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अपनों के घर जायेगी बेटी, फैसले से खिललि चेहरा
amar ujala beuro panipat
Updated Wed, 04 Jan 2017 11:48 PM IST
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- फोटो : amar ujala
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झारखंड की आदिवासी किशोरी के पेट में पल रहा नौ सप्ताह का गर्भ नहीं गिराया जाएगा। उसे उसके घर झारखंड भेजा जाएगा। प्रशासन ने किशोरी की काउंसलिंग कर उसको झारखंड उसके घर पहुंचाने का निर्णय लिया है। डीसी ने इसकी जिम्मेदारी डीएसपी देसराज और सीबीडब्ल्यूसी पानीपत को सौंपी है। पानीपत के सीडब्ल्यूसी किशोरी को झारखंड के साहिबगंज सीबीडब्ल्यूसी को सौंपेगी। किशोरी का घर भेजे जाने का फैसला सुनकर चेहरा खिल उठा।
झारखंड मूल की आदिवासी किशोरी के संबंध में बुधवार को लघु सचिवालय में बाल कल्याण समिति की बैठक हुई। इसकी अध्यक्षता उपायुक्त डॉ. चंद्रशेखर खरे ने की। बाल कल्याण समिति की चेयरपर्सन सुमन सूद ने समिति की प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की। बैठक में जिले के गांव सींक से बरामद की गई झारखंड की किशोरी नाती के भविष्य के बारे में विचार किया गया। उपायुक्त ने कहा कि बाल कल्याण समिति (सीडब्लयूसी) ने दिसंबर में जिले के गांव सींक से झारखंड की किशोरी को बरामद किया था। इस किशोरी को पुलिस संरक्षण मेें उसके जिले साहिबगंज के गांव बड़ा पैरा गोढ़ा में मां-बाप को सौंप दिया जाएगा। यह कार्य साहिबगंज की बाल कल्याण समिति के माध्यम किया जाएगा।
उन्होंने सुमन सूद को निर्देश दिए कि किशोरी को भेजने की सभी तैयारियां शीघ्र पूरी की जाएं। इससे पूर्व उपायुक्त ने किशोरी से पूछा कि वह किसके पास रहना चाहती है तो किशोरी ने अपने मां-बाप के पास जाने की इच्छा जताई। गर्भ के बारे में कहा कि वह बच्चे को जन्म देना चाहती है। बैठक में झारखंड भेजने तक किशोरी को बाल अनाथालय शोंधापुर के संचालक अमरजीत सिंह नरवाल और काउंसलर अनीता के साथ भेजने का निर्णय लिया गया। डीएसपी देसराज को अपनी टीम गठित कर उनकी टिकट कराने के निर्देश दिए गए हैं। बैठक में एसडीएम विवेक चौधरी, सिविल सर्जन डॉ. इंद्रजीत सिंह धनखड़, सुशासन सलाहकार प्रियांजलि मित्रा, भाजपा जिला प्रधान प्रमोद विज, सीडीपीओ परमिंद्र कौर, डिंपी मल्होत्रा, समिति की सदस्य किरण मलिक, डॉ. अजित दहिया, हरीदास शास्त्री प्रमुख रूप से मौजूद रहे।
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यह है मामला
दिल्ली की नेशनल कैंपेन कमेटी फोर इरेडिकेशन ऑफ बॉन्डेड लेबर के संयोजक निर्मल गोराना, एसडीएम पानीपत विवेक चौधरी और थाना मतलौडा पुलिस जिले के गांव सींक निवासी अनिल के मकान से झारखंड के साहिबगंज जिले के बेरगोट गांव की आदिवासी किशोरी को बरामद किया था। संस्था का आरोप है कि किशोरी को बंधुआ बनाकर रखा गया है और उसके साथ रोज दुराचार किया जा रहा है।
पुलिस ने किशोरी को बरामद कर मेडिकल करने के बाद उसे जाटल रोड स्थित बाल अनाथालय भेज दिया था। संस्था के संयोजक निर्मल गोराना का कहना है कि झारखंड निवासी महेश्वर किशोरी को जून माह में बहला फुसलाकर ले आया और उसके साथ शादी कर ली। वह इसके बाद उसको लेकर सोनीपत के मुरथल में पहुंचा। उसने यहां पर सींक गांव निवासी अनिल को 70 हजार रुपये में बेच दिया। आरोप है कि अनिल किशोरी को अपने घर ले आया और पत्नी की तरह रखने लगा। मतलौडा थाना पुलिस ने इसमें सींक गांव निवासी अनिल ओर झारखंड निवासी महेश्वर के खिलाफ केस दर्ज कर लिया था। अनिल को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेजा जा चुका है।
