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डीआईजी बोले: सीसीटीवी कैमरे लगे होते तो आरोपी होते सामने
ब्यूरो/ अमर उजाला
Updated Fri, 13 May 2016 11:50 PM IST
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पानीपत रेलवे स्टेशन पर खड़ी पैसेंजर ट्रेन में जनवरी माह में हुए बम धमाके के बाद भी यहां सीसीटीवी कैमरे नहीं लगाए गए। हालांकि रेलवे आईजी सहित अन्य अधिकारियों ने यहां शीघ्र ही सीसीटीवी कैमरे लगाने के दावे किए थे।
अब रेलवे डीआईजी परमशिव ने स्वीकार किया है कि यदि यहां सीसीटीवी कैमरे लगे होते तो आरोपी अभी तक सामने होते। उल्लेखनीय है कि जनवरी माह में प्लेटफॉर्म नंबर चार पर खड़ी पैसेंजर ट्रेन में विस्फोट के बाद सीसीटीवी कैमरे लगाने के लिए जगह भी चिह्नित की गई थी। लेकिन ये सब कागजों में दफन हो गए। रेलवे के अधिकारी आज भी सीसीटीवी कैमरों का प्रस्ताव बनाकर भेजने का दावा कर रहे हैं।
सुरक्षा के नहीं कोई प्रबंध
रेलवे स्टेशन पर पैसेंजर ट्रेन में दो बार हुए बम धमाकों के बाद भी रेलवे स्टेशन पर सुरक्षा व्यवस्था को लेकर जीआरपी और आरपीएफ गंभीर नहीं। धमाके के बाद शुक्रवार को अधिकारियों का आना-जाना लगा रहा, लेकिन रेलवे स्टेशन पर वीआईपी व सामान्य रास्तों पर किसी तरह की सुरक्षा के प्रबंध नहीं मिले। पुलिसकर्मियों की मौजूदगी में यात्री डोर फ्रेम मेटल डिटेक्टर की साइड से निकलते रहे। वहीं रेलवे स्टेशन के अवैध रास्तों से भी आना-जाना लगा रहा। आरपीएफ के आईजी ने भी सुरक्षा पर चिंता व्यक्त की।
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मेडल डिटेक्टर नहीं कर रहे काम
शुक्रवार को पैसेंजर ट्रेन के रैक को यार्ड में खड़ा कर ट्रेन को सुबह ही दिल्ली तरफ रवाना कर दिया गया। बम धमाके के बाद रेलवे स्टेशन पर सुरक्षा व्यवस्था के पुख्ता प्रबंध करते हुए मेन गेट और मॉडल टाउन की ओर डोर फ्रेम मेटल डिटेक्टर लगा दिए गए। लेकिन ये सही तरह से काम नहीं करते दिखे। मॉडल टाउन की ओर डोर फ्रेम मेटल डिटेक्टर को लेकर आईजी ने भी पुलिस कर्मी को फटकार लगाते हुए मैन्यूअल यात्रियों की तलाशी लेने की बात कही। ऐसे अंदाजा लगाया जा सकता है कि जीआरपी यात्रियों की सुरक्षा को लेकर कितनी गंभीर है। आईजी ने रेलवे स्टेशन और क्षतिग्रस्त रैक का निरीक्षण करते हुए कड़ी सुरक्षा के निर्देश दिए। इससे पहले डीएसपी ने पुलिस कर्मियों की मीटिंग भी ली गई।
रेलवे स्टेशन पर एक नहीं कई गेटों से होती है इंट्री
रेलवे स्टेशन की सुरक्षा में सबसे बड़ी चूक स्टेशन चारों तरफ से ऑपन होना है। स्टेशन पर एक नहीं बल्कि कई गेटों से यात्रियों को आवागमन होता है। जिसके चलते स्टेशन पर सुरक्षा व्यवस्था रामभरोसे है।
रेलवे स्टेशन पर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया है। यहां पर कई तरह की कमी मिली हैं। अधिकारियों से बात कर सुरक्षा के पुख्ता प्रबंध किए जाएंगे। जहां पर जरूरत पड़ी वहीं पर दीवार तक खड़ी करवा दी जाएगी। रेलवे स्टेशन पर सुरक्षा को फेल नहीं होने दिया जाएगा।
