फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Panipat News ›   panipat, farmer, agriculture, crop, yamuna, destroy, up

यूपी के किसानों ने यमुना के अंदर खड़ी फसल बर्बाद की

Fri, 25 Nov 2016 12:09 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला/ पानीपत
ब्यूरो/अमर उजाला/ पानीपत Updated Fri, 25 Nov 2016 12:09 AM IST
विज्ञापन
panipat, farmer, agriculture, crop, yamuna, destroy, up
पानीपत - फोटो : bureau
यमुना नदी के अंदर की उपजाऊ भूमि पर 40 वर्षों से चला आ रहा हरियाणा और यूपी के किसानों का विवाद थम नहीं रहा। दोनों प्रदेशों के किसानों में विवादित यमुना भूमि पर खेती करने को लेकर तनाव बना रहता है। बुधवार रात को यूपी के किसानों ने यमुना नदी में घुसकर हरियाणा के किसानों की 31 एकड़ फसल बर्बाद कर दी।
विज्ञापन


हरियाणा के किसानों ने इसकी शिकायत पानीपत के प्रशासनिक अधिकारियों से की है। प्रशासनिक अधिकारी बर्बाद फसल की रिपोर्ट तैयार करने में जुट गए हैं। यूपी के किसानों ने गांव नन्हेड़ा निवासी महिपाल और संसार की 31 एकड़ में खड़ी गेहूं और दूसरी फसल बर्बाद कर दी।
विज्ञापन


इससे क्षेत्र में तनाव फैल गया। गांव नन्हेड़ा निवासी किसान महिपाल ने बताया कि यमुना नदी के अंदर उन्होंने 300 एकड़ शामलात देह की भूमि को चार लाख रुपये देकर बोली पर छुड़वाया है। बुधवार को वह खेत में काम कर रहे थे। उसी वक्त गांव गढ़ी रामकौर, यूपी के लोग ट्रैक्टरों में सवार होकर उनके खेतों में आ गए।
विज्ञापन
विज्ञापन


उन्होंने लोगों का रोकने प्रयास किया तो यूपी के लोगों ने उन्हें जान से मारने की धमकी दी। वह आरोपियों के हाथों में बंदूक और अन्य हथियार देख घर चला आया। उसने ग्रामीणों को इस बारे में बताया। जब तक वह ग्रामीणों के साथ अपने खेतों में पहुंचा आरोपी यूपी के किसान उसकी 31 एकड़ में खड़ी गेहूं की फसल बर्बाद कर चुके थे।

आरोपी लोग उन्हें देख यूपी की ओर भाग गए। उन्होंने इसकी सूचना तुरंत सनौली थाना पुलिस और बापौली तहसीलदार वजीर सिंह को दी। तहसीलदार सिंह ने शामलात भूमि का निरीक्षण कर रिपोर्ट तैयार की है। सनौली थाना पुलिस में मामले की शिकायत दी गई है।

40 सालों से चला रहा है विवाद
40 वर्षों से यमुना नदी की सैकड़ों एकड़ उपजाऊ भूमि पर दोनों प्रदेशों के किसान अपना दावा कर रहे हैं। दोनों प्रदेशों का प्रशासन किसानों का विवाद सुलझाने में अब तक कामयाब नहीं हो पाया है। गेहूं और धान की फसल के सीजन में दोनों प्रदेशों के किसान एक-दूसरे की फसल नष्ट कर देते हैं। कई बार दोनों प्रदेशों के किसानों में फायरिंग तक हो चुकी है।


गांव नन्हेड़ा के किसानों ने यूपी के किसानों पर 31 एकड़ भूमि पर उगाई गई गेंहू की फसल को नष्ट करने का आरोप लगाया है। किसानों का आरोप है कि बुधवार को रात में यूपी के किसानों ने ट्रैक्टर से उनकी फसल नष्ट कर दी है। सूचना मिलने के बाद मैं मौके पर पहुंच गया था। खेतों का निरीक्षण कर रिपोर्ट तैयार कर ली है। रिपोर्ट को जल्द ही उपायुक्त के समक्ष पेश किया जाएगा।
वजीर सिंह, तहसीलदार बापौली
विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed