{"_id":"5fe7999e8ebc3e3e751c8a66","slug":"d-panipat-news-knl555487125","type":"story","status":"publish","title_hn":"2017 से 15 से ज्यादा फर्जी फर्म बनाई, सर्कुलर ट्रेडिंग के जरिए काटे करोड़ों रुपये के सैंकड़ों फर्जी बिल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
2017 से 15 से ज्यादा फर्जी फर्म बनाई, सर्कुलर ट्रेडिंग के जरिए काटे करोड़ों रुपये के सैंकड़ों फर्जी बिल
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105 करोड़ के फर्जी बिल काटने और 19.25 करोड़ की जीएसटी चोरी करने के आरोप में मोहित बठला को सीजीएसटी टीम ने कोर्ट में पेश कर न्यायिक हिरासत में भिजवा दिया है। अब तक सीजीएसटी टीम द्वारा की गई रेड में सामने आया है कि तारकोल व्यापारी मोहित बठला ने अपने परिवार के ही तीन सदस्यों के नाम पर तीन अलग-अलग फर्म बनाई हुई थी, इन पर करोड़ों रुपये फर्जी बिल काटने के साथ 6 करोड़ से ज्यादा टैक्स चोरी का आरोप है। इसके अलावा मोहित बठला ने टैक्स प्रणाली में वैट जाने के बाद जीएसटी आने के बाद 2017 से लेकर 2020 तक तीन साल के बीच में 15 से ज्यादा फर्जी फर्म बनाई और धड़ाधड़ करोड़ों के फर्जी बिल काटने शुरू कर दिए। अपने टैक्स को बचाने के लिए मोहित ने झूठा आईटीसी यानी इनुपट टैक्स क्रेडिट क्लेम तक कर दिया।
सारा काम सर्कुलर ट्रेडिंग के जरिए आराम से किया जा रहा था। जिसमें फर्जी बिलों के सर्कुलर में आई कई फर्मों के बीच सौ करोड़ से भी ज्यादा की लेन-देनदारी हुई। जिसका करीब सवा 19 करोड़ जीएसटी सरकार से छिपाया गया और सेंट्रल जीएसटी टीम ने छापा मार कर इस धर लिया। इस मामले में प्रदेश व कई जिलों की फर्मों पर भी आंच आ सकती है। माना जा रहा है कि ये जीएसटी फर्जीवाड़ा भी पिछले साल हजार करोड़ के फर्जीवाड़े की तरह बड़े स्तर पर सामने आ सकता है।
वहीं शहर के बड़े नामी-गिरामी लोग एवं उनकी फर्में भी इस चक्कर में फंस सकती हैं। सीजीएसटी टीम ने इन फर्जी बिलों व जीएसटी नंबर के आधार पर उनका भी रिकार्ड खंगालना शुरू कर दिया है। इससे शहर भर के व्यापारियों में हड़कंप मच गया है। इस मामले में कुछ शहर व प्रदेश के दिग्गज लोगों का भी नाम जीएसटी की लिस्ट में आया है। हालांकि अब तक किसी भी जीएसटी या सीजीएसटी टीम के अधिकारी ने आगामी कार्रवाई के बारे में कुछ भी बोलने से मना किया है।
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शुरू में सोचा स्टेट टीम हैं, इसलिए हलके में ले गया बठला
सीजीएसटी की रेड में मोहित बठला अगले दिन शुक्रवार को अपने कार्यालय पर पहुंचा। उसने सोचा कि ये टीम स्टेट लेवल की टीम है, इसलिए उसने टीम को बेहद हलके में लिया और टीम को कॉपरेट तक नहीं किया। इसके बाद जब उसे पता चला कि ये टीम सेंट्रल लेवल से है और उसका पाला सीजीएसटी के संयुक्त आयुक्त से पड़ा है तो उसके पास सच बोलने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचा।
कोविड-19 के कारण पानीपत से करनाल जेल में किया शिफ्ट
सीजीएसटी टीम ने शनिवार शाम को मोहित बठला को पानीपत कोर्ट में पेश किया, यहां से न्यायिक हिरासत में उसे पानीपत जेल भेजने के आदेश दिए गए। पानीपत जेल में कोविड-19 के नियमों को लेकर उसे यहां नहीं रखा जा सका। इसके बाद उसे करनाल जेल में शिफ्ट किया गया है।
