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पार्क अस्पताल के डॉक्टर पर लगाया लापरवाही का आरोप
Updated Sun, 18 Jun 2017 11:49 PM IST
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अस्पताल में इलाज के दौरान फाइनेंसर की मौत, परिजनों ने अस्पताल में किया हंगामा
-अस्पताल प्रशासन के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग पर अड़े रहे परिजन
अमर उजाला ब्यूरो
पानीपत। जीटी रोड स्थित पार्क अस्पताल में शनिवार देर रात हुई सड़क दुर्घटना में घायल फाइनेंसर युवक ने रविवार देर शाम दम तोड़ दिया। परिजनों ने अस्पताल के डॉक्टरों पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए जमकर हंगामा किया और अस्पताल में घुसने का प्रयास किया। जिसकी सूचना पुलिस को दी गई। अस्पताल में हंगामा होने और लोगों के अस्पताल में घुसने की कोशिश करने की सूचना मिलने पर सेक्टर-29 चौकी पुलिस मौके पर पहुुंची और परिजनों को समझा-बुझाकर शांत करने का प्रयास किया, लेकिन गुस्साए परिजन डॉक्टर के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग पर अड़े रहे। अस्पताल में देर रात तक परिजन डटे रहे।
गांव नांगल खेड़ी निवासी अमित (23) शनिवार को बाइक से मामा के घर गांव बड़ौली गया हुआ था। रात करीब 11 बजे वह बड़ौली से गांव आने के लिए निकला। जब जीटी रोड पर एनएफएल के सामने पहुंचा तभी किसी वाहन ने उसे टक्कर मार दी। हादसे में अमित गंभीर रूप से घायल हो गया। राहगीरों ने उसे उपचार के लिए जीटी रोड स्थित पार्क अस्पताल पहुंचाया। अस्पताल प्रशासन ने हादसे की सूचना रविवार सुबह परिजनों को दी। परिजनों ने बताया कि अमित फाइनेंसर का काम करता था। उनके अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने बताया कि अमित के सिर व हाथ-पैर पर चोटें हैं, डरने वाली कोई बात नहीं। लेकिन रविवार शाम करीब चार बजे डॉक्टरों ने कहा कि अमित को इंटरनल ब्लीडिंग हो रही है, हालत बेहद खराब है। तुरंत ऑपरेशन करना पड़ेगा। परिजनों का आरोप है कि डॉक्टरों ने करीब एक लाख रुपये जमा करवा लिए। शाम करीब आठ बजे डॉक्टरों ने बताया कि अमित की मौत हो गई है। डॉक्टरों ने बताया कि ऑपरेशन के दौरान हृदय गति रुकने से अमित की मौत हुई है। अमित की मौत की सूचना पर परिजन आग बबूला हो उठे और डॉक्टरों पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए हंगामा शुरू कर दिया। परिजनों ने आरोप लगाया कि अगर डॉक्टर समय रहते उन्हें बता देते तो वे किसी दूसरे अस्पताल में उसका इलाज करवाते।
डीएसपी परिजनों के बीच धरने पर बैठे तो हुए शांत
हंगामें की सूचना पर डीएसपी समालखा नरेश अहलावत पार्क अस्पताल पहुंचे और परिजनों को समझाते हुए शांत करने का प्रयास किया। डीएसपी जमीन पर ही परिजनों के बीच बैठ गए और कहा कि मामले की निष्पक्षता से जांच करवाई जाएगी। इस मामले में लापरवाही बरतने वाले डॉक्टर के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। इसके बाद ही परिजन शांत हुए। वहीं परिजनों का कहना है कि डॉक्टरों द्वारा आपस में की गई बहस के दौरान ही उन्हें डॉक्टरों की लापरवाही का आभास हुआ। परिजनों का आरोप है कि उनके सामने आया है कि एक डॉक्टर ने बड़ा टेस्ट कराने की बजाय छोटा टेस्ट करा दिया। रविवार दोपहर बाद दूसरे डॉक्टर के आने पर इसका पता चला। उस समय तक अमित की जान खतरे में चली गई थी। परिजनों ने सभी रिकॉर्ड अपने अंडर में लेते हुए जांच करवाने की बात कही है।
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सड़क दुर्घटना में घायल युवक की पार्क अस्पताल में उपचार के दौरान मौत हो गई। परिजनों ने डॉक्टरों पर लापरवाही बरतने के आरोप लगाए हैं। जबकि डॉक्टरों ने आरोपों को बेबुनियाद बताया है। परिजनों को समझाकर शांत किया गया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
