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मां ही हमारे पिता की कातिल हैं, हम उनसे नहीं मिलना चाहते
अमर उजाला ब्यूरो, पानीपत।
Updated Wed, 01 Mar 2017 11:59 PM IST
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पानीपत
- फोटो : पानीपत
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अमर उजाला ब्यूरो
पानीपत। अपने पति की हत्या में आजीवन कारावास की सजा काट रही एक महिला की ममता जागी तो उसने न्यायाधीश से अपने बच्चों को मिलवाने की गुहार लगाई। महिला की अर्जी पर पानीपत के सीजेएम बच्चों को लेकर जेल में पहुंचे, लेकिन वहां बच्चों ने अपने बाप का कातिल बताते हुए मां से मिलने तक से इनकार कर दिया। बच्चों ने न्यायाधीश और जेल अधिकारियों से आग्रह भी किया कि वे भविष्य में फिर कभी भी उन्हें उनकी मां से मिलवाने के लिए जेल न लाया जाए।
मार्च 2014 में रेलवे पुलिस को इसराना के पास रेलवे ट्रैक पर एक व्यक्ति का शव मिला था। जीआरपी ने शव की शिनाख्त न होने पर संस्कार करवा दिया था। शव की 13 दिन बाद शिनाख्त इसराना खंड के गांव परढ़ाना निवासी बिजेंद्र के रूप में हुई। परिवार के लोगों ने कपड़ों के आधार पर उसकी शिनाख्त की थी। बाद में पुलिस ने परिवार के लोगों को बिजेंद्र की अस्थियां सौंप दी थीं। बिजेंद्र के पिता ने अपनी बहू पर ही हत्या का शक जाहिर करते हुए पुलिस को शिकायत दी थी। इसमें बताया था कि बहू मंजू के यमुनानगर निवासी किसी युवक के साथ अवैध संबंध थे। अक्सर वह घर से बाहर उसके साथ ही रहा करती थी। पुलिस ने जांच की तो सामने आया कि मंजू ने ही अपने प्रेमी और उसके एक साथी के साथ मिलकर पहले बिजेंद्र को शराब पिलाई और बाद में गला घोंटकर उसकी हत्या कर दी। सभी ने इसे हादसा दिखाने के लिए शव को रेलवे ट्रैक पर फेंक दिया। इस मामले में अदालत ने मंजू समेत तीनों को दोष्ी मानते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी। सभी दोषी दो साल से करनाल जिला जेल में बंद हैं।
जेल से लिखा था पत्र
दो साल बाद अब मंजू के दिल में ममता जागी तो उसने करनाल जिला जेल में लगे लेटर बॉक्स में करनाल सत्र एवं न्यायधीश के नाम पर पत्र डाल दिया। इसमें कहा कि उसे अपने बच्चों के बारे में कोई जानकारी नहीं है। वह उनसे मिलना चाहती है। कृपया उसे उसके बच्चों से मिलवाया जाए। करनाल न्यायाधीश ने इस पत्र को पानीपत सीजेएम मोहित अग्रवाल के पास भेज दिया। इस पर सीजेएम मोहित अग्रवाल ने इसराना थाना पुलिस से बच्चों को लाने के लिए कहा। बुधवार को सीजेएम बच्चों को अपने साथ लेकर करनाल जेल पहुंचे। वहां पति की हत्या में दोषी और बच्चों की मां मंजू को जेलर शेर सिंह के कक्ष में बुलाया। वहां आते ही मंजू बच्चों को गले लगाने के लिए आगे बढ़ी तो उन्होेंने मां से मिलने से इनकार कर दिया। बच्चों ने कहा कि उनकी मां उनके पिता की कातिल हैं। ऐसे में वे कभी भी उससे मुलाकात नहीं करना चाहते। दसवीं कक्षा में पढ़ रही पूजा और नौंवी कक्षा में पढ़नेे वाले अमित ने न्यायाधीश और जेलर से आग्रह किया है कि भविष्य में उनकी मां की तरफ से की जाने वाली इस प्रकार की गुहार पर कभी गौर न करें।
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वर्जन
