फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Panipat News ›   Gold, Bill, Police, Panipat, Haryana

चोरी हुए 50 साल पुराने गहनों का बिल मांग रही पुलिस

Fri, 22 Apr 2016 12:48 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
अमर उजाला ब्यूरो Updated Fri, 22 Apr 2016 12:48 AM IST
विज्ञापन
चोरी हुए 50 साल पुराने गहनों का बिल मांग रही पुलिस
विज्ञापन


अमर उजाला ब्यूरो
पानीपत। गांव करहंस में चोरों द्वारा दो घरों से चोरी किए गए लाखों रुपये के गहनों व नकदी के मामले में पुलिस की कार्रवाई पर सवालिया निशान उठ गया है। पुलिस ने मामले में कार्रवाई करने की ब्याज पीड़ित परिवार से गहनों के बिल मांगे है, वहीं पीड़ित परिवारों का कहना है कि गहने 50 साल से अधिक पुराने थे वो इनका बिल कहां से दे। पीड़ित परिवार के लोगों में पुलिस की बिल की मांग के प्रति रोष बना हुआ है।

गत दिनों गांव करहंस में हुई दो मकानों में चोरी के मामले में चोरों का अब तक कोई सुराग नहीं लग पाया है। मामले में पुलिस की कार्रवाई से असंतुष्ट पीड़ित परिवार के लोगों ने पुलिस पर सवाल उठाए है। गांव करहंस निवासी धर्मबीर ने बताया कि चोरी की वारदात के एक सप्ताह बाद भी पुलिस ने किसी आरोपी को गिरफ्तार नहीं किया है।
विज्ञापन


पुलिस मामले में कार्रवाई करने से बचने के लिए चोरी हुए सोने के जेवरातों के बिल मांग रही है। जबकि वह जेवरातों के बिल देने में असमर्थ है। चोरी हुए आभूषण 50 साल से भी अधिक पुराने है। उस वक्त गांव में ही जेवरात बनते थे। जिस सुनारों ने आभूषण तैयार किए थे उनकी भी मौत हो चुकी है। आभूषणों उनको उनके पूर्वजों द्वारा दिए गए थे। अब पुलिस कार्रवाई करने के लिए आभूषणों का बिल मांग कर कार्रवाई करने से बच रही है, वहीं पुलिस आभूषणों के बिलों को कार्रवाई के लिए आवश्यक बता रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन


विदित है कि 11 अप्रैल की रात को चोरों ने गांव करहंस में पांच घरों में घुसपैट की थी। चोरों ने धर्मबीर व धर्मबीर सहरावत के घर से लाखों रुपये के जेवरात व नकदी चोरी की थी। पुलिस ने मामले में मुकदमा दर्ज कर लिया था, लेकिन मामले में पुलिस की कार्रवाई एक कदम भी आगे नहीं बढ़ा पाई है।


वर्जन
पुलिस मामले की जांच कर रही है। चोरी हुए जेवरातों के बिलों की पुलिस कार्रवाई में आवश्यकता होती है। बिलों से मामले की सत्यता को जानने में सहायता मिलती है।
जसपाल सिंह, प्रभारी, थाना समालखा।
विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed