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पसीना खुर्द गांव के पंच की हत्या, सरपंच के भाई समेत चार पर केस
अमर उजाला ब्यूरो, पानीपत।
Updated Thu, 20 Apr 2017 12:11 AM IST
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गांव पसीना खुर्द में वार्ड सात के पंच की मंगलवार देर रात मौत हो गई। वह सरपंच के अधिकतर काम तक देखता था। परिजनों को पंच के अंतिम संस्कार की तैयारी करते समय शरीर पर चोट के निशान दिखे तो उन्हें हत्या की आशंका हुई। इसके बाद परिजनों ने संस्कार प्रक्रिया रोक दी। उन्होंने गांव के सरपंच के भाई समेत चार लोगों पर हत्या का आरोप लगाया। उन्होंने जमीनी विवाद को हत्या का कारण बताया। सूचना पर डीएसपी मुख्यालय जगदीप दूहन, थाना चांदनी बाग प्रभारी संदीप कुमार और एफएसएल की टीम मौके पर पहुंच गई। उन्होंने शव को सिविल अस्पताल के शवगृह भिजवा दिया। कार्रवाई के दौरान एक पुलिसकर्मी ने सरपंच की मौत को हादसा बताया तो परिजन बिफर गए। दूसरी तरफ डॉक्टरों ने मामला संदिग्ध देख शव को रोहतक रेफर कर दिया। अब शव का पोस्टमार्टम वीरवार को रोहतक पीजीआई में होगा। थाना चांदनी बाग पुलिस ने परिजनों के बयान के आधार पर पसीना खुर्द के सरपंच के भाई सहित चार लोगों पर हत्या का केस दर्ज कर लिया है।
गांव पसीना खुर्द निवासी कृष्ण (36) वार्ड सात से पंच था। परिजनों ने बताया कि मंगलवार शाम सरपंच महेंद्र पसीना का भाई सेठपाल, पसीना खुर्द निवासी बलिंद्र, गांव बाल पबाना करनाल निवासी अनिल और एक अन्य कृष्ण को घर से बुलाकर अपने साथ ले गए। इसके बाद वे ट्रेक्टर-ट्रॉली से पानीपत अनाज मंडी पहुंचे। आरोप है कि इन लोगों ने पानीपत अनाज मंडी में कृष्ण को पहले खूब शराब पिलाई। अंधेरा होने के बाद ये लोग ट्रैक्टर-ट्रॉली से गांव के लिए चले। गांव सिवाह से पसीना खुर्द जाने वाले रास्ते पर किसी बात को लेकर सभी में कहासुनी हो गई। इस पर आरोपियों ने कृष्ण को धक्का दे दिया। इससे वह ट्रैक्टर से नीचे गिर पड़ा। आरोप है कि आरोपियों ने उसके साथ मारपीट की और उसे ट्रैक्टर के साथ बांधकर घसीटा। बाद में हत्या को हादसा दिखाने के लिए आरोपियों ने ट्रैक्टर को सड़क से नीचे उतार दिया। साथ ही आरोपियों ने गांव से बाइक मंगवाकर कृष्ण को शहर के एक निजी अस्पताल पहुंचाया। वहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
‘अस्पताल पहुंचने तक हो चुकी थी मौत’
परिजनों का कहना है कि वे लोग जब अस्पताल पहुंचे तो कृष्ण की मौत हो चुकी थी। इसके बाद शव को अंतिम संस्कार के लिए गांव ले जाया गया। परिजनों का कहना है कि आरोपियों ने अंतिम संस्कार की तैयारी तक करवा दी थी, लेकिन शरीर पर लगी चोटों को देखने के बाद रिश्तेदारों को हत्या का संदेह हुआ और इसकी सूचना पुलिस को दी।
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पुलिसकर्मी ने हादसा परिजन बोले हत्या, कहासुनी हुई
