{"_id":"5b352aa34f1c1b13358b9414","slug":"201530210979-panipat-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"फर्जी एनओसी से रजिस्ट्री कराने के फर्जीवाड़े में क्रेता व विक्रेता पर केस दर्ज","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
फर्जी एनओसी से रजिस्ट्री कराने के फर्जीवाड़े में क्रेता व विक्रेता पर केस दर्ज
Updated Fri, 29 Jun 2018 12:06 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
फर्जी एनओसी से रजिस्ट्री, क्रेता, विक्रेता पर केस दर्ज
गांव सिकंदरपुर में फर्जी एनओसी से रजिस्ट्री कराने का फर्जीवाड़ा
अमर उजाला ब्यूरो
पानीपत। गांव सिकंदरपुर में फर्जी एनओसी से रजिस्ट्री कराने के फर्जीवाड़े का आरटीआई से खुलासा हुआ है। जिला उपायुक्त के आदेश पर तहसीलदार ने प्लाट विक्रेता व क्रेता के विरुद्ध शहर थाना में धोखाधड़ी, जालसाजी के जुर्म में आपराधिक केस दर्ज कराया है। यह कार्रवाई आरटीआई एक्टिविस्ट पीपी कपूर की शिकायत पर हुई है। शिकायतकर्ता ने दोषियों की तत्काल गिरफ्तारी व रजिस्ट्री को रद्द करने की मांग की है।
शिकायतकर्ता एवं आरटीआई एक्टिविस्ट पीपी कपूर ने बताया कि 10 जुलाई 2015 को गांव सिकंदरपुर में स्थित 1400 वर्ग गज रकबा के प्लाट की रजिस्ट्री तहसील कार्यालय पानीपत में हुई थी। प्लाट विक्रेता गुरुदेव सिंह पुत्र इंद्र सिंह निवासी गांव गढ़ी सिकंदरपुर ने यह प्लाट सावन पार्क माडल टाउन पानीपत निवासी राखी रानी पत्नी नरेंद्र मोहन को 1381,500 रुपये में बेचा था। क्योंकि कंट्रोल्ड एरिया में संपत्ति की टाउन प्लानिंग विभाग से बिना अनापत्ति प्रमाणपत्र के रजिस्ट्री नहीं होती। इसलिए क्रेता-विक्रेता ने प्लाट की रजिस्ट्री कराते वक्त डीटीपी पानीपत कार्यालय से 22 जून 2015 को जारी पत्र क्रमांक डीटीपी एनओसी न. 71 लगाई। कपूर ने डीटीपी ऑफिस में 25 अक्टूबर 2016 को आरटीआई लगाई तो इस फर्जीवाड़े का भांडा फूटा। डीटीपी पानीपत ने इस आरटीआई के जवाब में कपूर को 7 नवंबर 2016 के पत्र द्वारा सूचित किया कि 22 जून 2015 को उन्होंने पत्र क्रमांक 71 के तहत कोई एनओसी गुरुदेव सिंह को जारी ही नहीं की है, बल्कि 30 मार्च 2015 को पत्र क्रमांक 71 के तहत राम कुमार पुत्र इंद्रपाल वासी शिमला मुलाना को एनओसी जारी की थी। कपूर ने आरटीआई के तहत एकत्रित डीटीपी की रिपोर्ट व साक्ष्यों सहित डीसी पानीपत व सीएम विंडो पर 13 जनवरी 2017 को लिखित शिकायत की। जांच में फर्जीवाड़े के आरोप सिद्ध पाए जाने पर जिला उपायुक्त ने दोषियों के विरुद्ध मामला दर्ज कराने के आदेश दिए। तहसीलदार की शिकायत पर शहर थाना पुलिस ने क्रेता राखी रानी पत्नी नरेंद्र मोहन व विक्रेता गुरुदेव सिंह पुत्र इंद्र सिंह के खिलाफ मामला दर्ज जांच शुरू कर दी है।
विज्ञापन
गांव सिकंदरपुर में फर्जी एनओसी से रजिस्ट्री कराने का फर्जीवाड़ा
अमर उजाला ब्यूरो
पानीपत। गांव सिकंदरपुर में फर्जी एनओसी से रजिस्ट्री कराने के फर्जीवाड़े का आरटीआई से खुलासा हुआ है। जिला उपायुक्त के आदेश पर तहसीलदार ने प्लाट विक्रेता व क्रेता के विरुद्ध शहर थाना में धोखाधड़ी, जालसाजी के जुर्म में आपराधिक केस दर्ज कराया है। यह कार्रवाई आरटीआई एक्टिविस्ट पीपी कपूर की शिकायत पर हुई है। शिकायतकर्ता ने दोषियों की तत्काल गिरफ्तारी व रजिस्ट्री को रद्द करने की मांग की है।
शिकायतकर्ता एवं आरटीआई एक्टिविस्ट पीपी कपूर ने बताया कि 10 जुलाई 2015 को गांव सिकंदरपुर में स्थित 1400 वर्ग गज रकबा के प्लाट की रजिस्ट्री तहसील कार्यालय पानीपत में हुई थी। प्लाट विक्रेता गुरुदेव सिंह पुत्र इंद्र सिंह निवासी गांव गढ़ी सिकंदरपुर ने यह प्लाट सावन पार्क माडल टाउन पानीपत निवासी राखी रानी पत्नी नरेंद्र मोहन को 1381,500 रुपये में बेचा था। क्योंकि कंट्रोल्ड एरिया में संपत्ति की टाउन प्लानिंग विभाग से बिना अनापत्ति प्रमाणपत्र के रजिस्ट्री नहीं होती। इसलिए क्रेता-विक्रेता ने प्लाट की रजिस्ट्री कराते वक्त डीटीपी पानीपत कार्यालय से 22 जून 2015 को जारी पत्र क्रमांक डीटीपी एनओसी न. 71 लगाई। कपूर ने डीटीपी ऑफिस में 25 अक्टूबर 2016 को आरटीआई लगाई तो इस फर्जीवाड़े का भांडा फूटा। डीटीपी पानीपत ने इस आरटीआई के जवाब में कपूर को 7 नवंबर 2016 के पत्र द्वारा सूचित किया कि 22 जून 2015 को उन्होंने पत्र क्रमांक 71 के तहत कोई एनओसी गुरुदेव सिंह को जारी ही नहीं की है, बल्कि 30 मार्च 2015 को पत्र क्रमांक 71 के तहत राम कुमार पुत्र इंद्रपाल वासी शिमला मुलाना को एनओसी जारी की थी। कपूर ने आरटीआई के तहत एकत्रित डीटीपी की रिपोर्ट व साक्ष्यों सहित डीसी पानीपत व सीएम विंडो पर 13 जनवरी 2017 को लिखित शिकायत की। जांच में फर्जीवाड़े के आरोप सिद्ध पाए जाने पर जिला उपायुक्त ने दोषियों के विरुद्ध मामला दर्ज कराने के आदेश दिए। तहसीलदार की शिकायत पर शहर थाना पुलिस ने क्रेता राखी रानी पत्नी नरेंद्र मोहन व विक्रेता गुरुदेव सिंह पुत्र इंद्र सिंह के खिलाफ मामला दर्ज जांच शुरू कर दी है।
विज्ञापन