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Panipat News: सिक्किम और उत्तराखंड की दिखी संस्कृति

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Thu, 24 Oct 2024 04:21 AM IST
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Culture of Sikkim and Uttarakhand seen
पानीपत। एसडी पीजी कॉलेज में एनएसएस के राष्ट्रीय एकता शिविर के तीसरे दिन बुधवार को सिक्किम, उत्तराखंड और मध्य प्रदेश के स्वयंसेवकों ने सांस्कृतिक कार्यक्रमों की मोहक प्रस्तुति दी। स्वयंसेवकों ने एक दूसरे सांस्कृतिक परंपराओं और कलाओं के बारे में जाना। इसके साथ एक दूसरे प्रदेशों के खान-पान और संस्कृति को लेकर भी विचार साझा किए। शिविर में 17 प्रदेशों के करीब दो हजार स्वयंसेवक शामिल हुए।
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प्रात:कालीन सत्र में स्वयंसेवकों को योग और व्यायाम कराया गया। एनएसएस अधिकारियों ने इसके बारे में विस्तार से बताया। दूसरे सत्र में कैंसर के कारण और इसके बचाव के बारे में बताया गया। मुख्य वक्ता कंसलटेंट सर्जिकल ऑन्कोलॉजी डॉ. नमित कालरा और प्रिवेंटिव ऑन्कोलॉजी डॉ. अजय डबास रहे। डॉ. नमित कालरा ने कैंसर और इसकी रोकथाम विषय पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने कहा कि धूम्रपान, तंबाकू, सुपारी, पान-मसाला, गुटका व शराब आदि के सेवन कैंसर का खतरा बढ़ता है। कुछ लोग ज्यादा तला, भूना भोजन करते हैं। वहीं कुछ लोग तेल को बार-बार गर्म कर प्रयोग में लाते हैं। इन सबके चलते कैंसर हो सकता है। वजन का बढ़ना, नियमित व्यायाम न करना, प्रदूषण के चलते भी कैंसर हो सकता है । प्रारंभिक अवस्था में कैंसर का निदान काफी हद तक कामयाब है। लोगों को इन सबको लेकर गंभीर होने की जरूरत है।
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डॉ. अजय दबास ने कैंसर का इलाज और स्वास्थ्य बीमा के फायदे के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि कैंसर वैश्विक रोग है। जो किसी भी उम्र में हो सकता है। कुछ लोग कैंसर को सजा पाने के बराबर मानते हैं। जबकि ज्यादातर कैंसर उपचार योग्य है। हमें फास्ट फूड की जगह पोषक भोजन खाना चाहिए। उन्होंने यहां बेटी की डोली बाद में उठाओ पहले कैंसर प्रतिरोधी वैक्सीन लगवाओ का नारा भी दिया। सामाजिक विचारक राजेश गोयल विशिष्ट अतिथि रहे। कैंप समन्वयक डॉ. आनंद कुमार कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय ने दूसरे सत्र में व्याख्यान दिया। राजेश गोयल ने कहा कि राष्ट्रीय एकता शिविर का हिस्सा बनने से युवाओं को अत्यंत लाभ मिलते हैं। न सिर्फ युवा अपने टैलेंट का प्रदर्शन करते है बल्कि दूसरे राज्यों से आये कार्यकर्ताओं से मिलकर उनके व्यक्तित्व में भी निखर आता है।
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सायंकालीन सत्र की सांस्कृतिक गतिविधियों में सिक्किम, उत्तराखंड और मध्य प्रदेश से आए एनएसएस स्वयंसेवकों ने अपनी प्रस्तुति दी। यह देखकर हर कोई गदगद हो गया। इसके साथ भाषण और गायन प्रतियोगिता कराई गई। भाषण में निर्णायक डॉ. गोपाल लकुम (गुजरात), प्रो. नागेंद्र कुमार (झारखंड) और डॉ. शशिकला कुमारी (बिहार) रही। जबकि गायन में प्रो.. फारुख अहमद वनी (जम्मू एवं कश्मीर), प्रो. आरती दुबे (मध्य प्रदेश) और प्रो. यूपेश कुमार (छत्तीसगढ़) रहे। डॉ. राकेश गर्ग ने साइबर अपराध के बारे में विस्तार से बताया। इससे पहले कॉलेज के प्राचार्य डॉ. अनुपम अरोड़ा और कार्यक्रम अधिकारी डॉ. राकेश गर्ग ने मेहमानों का स्वागत किया। मंच संचालन डॉ. संतोष कुमारी ने किया। इस अवसर पर डॉ. तेनजिन नोर्जोम भूटिया, डॉ. शशीकला कुमारी, डॉ. एन मंजू भार्गवी, डॉ. परमिंदर कौर और डॉ. एसके वर्मा उपस्थित रहे।
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