{"_id":"5c34fbeebdec2256ab4fd37a","slug":"81546976238-panipat-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"मुफ्त भुगतान योजना व किस्त भुगतान योजना के लिए कंपनी खोल कर लोगों के 10 करोड़ रुपये लेकर हुए 3 बाप-बेटा फरार, 12 पर केस दर्ज","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
मुफ्त भुगतान योजना व किस्त भुगतान योजना के लिए कंपनी खोल कर लोगों के 10 करोड़ रुपये लेकर हुए 3 बाप-बेटा फरार, 12 पर केस दर्ज
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मुफ्त भुगतान योजना व किस्त भुगतान योजना के लिए कंपनी खोल कर लोगों के 10 करोड़ रुपये लेकर हुए 3 बाप-बेटा फरार, 12 पर केस दर्ज
पानीपत। गांव उटंला मतलौडा निवासी जगजीत सिंह पुत्र तारा सिंह ने थाना शहर पुलिस को 10 करोड़ की धोखाधड़ी की शिकायत दी है। पुलिस को दी शिकायत में उसने बताया कि जाटल रोड स्थित बैंक के ऊपर मालवांचल इंडिया लिमिटेड व मालवांचल इन्फ्राट्रक्चर कंपनी की ब्रांच कार्यालय था। इस कंपनी की शुरूआत 26 सितंबर 2012 को हुई। कंपनी एक मुफ्त भुगतान योजना व किस्त भुगतान योजना के तहत साढे़ 4 साल 5 साल 8 साल बाद 10 साल योजनाओं के तहत लोगों से पैसे जमा करती थी। इसके बदले ग्राहक को एक पॉलिसी ब्रांड देती थी। जिसके ऊपर ग्राहक नाम व पता व जमा की गई राशि की अवधि समाप्त होने पर मिलने वाली राशि का ब्योरा लिख कर देती थी। साथ ही सिक्योरिटी के रूप में जमीन का अलॉटमेंट का ब्योरा भी लिख कर देती थी। यह कंपनी खुद को भारत सरकार के मिनिस्ट्री ऑफ कॉर्पोरेट अफेयर्स होने का दावा करती थी। इसी के चलते ग्राहकों को भारत सरकार के दस्तावेज भी दिखाती थी। इन सभी दस्तावेजों को देखकर पानीपत उसके आसपास के रहने वाले लोगों ने कंपनी में लगभग 10 करोड़ रुपये जमा करवा दिए। जब लोगों को वापस पैसे देने का समय आया तो कंपनी 2017 में अपना ब्रांच ऑफिस बंद कर दिया व पानीपत से फरार हो गई। इसके बाद क्षेत्र के कुछ निवेशक कंपनी के जो इंदौर मध्य प्रदेश में था वहां पर कंपनी के डायरेक्टर, शेयर होल्डर व कंपनी को चलाने वाले अन्य अधिकारियों से बात की गई। साथ ही लोगों द्वारा निवेश किया गया पैसा वापस करने की मांग की गई। जिस पर उन्होंने वापस कुछ भी रुपये न देने की बात की गई। वहां ठगों ने भारत सरकार द्वारा नोटबंदी के कारण सभी बैंक अकाउंट सील कर दिए जाने की बात कही। जिसके बाद रुपये के बदले जमीन देने की बात कहने लगे। जिस पर लोगों ने जमीन पानीपत में देने के बारे में कहा तो उन्होंने यह जमीन उज्जैन और देवास में ही देने के बारे में कहा। लोगों ने वहीं पर जमीन लेने की बात पर सहमति जताई। लेकिन कंपनी के अधिकारियों ने मिलीभगत करके गलत तरीके से रजिस्ट्री करवाई व निवेशकों को असली पॉलिसी ब्रांड व अन्य दस्तावेज भी ले लिए। साथ ही पैसे भी देने से मना कर दिया।
इन आरोपियों के खिलाफ हुआ केस दर्ज:
पुलिस ने 3 मास्टरमाइंड बाप-बेटा आरोपियों सहित 12 लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया है।
1. माखन लाल वर्मा पुत्र अवंत सिंह वर्मा निवासी देवास