सीजीएसटी ने मांगा था 14 दिन का रिमांड
मोहित बठला को कोर्ट में पेश करने के बाद सीजीएसटी टीम के अधिकारियों ने मोहित बठला से पूछताछ के लिए कोर्ट से 14 दिन का रिमांड मांगा था, लेकिन यह समयावधि उन्हें नहीं मिल पाई। इसके बाद उन्हें तीन दिन के रिमांड की मोहलत मिली।
हमार कोई कसूर नहीं : बठला
मोहित बठला के पिता अशोक बठला ने कहा कि उनका कोई कसूर नहीं है। अगर उनकी कोई टैक्स लायबिल्टि बनती है तो वे उसे भरने के लिए तैयार हैं। वे 29 तारीख को कोर्ट में याचिका दायर कर बेटे मोहित की जमानत के लिए अर्जी लगाएंगे।
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सारा काम सर्कुलर ट्रेडिंग के जरिए आराम से किया जा रहा था। जिसमें फर्जी बिलों के सर्कुलर में आई कई फर्मों के बीच सौ करोड़ से भी ज्यादा की लेन-देनदारी हुई। जिसका करीब सवा 19 करोड़ जीएसटी सरकार से छिपाया गया और सेंट्रल जीएसटी टीम ने छापा मार कर इस धर लिया। इस मामले में प्रदेश व कई जिलों की फर्मों पर भी आंच आ सकती है। माना जा रहा है कि ये जीएसटी फर्जीवाड़ा भी पिछले साल हजार करोड़ के फर्जीवाड़े की तरह बड़े स्तर पर सामने आ सकता है।
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वहीं शहर के बड़े नामी-गिरामी लोग एवं उनकी फर्में भी इस चक्कर में फंस सकती हैं। सीजीएसटी टीम ने इन फर्जी बिलों व जीएसटी नंबर के आधार पर उनका भी रिकार्ड खंगालना शुरू कर दिया है। इससे शहर भर के व्यापारियों में हड़कंप मच गया है। इस मामले में कुछ शहर व प्रदेश के दिग्गज लोगों का भी नाम जीएसटी की लिस्ट में आया है। हालांकि अब तक किसी भी जीएसटी या सीजीएसटी टीम के अधिकारी ने आगामी कार्रवाई के बारे में कुछ भी बोलने से मना किया है।
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शुरू में सोचा स्टेट टीम हैं, इसलिए हलके में ले गया बठला
सीजीएसटी की रेड में मोहित बठला अगले दिन शुक्रवार को अपने कार्यालय पर पहुंचा। उसने सोचा कि ये टीम स्टेट लेवल की टीम है, इसलिए उसने टीम को बेहद हलके में लिया और टीम को कॉपरेट तक नहीं किया। इसके बाद जब उसे पता चला कि ये टीम सेंट्रल लेवल से है और उसका पाला सीजीएसटी के संयुक्त आयुक्त से पड़ा है तो उसके पास सच बोलने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचा।
कोविड-19 के कारण पानीपत से करनाल जेल में किया शिफ्ट
सीजीएसटी टीम ने शनिवार शाम को मोहित बठला को पानीपत कोर्ट में पेश किया, यहां से न्यायिक हिरासत में उसे पानीपत जेल भेजने के आदेश दिए गए। पानीपत जेल में कोविड-19 के नियमों को लेकर उसे यहां नहीं रखा जा सका। इसके बाद उसे करनाल जेल में शिफ्ट किया गया है।
सीजीएसटी ने मांगा था 14 दिन का रिमांड
मोहित बठला को कोर्ट में पेश करने के बाद सीजीएसटी टीम के अधिकारियों ने मोहित बठला से पूछताछ के लिए कोर्ट से 14 दिन का रिमांड मांगा था, लेकिन यह समयावधि उन्हें नहीं मिल पाई। इसके बाद उन्हें तीन दिन के रिमांड की मोहलत मिली।
हमार कोई कसूर नहीं : बठला
मोहित बठला के पिता अशोक बठला ने कहा कि उनका कोई कसूर नहीं है। अगर उनकी कोई टैक्स लायबिल्टि बनती है तो वे उसे भरने के लिए तैयार हैं। वे 29 तारीख को कोर्ट में याचिका दायर कर बेटे मोहित की जमानत के लिए अर्जी लगाएंगे।