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सीआरपीएफ में भर्ती के नाम पर 19.25 लाख ठगे
ब्यूरो/अमर उजाला/ पानीपत
Updated Wed, 21 Sep 2016 12:18 AM IST
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सीआपीएफ में भर्ती के नाम पर पानीपत, करनाल और उत्तराखंड के एक युवक समेत दस युवकों से 19.25 लाख रुपये ठग लिए गए। युवाओं ने रुपये ठगने के आरोप एक महिला पर लगाया है। आरोप है कि महिला खुद को सीआरपीएफ में अधिकारी बताती है।
उसने एक से दस जुलाई तक दिल्ली के आरकेपुरम में हुर्ठ खुली भर्ती के नाम पर भी उम्मीदवारों से दो-दो लाख रुपये की मांग की थी। महिला पर इससे पहले सोनीपत के थाना गन्नौर में भी केस दर्ज है। पीड़ित युवाओं ने मंगलवार को इसकी सीएम विंडो पर शिकायत देकर महिला पर कार्रवाई की मांग की है। सीआरपीएफ में भर्ती के नाम पर ठगी के शिकार सबसे ज्यादा पानीपत के युवा हुए हैं।
ऐसे हुई थी मुलाकात
शिकायकर्ता पानीपत के किवाना गांव निवासी रविदत्त ने बताया कि वह जून 2016 में बीएसटी रोड गन्नौर, सोनीपत अपनी नानी के घर गया था। वहां पर आरोपी महिला, उसके पति, उसके ससुर, देवर निवासी सैंया खेड़ा से मुलाकात हुई। उनके साथ उनका एक रिश्तेदार निवासी गन्नौर भी था।
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उन्होंने उसको सीआरपीएफ में नौकरी दिलाने का भरोसा दिया और चार लाख रुपये रेट बताया। उसको इन सबकी ठगी का पता 12 अगस्त 2016 को थाना गन्नौर में केस दर्ज होने के बाद पता चला। वे इससे पहले आरोपियों को 19.25 रुपये दे चुके थे।
खुद को बताती है सीआरपीएफ में अफसर
रविदत्त ने आरोप लगाया कि महिला खुद को सीआरपीएफ में अधिकारी बताती है और गाड़ी पर नीली बत्ती लगाकर चलती है। वह खुद कहती है कि उसे उसके ससुर ने सीआरपीएफ में लगवाया है। उसके रिश्तेदार को भी इसी तरह से सीआरपीएफ में लगवाया है।
अपनी बात साबित करने के लिए आरोपी ने वर्दी पहनकर भी दिखाई। उनके दूसरे रिश्तेदारों के पास गया तो वे भी वर्दी में मिले। उसने आरोपियों में से कई की फोटो अपने मोबाइल से ले ली थी।
मिनिस्ट्री हेड कांस्टेबल लगवाने की हुई बात
आरोप है कि महिला और उसके साथियों ने ठगे गए युवकों को गन्नौर बुलाया और उनसे चार-चार लाख रुपये में सीआरपीएफ में मिनिस्ट्री हेड कांस्टेबल भर्ती करवाना तय किया। उन्होंने 50 प्रतिशत एडवांस देने के लिए कहा। युवकों में से किसी ने डेढ़ तो किसी ने दो लाख रुपये आरोपी को दे दिए।
इसके बाद आरोपियों ने उनसे इसी वर्ष एक से 10 जुलाई तक आरके पुरम दिल्ली में होने वाली खुली भर्ती के लिए तैयार रहने को कहा। इसके बाद सभी युवकों ने आरोपियों को छह जुलाई को 19.25 लाख रुपये दे दिए। आरोपी महिला ने उनको एडवांस पैसों की रसीद भी बनाकर दी।
मार्कशीट और अन्य दस्तावेज लेकर भी टहलाया
आरोप है कि महिला ने फिजिकल और वेरिफिकेशन के नाम पर उनकी स्कूल की मार्कशीट की फोटोकॉपी, अन्य दस्तावेज, दो-दो फोटो लेकर सबके हस्ताक्षर और अंगूठे के निशान ले लिए। आरोपी ने सभी युवाओं को 15 दिन बाद गन्नौर बुलाया।
उनसे कहा गया कि बोद कलां भिवानी में 28 जुलाई को ज्वॉइन करवाकर 30 जुलाई को लिखित परीक्षा कराकर पास करवा देंगे। वे सब अपने बकाया पैसे भी जल्द दे दें। 30 जुलाई को लिखित परीक्षा नहीं हो पाई तो उन्होंने महिला से बात की। इस पर उसने 10 अगस्त को नंबर लगने की बात कही।
इसके बाद उन्हें आरोपी की नियत पर शक हुआ। वह गन्नौर थाने में दर्ज मुकदमे को लेकर गठित एसआईटी में पेश हो गया। उसको इस दौरान पता चला कि आरोपी दो युवकों ने गन्नौर में ठगी की नीयत से ही मकान किराए पर ले रखा है।
इन से ली इतनी राशि
नाम निवासी राशि
प्रियंका बापौली, पानीपत 1.5 लाख
आशीष डिंगर माजरा, करनाल 1.5 लाख
कर्मवीर किवाना, पानीपत 1.5 लाख
राहुल किवाना, पानीपत 1.5 लाख
सुनीता किवाना, पानीपत दो लाख
नवीन किवाना, पानीपत दो लाख
रवि कृष्णपुरा, पानीपत दो लाख