सिविल अस्पताल में बुधवार को कृष्ण के शव को पोस्टमार्टम के लिए लाया गया। पुलिस परिजनों के बयान दर्ज कर रहे थे। परिजनों ने आरोप लगाया कि कृष्ण की हादसे में मौत नहीं हुई, जबकि उसकी हत्या की गई है। इसी बीच सिविल ड्रेस में एक पुलिसकर्मी पहुंचा और कृष्ण की मौत सड़क हादसे में होने की बात कही। इस पर परिजन बिफर गए और पुलिसकर्मी व परिजनों के साथ काफी देर तक कहासुनी हुई। पुलिस ने परिजनों के बयानों के आधार पर पसीना खुर्द के सरपंच महेंद्र के भाई सेठपाल, बलिंद्र, बलिंद्र के रिश्तेदार गांव बाल पबाना निवासी अनिल को नामजद कर एक अन्य के खिलाफ हत्या का केस दर्ज किया। इन सबके बीच सिविल अस्पताल में डॉक्टरों ने कृष्ण के शरीर पर लगी चोटों को देखते हुए मामला संदिग्ध मानकर शव को पोस्टमार्टंम के लिए रोहतक पीजीआई भेज दिया।
सरपंच ने लगाए गए हत्या के आरोपों को नकारा
गांव के सरपंच महेंद्र पसीना ने कहा कि यह हादसा है। परिजनों के हत्या के आरोप बेबुनियाद हैं। मंगलवार को कृष्ण बलिंद्र के ट्रैक्टर पर गेहूं झराई करने के लिए पानीपत की अनाज मंडी पहुंचे थे। बलिंद्र का रिश्तेदार अनिल और एक अन्य भी उनके साथ थे। गेहूं झराई के बाद ये लोग गांव लौट रहे थे। ट्रैक्टर बलिंद्र चला रहा था। रास्ते में अचानक सड़क किनारे गड्ढे में ट्रैक्टर चला गया। इससे कृष्ण और अनिल ट्रैक्टर से नीचे गिर गए। हादसे में दोनों गंभीर रूप से घायल हो गए। दोनों को उपचार के लिए शहर के एक निजी अस्पताल ले गए थे। इसकी सूचना कृष्ण के परिजनों को भी दी थी। मंगलवार को वह कैथल में शादी समारोह में थे। रात साढ़े दस बजे उन्हें हादसे की सूचना मिली। वह अस्पताल पहुंचे तब तक कृष्ण की मौत हो चुकी थी। इसके बाद वे लोग अस्पताल से शव गांव में ले आए।
पंचायत कार्यों में देता था सहयोग
सरपंच महेंद्र पसीना ने बताया कि कृष्ण वार्ड सात से पंच था और उनके सबसे नजदीकी भी था। पंचायत के कामकाज कराने में वह पूरा सहयोग देता था। कृष्ण पंच ही नहीं, उसका दोस्त भी था। कृष्ण की मौत से उन्हें गहरा सदमा पहुंचा है। गांव में उसकी किसी के साथ कहासुनी भी नहीं थी। दुश्मनी का तो सवाल ही नहीं है।
पुरानी रंजिश मान रहे कारण
कृष्ण के परिजनों का आरोप है कि करीब तीन पीढ़ी पहले पौने एकड़ जमीन को लेकर सरपंच के परिवार के साथ उनका झगड़ा चल रहा था। करीब चार-पांच साल पहले कृष्ण कोर्ट से उस केस को जीत चुका था। आरोप है कि आरोपी इस वजह से उससे रंजिश पाले हुए थे। उसी रंजिश के तहत इस वारदात को अंजाम दिया गया है।
बड़े भाई की भी इसी रास्ते पर हुई थी मौत
कृष्ण तीन बहनों और दो भाइयों में छोटा था। बड़े भाई की 14 साल पहले इसी सड़क पर हुई एक दुर्घटना में मौत हो चुकी है। तीन बड़ी बहनों की भी शादी हो चुकी है। बड़े भाई के एक लड़का और एक लड़की है। कृष्ण को दस साल का एक लड़का हर्ष है। बड़े भाई की मौत के बाद दोनों परिवारों की जिम्मेदारी कृष्ण के कंधों पर ही थी।
