जा रहा है कि इस बार सर्वे में निगम की ओडीएफ प्लस-प्लस की रैंकिंग गिर सकती है।
सर्वे में शहर के लोगों ने टीम को बताया कि अब शौचालयों के बाहर बोर्ड चस्पा कर बताया जा रहा है कि ये शौचालय सुबह 5 से लेकर रात 10 बजे तक खुलते हैं। जबकि हकीकत में इनकी कोई टाइमिंग ही नहीं है। आज तक सुबह 5 बजे इनको खुला नही देखा और न ही रात 10 बजे तक खुले मिले हैं। कागजों में दिखाई जा रही टाइमिंग का उल्टा हो रहा है। ये सुबह के 5 बजे खुलते नहीं बल्कि 10 बजे खुलते हैं। रात के 10 बजे नहीं बल्कि शाम 5 बजे ही बंद हो जाते हैं।
सर्वे टीम से कहा- नगर निगम कार्यालय में जाकर भी शौचालयों का करें दौरा
लोगों ने फीडबैक में सर्वे टीम से कहा कि अगर सर्वेक्षण की हकीकत जाननी है तो नगर निगम कार्यालय के शौचालयों का दौरा करना चाहिए। सबसे गंदे नगर निगम के शौचालय हैं, जिन पर पूरे शहर के शौचालयों को साफ रखने की जिम्मेदारी है। पानी की व्यवस्था तक नहीं है। सीट तक टूटी पड़ी हैं।
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कल तक था जो सामान, शनिवार को नहीं मिला
स्वच्छ सर्वेक्षण टीम को दिखाने के लिए जो सामान कल तक शौचालयों के अंदर रखा गया था, वह शनिवार को गायब मिला। निगम के ठेकेदार के कर्मचारी सामान रखते ही उठा लेते हैं। शौचालयों में फीडबैक के लिए मशीन नहीं बल्कि फोन नंबर दिए गए हैँ। इन पर फोन करके बेशक औसत फीडबैक दिया जाए, ये इसे अच्छा ही दिखाते हैं।
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सर्वे में शहर के लोगों ने टीम को बताया कि अब शौचालयों के बाहर बोर्ड चस्पा कर बताया जा रहा है कि ये शौचालय सुबह 5 से लेकर रात 10 बजे तक खुलते हैं। जबकि हकीकत में इनकी कोई टाइमिंग ही नहीं है। आज तक सुबह 5 बजे इनको खुला नही देखा और न ही रात 10 बजे तक खुले मिले हैं। कागजों में दिखाई जा रही टाइमिंग का उल्टा हो रहा है। ये सुबह के 5 बजे खुलते नहीं बल्कि 10 बजे खुलते हैं। रात के 10 बजे नहीं बल्कि शाम 5 बजे ही बंद हो जाते हैं।
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सर्वे टीम से कहा- नगर निगम कार्यालय में जाकर भी शौचालयों का करें दौरा
लोगों ने फीडबैक में सर्वे टीम से कहा कि अगर सर्वेक्षण की हकीकत जाननी है तो नगर निगम कार्यालय के शौचालयों का दौरा करना चाहिए। सबसे गंदे नगर निगम के शौचालय हैं, जिन पर पूरे शहर के शौचालयों को साफ रखने की जिम्मेदारी है। पानी की व्यवस्था तक नहीं है। सीट तक टूटी पड़ी हैं।
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कल तक था जो सामान, शनिवार को नहीं मिला
स्वच्छ सर्वेक्षण टीम को दिखाने के लिए जो सामान कल तक शौचालयों के अंदर रखा गया था, वह शनिवार को गायब मिला। निगम के ठेकेदार के कर्मचारी सामान रखते ही उठा लेते हैं। शौचालयों में फीडबैक के लिए मशीन नहीं बल्कि फोन नंबर दिए गए हैँ। इन पर फोन करके बेशक औसत फीडबैक दिया जाए, ये इसे अच्छा ही दिखाते हैं।