2. सुमन वर्मा पुत्र माखन लाल वर्मा
3. संजय वर्मा पुत्र माखन लाल वर्मा
4. प्रवीण कुमार पटेल पुत्र मुरारी लाल
5. महेंद्र सिंह गोसाई पुत्र महेश सिंह गोसाई
6.राकेश पटेल पुत्र अनूप सिंह
7. संदीप चौधरी पुत्र प्रभु लाल चौधरी निवासी गांव मंगला उज्जैन एमपी
8. उमेश नरवरिया पुत्र रामेश्वर सिंह नरवरिया निवासी न्यू राम विहार कॉलोनी ग्वालियर मध्य प्रदेश
9. अमित रतनाकार पुत्र नंदन रतनाकार निवासी गांव नावदा नांदेड देवास मध्य प्रदेश
10. नंदन रत्नाकर पुत्र भजन लाल रत्नाकर
11. महेश चंद्र शर्मा पुत्र राजपाल शर्मा निवासी मोदीनगर गाजियाबाद उत्तर प्रदेश
12. कपिल शर्मा पुत्र महेश चंद्र शर्मा निवासी गाजियाबाद यूपी
यह हैं पीड़ित:
1. जगजीत सिंह पुत्र तारा सिंह
2. नरेंद्र पुत्र धर्मपाल
3. भीम पुत्र मनोहरलाल
4. लख्मी पुत्र जगन्नाथ
5. अनिल पुत्र रामपाल
6. रामफल पुत्र रामेश्वर
7. रमेश पुत्र सुरजा
8. सुमन पत्नी भगवानदास
9. देवेंद्र पुत्र रंजीत
10. तारा सिंह पुत्र करम सिंह
11. राजेंद्र पुत्र सूरज भान
12. मदन पुत्र हुकुम
13. नरेंद्र पुत्र जयपाल
14. कृष्ण पुत्र रामचंद्र
15. संतोष पत्नी दिनेश
16. नंद किशोर पुत्र रामभगत
17. सतवंती पत्नी प्रेम
18. सुशीला पत्नी अनिल
19. सूरजभान पुत्र पृथ्वी
20. राजेश पुत्र उमेद सिंह
21. जगबीर सिंह पुत्र पृथ्वी सिंह
22. सुरेंद्र कुमार पुत्र रिखिया राम
23. रमेश कुमार पुत्र मालू राम
24. नवीन कुमार पुत्र किरण पाल
25. विजय वर्मा पुत्र जगमोहन
26. परमजीत कौर पत्नी जगजीत सिंह
27. चुन्नु झा पुत्र उपेंद्र झां
28. पिंटू ठाकुर पुत्र यजविंद्र ठाकुर
29. विनोद झा पुत्र अयोध्या झा
30. महेंद्र सिंह पुत्र पृथ्वी सिंह
31. शकुंतला पत्नी नरेश
32. रोहतास पुत्र साधू राम
33. शीला पत्नी मंगल
34. कृष्णा पत्नी बिरखा राम
35. विमला पत्नी राजकुमार
36. सपना पत्नी विनोद कुमार
37. कमलेश पत्नी विनोद कुमार
विज्ञापन
पानीपत। गांव उटंला मतलौडा निवासी जगजीत सिंह पुत्र तारा सिंह ने थाना शहर पुलिस को 10 करोड़ की धोखाधड़ी की शिकायत दी है। पुलिस को दी शिकायत में उसने बताया कि जाटल रोड स्थित बैंक के ऊपर मालवांचल इंडिया लिमिटेड व मालवांचल इन्फ्राट्रक्चर कंपनी की ब्रांच कार्यालय था। इस कंपनी की शुरूआत 26 सितंबर 2012 को हुई। कंपनी एक मुफ्त भुगतान योजना व किस्त भुगतान योजना के तहत साढे़ 4 साल 5 साल 8 साल बाद 10 साल योजनाओं के तहत लोगों से पैसे जमा करती थी। इसके बदले ग्राहक को एक पॉलिसी ब्रांड देती थी। जिसके ऊपर ग्राहक नाम व पता व जमा की गई राशि की अवधि समाप्त होने पर मिलने वाली राशि का ब्योरा लिख कर देती थी। साथ ही सिक्योरिटी के रूप में जमीन का अलॉटमेंट का ब्योरा भी लिख कर देती थी। यह कंपनी खुद को भारत सरकार के मिनिस्ट्री ऑफ कॉर्पोरेट अफेयर्स होने का दावा करती थी। इसी के चलते ग्राहकों को भारत सरकार के दस्तावेज भी दिखाती थी। इन सभी दस्तावेजों को देखकर पानीपत उसके आसपास के रहने वाले लोगों ने कंपनी में लगभग 10 करोड़ रुपये जमा करवा दिए। जब लोगों को वापस पैसे देने का समय आया तो कंपनी 2017 में अपना ब्रांच