हर्ष उर्फ हरीश प्रकाशनगर, पानीपत दो लाख
नीरज शेरा, पानीपत दो लाख
मोहित अडौल आश्रम, उत्तराखंड तीन लाख
नोट : इन नामों की सूची पीड़ित युवाओं ने सीएम विंडो में दी है।
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उसने एक से दस जुलाई तक दिल्ली के आरकेपुरम में हुर्ठ खुली भर्ती के नाम पर भी उम्मीदवारों से दो-दो लाख रुपये की मांग की थी। महिला पर इससे पहले सोनीपत के थाना गन्नौर में भी केस दर्ज है। पीड़ित युवाओं ने मंगलवार को इसकी सीएम विंडो पर शिकायत देकर महिला पर कार्रवाई की मांग की है। सीआरपीएफ में भर्ती के नाम पर ठगी के शिकार सबसे ज्यादा पानीपत के युवा हुए हैं।
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ऐसे हुई थी मुलाकात
शिकायकर्ता पानीपत के किवाना गांव निवासी रविदत्त ने बताया कि वह जून 2016 में बीएसटी रोड गन्नौर, सोनीपत अपनी नानी के घर गया था। वहां पर आरोपी महिला, उसके पति, उसके ससुर, देवर निवासी सैंया खेड़ा से मुलाकात हुई। उनके साथ उनका एक रिश्तेदार निवासी गन्नौर भी था।
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उन्होंने उसको सीआरपीएफ में नौकरी दिलाने का भरोसा दिया और चार लाख रुपये रेट बताया। उसको इन सबकी ठगी का पता 12 अगस्त 2016 को थाना गन्नौर में केस दर्ज होने के बाद पता चला। वे इससे पहले आरोपियों को 19.25 रुपये दे चुके थे।
खुद को बताती है सीआरपीएफ में अफसर
रविदत्त ने आरोप लगाया कि महिला खुद को सीआरपीएफ में अधिकारी बताती है और गाड़ी पर नीली बत्ती लगाकर चलती है। वह खुद कहती है कि उसे उसके ससुर ने सीआरपीएफ में लगवाया है। उसके रिश्तेदार को भी इसी तरह से सीआरपीएफ में लगवाया है।
अपनी बात साबित करने के लिए आरोपी ने वर्दी पहनकर भी दिखाई। उनके दूसरे रिश्तेदारों के पास गया तो वे भी वर्दी में मिले। उसने आरोपियों में से कई की फोटो अपने मोबाइल से ले ली थी।
मिनिस्ट्री हेड कांस्टेबल लगवाने की हुई बात
आरोप है कि महिला और उसके साथियों ने ठगे गए युवकों को गन्नौर बुलाया और उनसे चार-चार लाख रुपये में सीआरपीएफ में मिनिस्ट्री हेड कांस्टेबल भर्ती करवाना तय किया। उन्होंने 50 प्रतिशत एडवांस देने के लिए कहा। युवकों में से किसी ने डेढ़ तो किसी ने दो लाख रुपये आरोपी को दे दिए।
इसके बाद आरोपियों ने उनसे इसी वर्ष एक से 10 जुलाई तक आरके पुरम दिल्ली में होने वाली खुली भर्ती के लिए तैयार रहने को कहा। इसके बाद सभी युवकों ने आरोपियों को छह जुलाई को 19.25 लाख रुपये दे दिए। आरोपी महिला ने उनको एडवांस पैसों की रसीद भी बनाकर दी।
मार्कशीट और अन्य दस्तावेज लेकर भी टहलाया
आरोप है कि महिला ने फिजिकल और वेरिफिकेशन के नाम पर उनकी स्कूल की मार्कशीट की फोटोकॉपी, अन्य दस्तावेज, दो-दो फोटो लेकर सबके हस्ताक्षर और अंगूठे के निशान ले लिए। आरोपी ने सभी युवाओं को 15 दिन बाद गन्नौर बुलाया।
उनसे कहा गया कि बोद कलां भिवानी में 28 जुलाई को ज्वॉइन करवाकर 30 जुलाई को लिखित परीक्षा कराकर पास करवा देंगे। वे सब अपने बकाया पैसे भी जल्द दे दें। 30 जुलाई को लिखित परीक्षा नहीं हो पाई तो उन्होंने महिला से बात की। इस पर उसने 10 अगस्त को नंबर लगने की बात कही।
इसके बाद उन्हें आरोपी की नियत पर शक हुआ। वह गन्नौर थाने में दर्ज मुकदमे को लेकर गठित एसआईटी में पेश हो गया। उसको इस दौरान पता चला कि आरोपी दो युवकों ने गन्नौर में ठगी की नीयत से ही मकान किराए पर ले रखा है।
इन से ली इतनी राशि
नाम निवासी राशि
प्रियंका बापौली, पानीपत 1.5 लाख
आशीष डिंगर माजरा, करनाल 1.5 लाख
कर्मवीर किवाना, पानीपत 1.5 लाख
राहुल किवाना, पानीपत 1.5 लाख
सुनीता किवाना, पानीपत दो लाख
नवीन किवाना, पानीपत दो लाख
रवि कृष्णपुरा, पानीपत दो लाख
हर्ष उर्फ हरीश प्रकाशनगर, पानीपत दो लाख
नीरज शेरा, पानीपत दो लाख
मोहित अडौल आश्रम, उत्तराखंड तीन लाख
नोट : इन नामों की सूची पीड़ित युवाओं ने सीएम विंडो में दी है।