महिला के आग्रह पर उसके बच्चों से मिलवाया जा रहा था, लेकिन बच्चों ने अपनी मां से मिलने से इनकार कर दिया।
शेर सिंह, जेलर, जिला जेल करनाल।
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पानीपत। अपने पति की हत्या में आजीवन कारावास की सजा काट रही एक महिला की ममता जागी तो उसने न्यायाधीश से अपने बच्चों को मिलवाने की गुहार लगाई। महिला की अर्जी पर पानीपत के सीजेएम बच्चों को लेकर जेल में पहुंचे, लेकिन वहां बच्चों ने अपने बाप का कातिल बताते हुए मां से मिलने तक से इनकार कर दिया। बच्चों ने न्यायाधीश और जेल अधिकारियों से आग्रह भी किया कि वे भविष्य में फिर कभी भी उन्हें उनकी मां से मिलवाने के लिए जेल न लाया जाए।
मार्च 2014 में रेलवे पुलिस को इसराना के पास रेलवे ट्रैक पर एक व्यक्ति का शव मिला था। जीआरपी ने शव की शिनाख्त न होने पर संस्कार करवा दिया था। शव की 13 दिन बाद शिनाख्त इसराना खंड के गांव परढ़ाना निवासी बिजेंद्र के रूप में हुई। परिवार के लोगों ने कपड़ों के आधार पर उसकी शिनाख्त की थी। बाद में पुलिस ने परिवार के लोगों को बिजेंद्र की अस्थियां सौंप दी थीं। बिजेंद्र के पिता ने अपनी बहू पर ही हत्या का शक जाहिर करते हुए पुलिस को शिकायत दी थी। इसमें बताया था कि बहू मंजू के यमुनानगर निवासी किसी युवक के साथ अवैध संबंध थे। अक्सर वह घर से बाहर उसके साथ ही रहा करती थी। पुलिस ने जांच की तो सामने आया कि मंजू ने ही अपने प्रेमी और उसके एक साथी के साथ मिलकर पहले बिजेंद्र को शराब पिलाई और बाद में गला घोंटकर उसकी हत्या कर दी। सभी ने इसे हादसा दिखाने के लिए शव को रेलवे ट्रैक पर फेंक दिया। इस मामले में अदालत ने मंजू समेत तीनों को दोष्ी मानते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी। सभी दोषी दो साल से करनाल जिला जेल में बंद हैं।
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जेल से लिखा था पत्र
दो साल बाद अब मंजू के दिल में ममता जागी तो उसने करनाल जिला जेल में लगे लेटर बॉक्स में करनाल सत्र एवं न्यायधीश के नाम पर पत्र डाल दिया। इसमें कहा कि उसे अपने बच्चों के बारे में कोई जानकारी नहीं है। वह उनसे मिलना चाहती है। कृपया उसे उसके बच्चों से मिलवाया जाए। करनाल न्यायाधीश ने इस पत्र को पानीपत सीजेएम मोहित अग्रवाल के पास भेज दिया। इस पर सीजेएम मोहित अग्रवाल ने इसराना थाना पुलिस से बच्चों को लाने के लिए कहा। बुधवार को सीजेएम बच्चों को अपने साथ लेकर करनाल जेल पहुंचे। वहां पति की हत्या में दोषी और बच्चों की मां मंजू को जेलर शेर सिंह के कक्ष में बुलाया। वहां आते ही मंजू बच्चों को गले लगाने के लिए आगे बढ़ी तो उन्होेंने मां से मिलने से इनकार कर दिया। बच्चों ने कहा कि उनकी मां उनके पिता की कातिल हैं। ऐसे में वे कभी भी उससे मुलाकात नहीं करना चाहते। दसवीं कक्षा में पढ़ रही पूजा और नौंवी कक्षा में पढ़नेे वाले अमित ने न्यायाधीश और जेलर से आग्रह किया है कि भविष्य में उनकी मां की तरफ से की जाने वाली इस प्रकार की गुहार पर कभी गौर न करें।
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महिला के आग्रह पर उसके बच्चों से मिलवाया जा रहा था, लेकिन बच्चों ने अपनी मां से मिलने से इनकार कर दिया।
शेर सिंह, जेलर, जिला जेल करनाल।