गांव पसीना खुर्द में पंच कृष्ण की मौत के मामले में परिजनों के बयान के आधार पर गांव के सेठपाल, बलिंद्र, बाल पबाना निवासी अनिल और एक अन्य के खिलाफ हत्या का केस दर्ज कर लिया है। सिविल अस्पताल से शव को रोहतक पीजीआई रेफर कर दिया है। रोहतक पीजीआई में वीरवार को शव का पोस्टमार्टम करवाया जाएगा। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर आगामी कार्रवाई की जाएगी।
संदीप कुमार, थाना प्रभारी, चांदनी बाग, पानीपत।
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गांव पसीना खुर्द निवासी कृष्ण (36) वार्ड सात से पंच था। परिजनों ने बताया कि मंगलवार शाम सरपंच महेंद्र पसीना का भाई सेठपाल, पसीना खुर्द निवासी बलिंद्र, गांव बाल पबाना करनाल निवासी अनिल और एक अन्य कृष्ण को घर से बुलाकर अपने साथ ले गए। इसके बाद वे ट्रेक्टर-ट्रॉली से पानीपत अनाज मंडी पहुंचे। आरोप है कि इन लोगों ने पानीपत अनाज मंडी में कृष्ण को पहले खूब शराब पिलाई। अंधेरा होने के बाद ये लोग ट्रैक्टर-ट्रॉली से गांव के लिए चले। गांव सिवाह से पसीना खुर्द जाने वाले रास्ते पर किसी बात को लेकर सभी में कहासुनी हो गई। इस पर आरोपियों ने कृष्ण को धक्का दे दिया। इससे वह ट्रैक्टर से नीचे गिर पड़ा। आरोप है कि आरोपियों ने उसके साथ मारपीट की और उसे ट्रैक्टर के साथ बांधकर घसीटा। बाद में हत्या को हादसा दिखाने के लिए आरोपियों ने ट्रैक्टर को सड़क से नीचे उतार दिया। साथ ही आरोपियों ने गांव से बाइक मंगवाकर कृष्ण को शहर के एक निजी अस्पताल पहुंचाया। वहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
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‘अस्पताल पहुंचने तक हो चुकी थी मौत’
परिजनों का कहना है कि वे लोग जब अस्पताल पहुंचे तो कृष्ण की मौत हो चुकी थी। इसके बाद शव को अंतिम संस्कार के लिए गांव ले जाया गया। परिजनों का कहना है कि आरोपियों ने अंतिम संस्कार की तैयारी तक करवा दी थी, लेकिन शरीर पर लगी चोटों को देखने के बाद रिश्तेदारों को हत्या का संदेह हुआ और इसकी सूचना पुलिस को दी।
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पुलिसकर्मी ने हादसा परिजन बोले हत्या, कहासुनी हुई
सिविल अस्पताल में बुधवार को कृष्ण के शव को पोस्टमार्टम के लिए लाया गया। पुलिस परिजनों के बयान दर्ज कर रहे थे। परिजनों ने आरोप लगाया कि कृष्ण की हादसे में मौत नहीं हुई, जबकि उसकी हत्या की गई है। इसी बीच सिविल ड्रेस में एक पुलिसकर्मी पहुंचा और कृष्ण की मौत सड़क हादसे में होने की बात कही। इस पर परिजन बिफर गए और पुलिसकर्मी व परिजनों के साथ काफी देर तक कहासुनी हुई। पुलिस ने परिजनों के बयानों के आधार पर पसीना खुर्द के सरपंच महेंद्र के भाई सेठपाल, बलिंद्र, बलिंद्र के रिश्तेदार गांव बाल पबाना निवासी अनिल को नामजद कर एक अन्य के खिलाफ हत्या का केस दर्ज किया। इन सबके बीच सिविल अस्पताल में डॉक्टरों ने कृष्ण के शरीर पर लगी चोटों को देखते हुए मामला संदिग्ध मानकर शव को पोस्टमार्टंम के लिए रोहतक पीजीआई भेज दिया।
सरपंच ने लगाए गए हत्या के आरोपों को नकारा
गांव के सरपंच महेंद्र पसीना ने कहा कि यह हादसा है। परिजनों के हत्या के आरोप बेबुनियाद हैं। मंगलवार को कृष्ण बलिंद्र के ट्रैक्टर पर गेहूं झराई करने के लिए पानीपत की अनाज मंडी पहुंचे थे। बलिंद्र का रिश्तेदार अनिल और एक अन्य भी उनके साथ थे। गेहूं झराई के बाद ये लोग गांव लौट रहे थे। ट्रैक्टर बलिंद्र चला रहा था। रास्ते में अचानक सड़क किनारे गड्ढे में ट्रैक्टर चला गया। इससे कृष्ण और अनिल ट्रैक्टर से नीचे गिर गए। हादसे में दोनों गंभीर रूप से घायल हो गए। दोनों को उपचार के लिए शहर के एक निजी अस्पताल ले गए थे। इसकी सूचना कृष्ण के परिजनों को भी दी थी। मंगलवार को वह कैथल में शादी समारोह में थे। रात साढ़े दस बजे उन्हें हादसे की सूचना मिली। वह अस्पताल पहुंचे तब तक कृष्ण की मौत हो चुकी थी। इसके बाद वे लोग अस्पताल से शव गांव में ले आए।
पंचायत कार्यों में देता था सहयोग
सरपंच महेंद्र पसीना ने बताया कि कृष्ण वार्ड सात से पंच था और उनके सबसे नजदीकी भी था। पंचायत के कामकाज कराने में वह पूरा सहयोग देता था। कृष्ण पंच ही नहीं, उसका दोस्त भी था। कृष्ण की मौत से उन्हें गहरा सदमा पहुंचा है। गांव में उसकी किसी के साथ कहासुनी भी नहीं थी। दुश्मनी का तो सवाल ही नहीं है।
पुरानी रंजिश मान रहे कारण
कृष्ण के परिजनों का आरोप है कि करीब तीन पीढ़ी पहले पौने एकड़ जमीन को लेकर सरपंच के परिवार के साथ उनका झगड़ा चल रहा था। करीब चार-पांच साल पहले कृष्ण कोर्ट से उस केस को जीत चुका था। आरोप है कि आरोपी इस वजह से उससे रंजिश पाले हुए थे। उसी रंजिश के तहत इस वारदात को अंजाम दिया गया है।
बड़े भाई की भी इसी रास्ते पर हुई थी मौत
कृष्ण तीन बहनों और दो भाइयों में छोटा था। बड़े भाई की 14 साल पहले इसी सड़क पर हुई एक दुर्घटना में मौत हो चुकी है। तीन बड़ी बहनों की भी शादी हो चुकी है। बड़े भाई के एक लड़का और एक लड़की है। कृष्ण को दस साल का एक लड़का हर्ष है। बड़े भाई की मौत के बाद दोनों परिवारों की जिम्मेदारी कृष्ण के कंधों पर ही थी।
गांव पसीना खुर्द में पंच कृष्ण की मौत के मामले में परिजनों के बयान के आधार पर गांव के सेठपाल, बलिंद्र, बाल पबाना निवासी अनिल और एक अन्य के खिलाफ हत्या का केस दर्ज कर लिया है। सिविल अस्पताल से शव को रोहतक पीजीआई रेफर कर दिया है। रोहतक पीजीआई में वीरवार को शव का पोस्टमार्टम करवाया जाएगा। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर आगामी कार्रवाई की जाएगी।
संदीप कुमार, थाना प्रभारी, चांदनी बाग, पानीपत।