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करनाल के गैरेज संचालक को सीआईए ने उठाया, हाईकोर्ट से वारंट अफसर आए प्रभारी-मुंशी रिकॉर्ड ले भागे
पानीपत/अमर उजाला ब्यूरो
Updated Thu, 09 Mar 2017 12:37 AM IST
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- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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हाईकोर्ट के वारंट अफसर सीआईए-तीन में देर रात अचानक पहुंच गए। वारंट असफर ने यहां पर करनाल के सेक्टर-3 स्थित विजय मोटर्स के संचालक को उठाने के संबंध में जानकारी मांगी। बताया जा रहा है कि इसके बाद थाना प्रभारी और मुंशी रिकॉर्ड लेकर भाग गए।
वारंट अफसर ने एसपी को दो बार फोन किया लेकिन फोन नहीं उठा। डीएसपी हेड क्वार्टर इसकी सूचना मिलने पर मौके पर पहुंचे। उनके साथ सीआईए-तीन प्रभारी भी थे। लेकिन, उन्हें वारदंट ऑफिसर नहीं मिले। इसके बाद अधिकारी वारंट अफसर और करनाल निवासी व्यक्ति की तलाश में कई थानों में पहुंचे।
सीआईए-तीन ने आरोपी को मुकदमा दर्जकर गिरफ्तार करने और पैसे लेने के आरोपों को निराधार बताया है। दूसरी तरफ दावा किया जा रहा है कि पुलिस ने करनाल निवासी गैरेज संचालक को चोरी की गाड़ी बेचने के आरोप में काबू किया था। आरोप है कि पुलिस ने उसको 50 हजार रुपये लेकर एक दिन के लिए बीच में छोड़ा भी था।
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पुलिस अधिकारियों ने मामले की जांच करने की बात कही है। हाईकोर्ट के वारंट अफसर विजय गुप्ता बुधवार देर शाम को सनौली रोड स्थित सीआईए-तीन थाना में पहुंचे। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार वारंट अफसर ने पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों से पारशनाथ सिटी करनाल निवासी विशाल के बारे में जानकारी मांगी।
इसी समय थाना प्रभारी और मुंशी पूरा रिकॉर्ड लेकर थाने से भाग गए। हाईकोर्ट के वारंट अफसर और शिकायतकर्ता करनाल के पारसनाथ सिटी निवासी जयकुवार बहुत देर तक अधिकारियों का इंतजार करते रहे। थाने में तैनात मुलाजिमों के संतोषजनक जवाब न देने पर पुलिस अधीक्षक का मोबाइल नंबर लेकर संपर्क किया।
बताया जा रहा है कि एसपी ने दो बार में भी फोन नहीं उठाया। वारंट अफसर ने डीएसपी हेडक्वार्टर जगदीप दूहन को फोन कर पूरे मामले से अवगत कराया। डीएसपी हेडक्वार्टर जगदीप दूहन सूचना मिलते ही मौके पर पहुंचे। बताया जा रहा है कि उस वक्त तक वारंट अफसर थाने से जा चुका था। वे इसके बाद थाना चांदनी बाग पहुंचे, लेकिन यहां पर भी वारंट अफसर नहीं मिला।
करनाल निवासी जयकुवार का यह है आरोप
करनाल के पारशनाथ सिटी निवासी जयकुवार ने बताया कि वह पानीपत कृषि विभाग में क्वालिटी कंट्रोल अधिकारी थे और अब रिटायर हो चुके हैं। उनके लड़के विशाल का सेक्टर-3 करनाल में विजय मोटर्स के नाम से गैरेज है। वह क्षतिग्रस्त गाड़ी खरीदता है और उनको ठीक कर आगे बेचता है।
उसकी शादी 17 फरवरी को हुई थी। उन्होंने आरोप लगाया कि 25 फरवरी को उनका बेटा विशाल संदिग्ध परिस्थितियों में लापता हो गया। उन्होंने उसके अपहरण की वीटी भी कराई। उन्होंने चार घंटे तक इंतजार किया, लेकिन उसका कहीं सुराग नहीं लगा।