संजय किशोर, आईजी, आरपीएफ।
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अब रेलवे डीआईजी परमशिव ने स्वीकार किया है कि यदि यहां सीसीटीवी कैमरे लगे होते तो आरोपी अभी तक सामने होते। उल्लेखनीय है कि जनवरी माह में प्लेटफॉर्म नंबर चार पर खड़ी पैसेंजर ट्रेन में विस्फोट के बाद सीसीटीवी कैमरे लगाने के लिए जगह भी चिह्नित की गई थी। लेकिन ये सब कागजों में दफन हो गए। रेलवे के अधिकारी आज भी सीसीटीवी कैमरों का प्रस्ताव बनाकर भेजने का दावा कर रहे हैं।
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सुरक्षा के नहीं कोई प्रबंध
रेलवे स्टेशन पर पैसेंजर ट्रेन में दो बार हुए बम धमाकों के बाद भी रेलवे स्टेशन पर सुरक्षा व्यवस्था को लेकर जीआरपी और आरपीएफ गंभीर नहीं। धमाके के बाद शुक्रवार को अधिकारियों का आना-जाना लगा रहा, लेकिन रेलवे स्टेशन पर वीआईपी व सामान्य रास्तों पर किसी तरह की सुरक्षा के प्रबंध नहीं मिले। पुलिसकर्मियों की मौजूदगी में यात्री डोर फ्रेम मेटल डिटेक्टर की साइड से निकलते रहे। वहीं रेलवे स्टेशन के अवैध रास्तों से भी आना-जाना लगा रहा। आरपीएफ के आईजी ने भी सुरक्षा पर चिंता व्यक्त की।
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मेडल डिटेक्टर नहीं कर रहे काम
शुक्रवार को पैसेंजर ट्रेन के रैक को यार्ड में खड़ा कर ट्रेन को सुबह ही दिल्ली तरफ रवाना कर दिया गया। बम धमाके के बाद रेलवे स्टेशन पर सुरक्षा व्यवस्था के पुख्ता प्रबंध करते हुए मेन गेट और मॉडल टाउन की ओर डोर फ्रेम मेटल डिटेक्टर लगा दिए गए। लेकिन ये सही तरह से काम नहीं करते दिखे। मॉडल टाउन की ओर डोर फ्रेम मेटल डिटेक्टर को लेकर आईजी ने भी पुलिस कर्मी को फटकार लगाते हुए मैन्यूअल यात्रियों की तलाशी लेने की बात कही। ऐसे अंदाजा लगाया जा सकता है कि जीआरपी यात्रियों की सुरक्षा को लेकर कितनी गंभीर है। आईजी ने रेलवे स्टेशन और क्षतिग्रस्त रैक का निरीक्षण करते हुए कड़ी सुरक्षा के निर्देश दिए। इससे पहले डीएसपी ने पुलिस कर्मियों की मीटिंग भी ली गई।
रेलवे स्टेशन पर एक नहीं कई गेटों से होती है इंट्री
रेलवे स्टेशन की सुरक्षा में सबसे बड़ी चूक स्टेशन चारों तरफ से ऑपन होना है। स्टेशन पर एक नहीं बल्कि कई गेटों से यात्रियों को आवागमन होता है। जिसके चलते स्टेशन पर सुरक्षा व्यवस्था रामभरोसे है।
रेलवे स्टेशन पर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया है। यहां पर कई तरह की कमी मिली हैं। अधिकारियों से बात कर सुरक्षा के पुख्ता प्रबंध किए जाएंगे। जहां पर जरूरत पड़ी वहीं पर दीवार तक खड़ी करवा दी जाएगी। रेलवे स्टेशन पर सुरक्षा को फेल नहीं होने दिया जाएगा।
संजय किशोर, आईजी, आरपीएफ।