ऑफिस बंद कर दिया व पानीपत से फरार हो गई। इसके बाद क्षेत्र के कुछ निवेशक कंपनी के जो इंदौर मध्य प्रदेश में था वहां पर कंपनी के डायरेक्टर, शेयर होल्डर व कंपनी को चलाने वाले अन्य अधिकारियों से बात की गई। साथ ही लोगों द्वारा निवेश किया गया पैसा वापस करने की मांग की गई। जिस पर उन्होंने वापस कुछ भी रुपये न देने की बात की गई। वहां ठगों ने भारत सरकार द्वारा नोटबंदी के कारण सभी बैंक अकाउंट सील कर दिए जाने की बात कही। जिसके बाद रुपये के बदले जमीन देने की बात कहने लगे। जिस पर लोगों ने जमीन पानीपत में देने के बारे में कहा तो उन्होंने यह जमीन उज्जैन और देवास में ही देने के बारे में कहा। लोगों ने वहीं पर जमीन लेने की बात पर सहमति जताई। लेकिन कंपनी के अधिकारियों ने मिलीभगत करके गलत तरीके से रजिस्ट्री करवाई व निवेशकों को असली पॉलिसी ब्रांड व अन्य दस्तावेज भी ले लिए। साथ ही पैसे भी देने से मना कर दिया।
इन आरोपियों के खिलाफ हुआ केस दर्ज:
पुलिस ने 3 मास्टरमाइंड बाप-बेटा आरोपियों सहित 12 लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया है।
1. माखन लाल वर्मा पुत्र अवंत सिंह वर्मा निवासी देवास
2. सुमन वर्मा पुत्र माखन लाल वर्मा
3. संजय वर्मा पुत्र माखन लाल वर्मा
4. प्रवीण कुमार पटेल पुत्र मुरारी लाल
5. महेंद्र सिंह गोसाई पुत्र महेश सिंह गोसाई
6.राकेश पटेल पुत्र अनूप सिंह
7. संदीप चौधरी पुत्र प्रभु लाल चौधरी निवासी गांव मंगला उज्जैन एमपी
8. उमेश नरवरिया पुत्र रामेश्वर सिंह नरवरिया निवासी न्यू राम विहार कॉलोनी ग्वालियर मध्य प्रदेश
9. अमित रतनाकार पुत्र नंदन रतनाकार निवासी गांव नावदा नांदेड देवास मध्य प्रदेश
10. नंदन रत्नाकर पुत्र भजन लाल रत्नाकर
11. महेश चंद्र शर्मा पुत्र राजपाल शर्मा निवासी मोदीनगर गाजियाबाद उत्तर प्रदेश
12. कपिल शर्मा पुत्र महेश चंद्र शर्मा निवासी गाजियाबाद यूपी
यह हैं पीड़ित:
1. जगजीत सिंह पुत्र तारा सिंह
2. नरेंद्र पुत्र धर्मपाल
3. भीम पुत्र मनोहरलाल
4. लख्मी पुत्र जगन्नाथ
5. अनिल पुत्र रामपाल
6. रामफल पुत्र रामेश्वर
7. रमेश पुत्र सुरजा
8. सुमन पत्नी भगवानदास
9. देवेंद्र पुत्र रंजीत
10. तारा सिंह पुत्र करम सिंह
11. राजेंद्र पुत्र सूरज भान
12. मदन पुत्र हुकुम
13. नरेंद्र पुत्र जयपाल
14. कृष्ण पुत्र रामचंद्र
15. संतोष पत्नी दिनेश
16. नंद किशोर पुत्र रामभगत
17. सतवंती पत्नी प्रेम
18. सुशीला पत्नी अनिल
19. सूरजभान पुत्र पृथ्वी
20. राजेश पुत्र उमेद सिंह
21. जगबीर सिंह पुत्र पृथ्वी सिंह
22. सुरेंद्र कुमार पुत्र रिखिया राम
23. रमेश कुमार पुत्र मालू राम
24. नवीन कुमार पुत्र किरण पाल
25. विजय वर्मा पुत्र जगमोहन
26. परमजीत कौर पत्नी जगजीत सिंह
27. चुन्नु झा पुत्र उपेंद्र झां
28. पिंटू ठाकुर पुत्र यजविंद्र ठाकुर
29. विनोद झा पुत्र अयोध्या झा
30. महेंद्र सिंह पुत्र पृथ्वी सिंह
31. शकुंतला पत्नी नरेश
32. रोहतास पुत्र साधू राम
33. शीला पत्नी मंगल
34. कृष्णा पत्नी बिरखा राम
35. विमला पत्नी राजकुमार
36. सपना पत्नी विनोद कुमार
37. कमलेश पत्नी विनोद कुमार