बाद में उन्हें पता चला कि विशाल को पानीपत सीआईए-तीन ने किसी मामले में पूछताछ के लिए उठाया है। वह 26 फरवरी को पानीपत आए, तो बताया कि विशाल को चोरी की गाड़ी बेचने के आरोप में काबू किया है। वह निष्पक्ष जांच की मांग को लेकर एसपी से मिले, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई।
परिजनों ने 50 हजार लेकर एक दिन छोड़ने का लगाया आरोप
पारशनाथ सिटी करनाल निवासी जयकुवार ने आरोप लगाया कि उन्होंने सीआईए-तीन प्रभारी को बताया कि विशाली की साली की बिजनौर में 28 फरवरी की शादी है और उसका शादी में पहुंचना बहुत जरूरी है। आरोप है कि सीआईए-तीन ने उससे इसकी एवज में 50 हजार रुपये की मांग की।
वे 50 हजार रुपये देकर विशाल को एक दिन के लिए लेकर भी गए थे। एक मार्च को फिर से विशाल को काबू कर लिया। जयकुवार को आरोप है कि पुलिस न तो उसको गिरफ्तार दिखा रही है और न ही रिहा कर रही है।
पुलिस का यह है दावा
सीआईए-तीन प्रभारी छबील सिंह ने बताया कि पुलिस ने रविंद्र निवासी बबैल को चोरी की गाड़ी के साथ गिरफ्तार किया था। उससे रिमांड के बाद चोर अन्य गाड़ी चोरी की बरामद की थी। रविंद्र ने कबूला था कि वह चोरी की गाड़ी विशाल से लेकर आया था।
उसकी शिनाख्त पर विशाल को हिरासत में लिया और उससे पूछताछ की। उसने पूछताछ में सब आरोपों को कबूला है। सीआईए-तीन ने आरोपी विशाल निवासी पारशनाथ सिटी करनाल के खिलाफ केस दर्जकर गिरफ्तार कर लिया है। उन पर 50 हजार रुपये लेकर आरोपी को एक दिन के लिए छोड़ने के सब आरोप निराधार हैं। वे न ही वारंट अफसर के आने पर रिकॉर्ड लेकर भागे हैं।
मुझे सीआईए-तीन में हाईकोर्ट से वारंट अफसर आने की सूचना मिली थी। मैं मौके पर पहुंच था। वहां वारंट अफसर और शिकायतकर्ता में से कोई भी नहीं मिला। सीआईए-तीन पर आरोपों की शिकायत मिलती है तो जांच की जाएगी। इसमें किसी तरह का आरोप साबित होता है उचित कार्रवाई की जाएगी।
जगदीप दूहन, डीएसपी हैडक्वार्टर, पानीपत।
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वारंट अफसर ने एसपी को दो बार फोन किया लेकिन फोन नहीं उठा। डीएसपी हेड क्वार्टर इसकी सूचना मिलने पर मौके पर पहुंचे। उनके साथ सीआईए-तीन प्रभारी भी थे। लेकिन, उन्हें वारदंट ऑफिसर नहीं मिले। इसके बाद अधिकारी वारंट अफसर और करनाल निवासी व्यक्ति की तलाश में कई थानों में पहुंचे।
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सीआईए-तीन ने आरोपी को मुकदमा दर्जकर गिरफ्तार करने और पैसे लेने के आरोपों को निराधार बताया है। दूसरी तरफ दावा किया जा रहा है कि पुलिस ने करनाल निवासी गैरेज संचालक को चोरी की गाड़ी बेचने के आरोप में काबू किया था। आरोप है कि पुलिस ने उसको 50 हजार रुपये लेकर एक दिन के लिए बीच में छोड़ा भी था।
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पुलिस अधिकारियों ने मामले की जांच करने की बात कही है। हाईकोर्ट के वारंट अफसर विजय गुप्ता बुधवार देर शाम को सनौली रोड स्थित सीआईए-तीन थाना में पहुंचे। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार वारंट अफसर ने पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों से पारशनाथ सिटी करनाल निवासी विशाल के बारे में जानकारी मांगी।