महाबीर सिंह, प्रभारी, सेक्टर-29 चौकी, पानीपत।
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-अस्पताल प्रशासन के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग पर अड़े रहे परिजन
अमर उजाला ब्यूरो
पानीपत। जीटी रोड स्थित पार्क अस्पताल में शनिवार देर रात हुई सड़क दुर्घटना में घायल फाइनेंसर युवक ने रविवार देर शाम दम तोड़ दिया। परिजनों ने अस्पताल के डॉक्टरों पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए जमकर हंगामा किया और अस्पताल में घुसने का प्रयास किया। जिसकी सूचना पुलिस को दी गई। अस्पताल में हंगामा होने और लोगों के अस्पताल में घुसने की कोशिश करने की सूचना मिलने पर सेक्टर-29 चौकी पुलिस मौके पर पहुुंची और परिजनों को समझा-बुझाकर शांत करने का प्रयास किया, लेकिन गुस्साए परिजन डॉक्टर के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग पर अड़े रहे। अस्पताल में देर रात तक परिजन डटे रहे।
गांव नांगल खेड़ी निवासी अमित (23) शनिवार को बाइक से मामा के घर गांव बड़ौली गया हुआ था। रात करीब 11 बजे वह बड़ौली से गांव आने के लिए निकला। जब जीटी रोड पर एनएफएल के सामने पहुंचा तभी किसी वाहन ने उसे टक्कर मार दी। हादसे में अमित गंभीर रूप से घायल हो गया। राहगीरों ने उसे उपचार के लिए जीटी रोड स्थित पार्क अस्पताल पहुंचाया। अस्पताल प्रशासन ने हादसे की सूचना रविवार सुबह परिजनों को दी। परिजनों ने बताया कि अमित फाइनेंसर का काम करता था। उनके अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने बताया कि अमित के सिर व हाथ-पैर पर चोटें हैं, डरने वाली कोई बात नहीं। लेकिन रविवार शाम करीब चार बजे डॉक्टरों ने कहा कि अमित को इंटरनल ब्लीडिंग हो रही है, हालत बेहद खराब है। तुरंत ऑपरेशन करना पड़ेगा। परिजनों का आरोप है कि डॉक्टरों ने करीब एक लाख रुपये जमा करवा लिए। शाम करीब आठ बजे डॉक्टरों ने बताया कि अमित की मौत हो गई है। डॉक्टरों ने बताया कि ऑपरेशन के दौरान हृदय गति रुकने से अमित की मौत हुई है। अमित की मौत की सूचना पर परिजन आग बबूला हो उठे और डॉक्टरों पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए हंगामा शुरू कर दिया। परिजनों ने आरोप लगाया कि अगर डॉक्टर समय रहते उन्हें बता देते तो वे किसी दूसरे अस्पताल में उसका इलाज करवाते।
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डीएसपी परिजनों के बीच धरने पर बैठे तो हुए शांत
हंगामें की सूचना पर डीएसपी समालखा नरेश अहलावत पार्क अस्पताल पहुंचे और परिजनों को समझाते हुए शांत करने का प्रयास किया। डीएसपी जमीन पर ही परिजनों के बीच बैठ गए और कहा कि मामले की निष्पक्षता से जांच करवाई जाएगी। इस मामले में लापरवाही बरतने वाले डॉक्टर के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। इसके बाद ही परिजन शांत हुए। वहीं परिजनों का कहना है कि डॉक्टरों द्वारा आपस में की गई बहस के दौरान ही उन्हें डॉक्टरों की लापरवाही का आभास हुआ। परिजनों का आरोप है कि उनके सामने आया है कि एक डॉक्टर ने बड़ा टेस्ट कराने की बजाय छोटा टेस्ट करा दिया। रविवार दोपहर बाद दूसरे डॉक्टर के आने पर इसका पता चला। उस समय तक अमित की जान खतरे में चली गई थी। परिजनों ने सभी रिकॉर्ड अपने अंडर में लेते हुए जांच करवाने की बात कही है।
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सड़क दुर्घटना में घायल युवक की पार्क अस्पताल में उपचार के दौरान मौत हो गई। परिजनों ने डॉक्टरों पर लापरवाही बरतने के आरोप लगाए हैं। जबकि डॉक्टरों ने आरोपों को बेबुनियाद बताया है। परिजनों को समझाकर शांत किया गया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
महाबीर सिंह, प्रभारी, सेक्टर-29 चौकी, पानीपत।