झारखंड की आदिवासी किशोरी की सीडब्ल्यूसी में काउंसलिंग की गई है। मैंने खुद भी किशोरी से बात की है। उसने गर्भ को पालने और अपने घर जाने की इच्छा जताई है। सीडब्ल्यूसी पानीपत के माध्यम किशोरी को सीडब्ल्यूसी साहिबगंज झारखंड को सौंपा जाएगा। इसके आगे की जिम्मेदारी साहिबगंज सीडब्ल्यूसी की होगी। इसके लिए पुलिस और सीडब्ल्यूसी अधिकारियों की ड्यूटी लगा दी गई है।
डॉ. चंद्रशेखर खरे, डीसी पानीपत।
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झारखंड मूल की आदिवासी किशोरी के संबंध में बुधवार को लघु सचिवालय में बाल कल्याण समिति की बैठक हुई। इसकी अध्यक्षता उपायुक्त डॉ. चंद्रशेखर खरे ने की। बाल कल्याण समिति की चेयरपर्सन सुमन सूद ने समिति की प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की। बैठक में जिले के गांव सींक से बरामद की गई झारखंड की किशोरी नाती के भविष्य के बारे में विचार किया गया। उपायुक्त ने कहा कि बाल कल्याण समिति (सीडब्लयूसी) ने दिसंबर में जिले के गांव सींक से झारखंड की किशोरी को बरामद किया था। इस किशोरी को पुलिस संरक्षण मेें उसके जिले साहिबगंज के गांव बड़ा पैरा गोढ़ा में मां-बाप को सौंप दिया जाएगा। यह कार्य साहिबगंज की बाल कल्याण समिति के माध्यम किया जाएगा।
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उन्होंने सुमन सूद को निर्देश दिए कि किशोरी को भेजने की सभी तैयारियां शीघ्र पूरी की जाएं। इससे पूर्व उपायुक्त ने किशोरी से पूछा कि वह किसके पास रहना चाहती है तो किशोरी ने अपने मां-बाप के पास जाने की इच्छा जताई। गर्भ के बारे में कहा कि वह बच्चे को जन्म देना चाहती है। बैठक में झारखंड भेजने तक किशोरी को बाल अनाथालय शोंधापुर के संचालक अमरजीत सिंह नरवाल और काउंसलर अनीता के साथ भेजने का निर्णय लिया गया। डीएसपी देसराज को अपनी टीम गठित कर उनकी टिकट कराने के निर्देश दिए गए हैं। बैठक में एसडीएम विवेक चौधरी, सिविल सर्जन डॉ. इंद्रजीत सिंह धनखड़, सुशासन सलाहकार प्रियांजलि मित्रा, भाजपा जिला प्रधान प्रमोद विज, सीडीपीओ परमिंद्र कौर, डिंपी मल्होत्रा, समिति की सदस्य किरण मलिक, डॉ. अजित दहिया, हरीदास शास्त्री प्रमुख रूप से मौजूद रहे।
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दिल्ली की नेशनल कैंपेन कमेटी फोर इरेडिकेशन ऑफ बॉन्डेड लेबर के संयोजक निर्मल गोराना, एसडीएम पानीपत विवेक चौधरी और थाना मतलौडा पुलिस जिले के गांव सींक निवासी अनिल के मकान से झारखंड के साहिबगंज जिले के बेरगोट गांव की आदिवासी किशोरी को बरामद किया था। संस्था का आरोप है कि किशोरी को बंधुआ बनाकर रखा गया है और उसके साथ रोज दुराचार किया जा रहा है।
पुलिस ने किशोरी को बरामद कर मेडिकल करने के बाद उसे जाटल रोड स्थित बाल अनाथालय भेज दिया था। संस्था के संयोजक निर्मल गोराना का कहना है कि झारखंड निवासी महेश्वर किशोरी को जून माह में बहला फुसलाकर ले आया और उसके साथ शादी कर ली। वह इसके बाद उसको लेकर सोनीपत के मुरथल में पहुंचा। उसने यहां पर सींक गांव निवासी अनिल को 70 हजार रुपये में बेच दिया। आरोप है कि अनिल किशोरी को अपने घर ले आया और पत्नी की तरह रखने लगा। मतलौडा थाना पुलिस ने इसमें सींक गांव निवासी अनिल ओर झारखंड निवासी महेश्वर के खिलाफ केस दर्ज कर लिया था। अनिल को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेजा जा चुका है।
झारखंड की आदिवासी किशोरी की सीडब्ल्यूसी में काउंसलिंग की गई है। मैंने खुद भी किशोरी से बात की है। उसने गर्भ को पालने और अपने घर जाने की इच्छा जताई है। सीडब्ल्यूसी पानीपत के माध्यम किशोरी को सीडब्ल्यूसी साहिबगंज झारखंड को सौंपा जाएगा। इसके आगे की जिम्मेदारी साहिबगंज सीडब्ल्यूसी की होगी। इसके लिए पुलिस और सीडब्ल्यूसी अधिकारियों की ड्यूटी लगा दी गई है।
डॉ. चंद्रशेखर खरे, डीसी पानीपत।