इसी समय थाना प्रभारी और मुंशी पूरा रिकॉर्ड लेकर थाने से भाग गए। हाईकोर्ट के वारंट अफसर और शिकायतकर्ता करनाल के पारसनाथ सिटी निवासी जयकुवार बहुत देर तक अधिकारियों का इंतजार करते रहे। थाने में तैनात मुलाजिमों के संतोषजनक जवाब न देने पर पुलिस अधीक्षक का मोबाइल नंबर लेकर संपर्क किया।
बताया जा रहा है कि एसपी ने दो बार में भी फोन नहीं उठाया। वारंट अफसर ने डीएसपी हेडक्वार्टर जगदीप दूहन को फोन कर पूरे मामले से अवगत कराया। डीएसपी हेडक्वार्टर जगदीप दूहन सूचना मिलते ही मौके पर पहुंचे। बताया जा रहा है कि उस वक्त तक वारंट अफसर थाने से जा चुका था। वे इसके बाद थाना चांदनी बाग पहुंचे, लेकिन यहां पर भी वारंट अफसर नहीं मिला।
करनाल निवासी जयकुवार का यह है आरोप
करनाल के पारशनाथ सिटी निवासी जयकुवार ने बताया कि वह पानीपत कृषि विभाग में क्वालिटी कंट्रोल अधिकारी थे और अब रिटायर हो चुके हैं। उनके लड़के विशाल का सेक्टर-3 करनाल में विजय मोटर्स के नाम से गैरेज है। वह क्षतिग्रस्त गाड़ी खरीदता है और उनको ठीक कर आगे बेचता है।
उसकी शादी 17 फरवरी को हुई थी। उन्होंने आरोप लगाया कि 25 फरवरी को उनका बेटा विशाल संदिग्ध परिस्थितियों में लापता हो गया। उन्होंने उसके अपहरण की वीटी भी कराई। उन्होंने चार घंटे तक इंतजार किया, लेकिन उसका कहीं सुराग नहीं लगा।
बाद में उन्हें पता चला कि विशाल को पानीपत सीआईए-तीन ने किसी मामले में पूछताछ के लिए उठाया है। वह 26 फरवरी को पानीपत आए, तो बताया कि विशाल को चोरी की गाड़ी बेचने के आरोप में काबू किया है। वह निष्पक्ष जांच की मांग को लेकर एसपी से मिले, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई।
परिजनों ने 50 हजार लेकर एक दिन छोड़ने का लगाया आरोप
पारशनाथ सिटी करनाल निवासी जयकुवार ने आरोप लगाया कि उन्होंने सीआईए-तीन प्रभारी को बताया कि विशाली की साली की बिजनौर में 28 फरवरी की शादी है और उसका शादी में पहुंचना बहुत जरूरी है। आरोप है कि सीआईए-तीन ने उससे इसकी एवज में 50 हजार रुपये की मांग की।
वे 50 हजार रुपये देकर विशाल को एक दिन के लिए लेकर भी गए थे। एक मार्च को फिर से विशाल को काबू कर लिया। जयकुवार को आरोप है कि पुलिस न तो उसको गिरफ्तार दिखा रही है और न ही रिहा कर रही है।
पुलिस का यह है दावा
सीआईए-तीन प्रभारी छबील सिंह ने बताया कि पुलिस ने रविंद्र निवासी बबैल को चोरी की गाड़ी के साथ गिरफ्तार किया था। उससे रिमांड के बाद चोर अन्य गाड़ी चोरी की बरामद की थी। रविंद्र ने कबूला था कि वह चोरी की गाड़ी विशाल से लेकर आया था।
उसकी शिनाख्त पर विशाल को हिरासत में लिया और उससे पूछताछ की। उसने पूछताछ में सब आरोपों को कबूला है। सीआईए-तीन ने आरोपी विशाल निवासी पारशनाथ सिटी करनाल के खिलाफ केस दर्जकर गिरफ्तार कर लिया है। उन पर 50 हजार रुपये लेकर आरोपी को एक दिन के लिए छोड़ने के सब आरोप निराधार हैं। वे न ही वारंट अफसर के आने पर रिकॉर्ड लेकर भागे हैं।
मुझे सीआईए-तीन में हाईकोर्ट से वारंट अफसर आने की सूचना मिली थी। मैं मौके पर पहुंच था। वहां वारंट अफसर और शिकायतकर्ता में से कोई भी नहीं मिला। सीआईए-तीन पर आरोपों की शिकायत मिलती है तो जांच की जाएगी। इसमें किसी तरह का आरोप साबित होता है उचित कार्रवाई की जाएगी।
जगदीप दूहन, डीएसपी हैडक्वार्टर, पानीपत।