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Panipat: युवक की हत्या को हादसा दिखाया, SHO और IO सस्पेंड और SI लाइन हाजिर
Fri, 12 Jan 2024 09:52 PM IST
भूपेंद्र सिंह
अमर उजाला ब्यूरो, पानीपत (हरियाणा)
अमर उजाला ब्यूरो, पानीपत (हरियाणा)
Published by: भूपेंद्र सिंह
Updated Fri, 12 Jan 2024 09:52 PM IST
सार
18 दिसंबर की रात को बबैल रोड पर भारत नगर के पास वेटर ने अपने साथियों के साथ मिलकर कबाड़ी की हत्या की थी। कबाड़ी के दोस्त के सामने उसको पीटा गया था, पुलिस ने मौत का दूसरा कारण दिखाया। पोस्टमार्टम में कबाड़ी की मौत का कारण छाती में गंभीर चोट लगना पाया गया।
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एसपी अजीत सिंह शेखावत। मृतक आरिफ का फाइल फोटो।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
हरियाणा के पानीपत में खाकी पर एक बार फिर दाग लग गए। थाना चांदनी बाग पुलिस के एक जांच अधिकारी ने पैसे के लिए कबाड़ी की हत्या को हादसा करार दे दिया और परिजनों का आरोप है कि पांच लाख रुपये देने का भरोसा देकर आरोपियों से करीब 15 लाख रुपये लेकर मामला रफा दफा कर दिया। पुलिस ने इसमें 174 की कार्रवाई भी कर दी।
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परिजनों ने मारपीट की वीडियो व अन्य सबूत पुलिस के आला अधिकारियों को दिखाए तो मामला खुल गया। पुलिस अधीक्षक ने चांदनी बाग थाना प्रभारी इंस्पेक्टर कर्मबीर सिंह और जांच अधिकारी एएसआई सतीश कुमार को सस्पेंड कर दिया है। वहीं इसी मामले में एसपी ने अपने सिक्योरिटी इंचार्ज एसआई बलविंद्र को लाइन हाजिर कर दिया है।
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इन पर वारदात की सूचना मिलने पर इसको अमल करने में देरी करने का आरोप है। पुलिस ने कबाड़ी की मौत का कारण घर में सीढ़ियों से गिरना दिखाया था। थाना प्रभारी और जांच अधिकारी के खिलाफ भ्रष्टाचार की धाराओं में मुकदमा दर्ज करने की तैयारी है।
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भारत नगर निवासी मृतक आरिफ के परिजनों ने पुलिस अधिकारियों को लिखित शिकायत दी थी। उन्होंने इसके साथ एक वीडियो भी मौके का दिया था। जिसमें आरोपी आरिफ पर हमला कर रहे थे। परिजनों ने आरोप लगाया कि पुलिस ने इस मामले में उनके आरोपों को दरकिनार कर आरोपियों को बचा लिया। उनसे जबरदस्ती हादसा होने की बात लिखवा ली।
उनको कहा गया कि हादसे में उनको चार से पांच लाख रुपये दिलवा देंगे। पुलिस ने इसके बाद एंबुलेंस व अन्य खर्च के लिए 50 हजार रुपये मदद के लिए दे दिए। परिजनों ने संस्कार के बाद अपने स्तर पर मामले का पता लगाया तो यह हत्या निकली और उन्होंने डीजीपी और एसपी को लिखित शिकायत दी।
जांच में खुला मामला, हत्या की धारा जोड़ी
पुलिस अधीक्षक अजीत सिंह शेखावत ने सीआईए-वन से मामले की जांच कराई। सीआईए-वन प्रभारी ने मामले में आरोपियों से पूछताछ की तो वे प्राथमिक जांच में आरोपों को नकारते रहे। पुलिस ने सख्ताई से पूछताछ की तो पूरा मामला कबूल कर लिया। आरोप है कि पुलिस ने आरोपियों से करीब 15 लाख रुपये लिए थे।
इनमें से चार से पांच लाख रुपये परिजनों को देने की बात कही जा रही थी। बताया जा रहा है कि सीआईए-वन ने जांच अधिकारी एएसआई सतीश कुमार को भी इस जांच में शामिल किया। उनसे मामले में आरोपियों से लिए पैसे वापस कराए गए। इस मामले में पुलिस ने अब हत्या की धारा को भी जोड़ लिया है। फिलहाल चांदनी बाग पुलिस थाना का कार्यभार एसआई कृष्ण कुमार को सौंपा है।
यह है मामला
भारत नगर का आरिफ पेशे से कबाड़ी था। वह 18 दिसंबर की सुबह घर से काम के लिए गया था। रात को काम करने के बाद अपने दोस्त राजू के साथ खाना थाने के लिए भारत नगर के पास प्रेमी ढाबे पर गया था। यहां उसकी खाने को लेकर वेटर चौटाला से कहासुनी हो गई। आरोप है कि चौटाला ने अपने दोस्तों को बुलाकर आरिफ की बुरी तरह से पिटाई करा दी थी। आरिफ के दोस्त राजू ने भाग कर अपनी जान बचाई थी। राजू की आंखों के सामने आरिफ को बुरी तरह से पीटा गया था। सुबह आरिफ का ढाबे के पास शव मिला।
मृतक आरिफ के दोस्त राजू ने परिजनों को पूरी वारदात के बारे में बताया था। परिजनों ने पुलिस को आरोपी वेटर चौटाला के खिलाफ शिकायत दी, लेकिन पुलिस ने परिजनों की सुनवाई नहीं की। सिर्फ ढाबा के मालिक से पूछताछ कर आरोपी वेटर चौटाला को छोड़ दिया। पुलिस ने अपने पंचनामे में आरिफ की मौत का कारण सीढ़ियों से गिरना दिखाया, जबकि परिजन हत्या का आरोप लगाते रहे। परिजनों ने इस वारदात की सीसीटीवी फुटेज एसपी व डीजीपी को भेजी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में भी आरिफ की मौत का कारण छाती में लगी चोट पाया गया। मामले को रफा दफा करने के प्रयास में एसएचओ कर्मबीर, एएसआई सतीश कुमार को सस्पेंड कर दिया गया। एसआई बलविंद्र को लाइन हाजिर कर दिया गया।
वर्जन :
हत्या के एक मामले में जांच अधिकारी और थाना प्रभारी पर मिलीभगत कर हादसा करार देने की शिकायत मिली थी। इसकी जांच कराने पर मामला स्पष्ट हो गया। थाना प्रभारी कर्मबीर और जांच अधिकारी एएसआई सतीश कुमार को सस्पेंड किया गया है। एसआई बलविंद्र को लाइन हाजिर किया है। इन्होंने मामले की सही से रिपोर्ट नहीं दी। इनकी विभागीय जांच भी शुरू कर दी है। आरोपियों के खिलाफ भ्रष्टाचार अधिनियम में भी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस अधिकारियों व कर्मचारियों को पीड़ित की शिकायत की गंभीरता से जांच कर कार्रवाई करनी चाहिए। -अजीत सिंह शेखावत, एसपी पानीपत।