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हैडकांस्टेबल ने डीएसपी पर उसका अपहरण करने के आरोप लगाए तो डीएसपी ने कर दी विभागीय जांच
Updated Fri, 05 Oct 2018 12:41 AM IST
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डीएसपी पर आरोप लगाने वाले एचसी के खिलाफ विभागीय जांच
हेडकांस्टेबल ने लगाया आरोप, उसने शिकायत वापस नहीं ली तो लगाया गया लापरवाही का आरोप
अमर उजाला ब्यूरो
पानीपत। तत्कालीन सिटी डीएसपी राजेश लौहान पर अपहरण का आरोप लगाने वाले हेड कांस्टेबल (एचसी) आशीष ने पुलिस महकमे पर सवाल खड़े कर दिए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि डीएसपी और उनके गनमैन ने उनके खिलाफ शिकायत देने के मामले में समझौता करने का दबाव बनाने के लिए उसका अपहरण किया था। जब उसने अपनी शिकायत वापस नहीं ली तो डीएसपी ने ड्यूटी में लापरवाही का आरोप लगाते हुए उसके खिलाफ ही विभागीय जांच कर दी और एसपी को इसकी रिपोर्ट सौंप दी। आशीष ने एसपी से पूरे मामले में न्याय की मांग की है।
पानीपत पुलिस लाइन में तैनात हवलदार आशीष ने पंजाब हरियाणा हाईकोर्ट में एक याचिका दायर की हुई है। इसमें शहरी विधायक रोहिता रेवड़ी के पति सुरेंद्र रेवड़ी, ग्रामीण विधायक महिपाल ढांडा सहित कहीं आईपीएस अधिकारियों के खिलाफ मामला है। इसमें डीएसपी राजेश लोहान का नाम भी शामिल है।
आरोप है कि 15 सितंबर को हवलदार आशीष को डीएसपी थाना शहर राजेश लोहान ने पुलिस लाइन से सुबह 11:30 बजे अपहरण कर लिया। साथ ही उससे केस को वापस लेने के लिए दबाव डालने लगा। केस वापस न लेने पर डीएसपी ने उसे उसकी नौकरी खराब करने की भी धमकी दी। इसकी शिकायत आशीष ने एसपी पानीपत को दी, साथ ही सीएम विंडो, एडीजीपी करनाल, डीजीपी हरियाणा सहित उच्च अधिकारियों व मंत्रियों को इस मामले की शिकायत दी है। इसी के चलते हाईकोर्ट ने 18 सितंबर को हवलदार आशीष व उसके परिवार की सुरक्षा पर चिंता जाहिर की व डीजीपी हरियाणा को एक माह के भीतर उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए आदेश दिए थे। तीन अक्टूबर को पीड़ित परिजन एसपी ऑफिस पहुंचे, जहां उन्हें पता लगा कि डीएसपी राजेश लोहान ने हवलदार आशीष के खिलाफ विभागीय जांच की एक रिपोर्ट एसपी को भेज दी। पिता का कहना है कि वह विभागीय जांच बिल्कुल बेबुनियाद व झूठी है। पिता आनंद सिंह ने सीएम विंडो, आईएएस अतिरिक्त मुख्य सचिव हरियाणा सरकार गृह विभाग चंडीगढ़ एसएस प्रसाद, आईजी सीआईडी अनिल कुमार, एडीजीपी करनाल नवदीप विर्क, एसपी पानीपत मनवीर सिंह, उपायुक्त पानीपत सुमेधा कटारिया, चीफ जस्टिस सुप्रीम कोर्ट ऑफ इंडिया न्यू दिल्ली, चीफ जस्टिस पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट चंडीगढ़, नेशनल हुमन राइट कमिशन नई दिल्ली, राजनाथ सिंह गृह मंत्री सहित प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को डीएसपी राजेश लोहान को तुरंत प्रभाव से बर्खास्त करने व मामले की निष्पक्ष जांच करने के लिए पत्र लिखा है।
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हेडकांस्टेबल ने लगाया आरोप, उसने शिकायत वापस नहीं ली तो लगाया गया लापरवाही का आरोप
अमर उजाला ब्यूरो
पानीपत। तत्कालीन सिटी डीएसपी राजेश लौहान पर अपहरण का आरोप लगाने वाले हेड कांस्टेबल (एचसी) आशीष ने पुलिस महकमे पर सवाल खड़े कर दिए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि डीएसपी और उनके गनमैन ने उनके खिलाफ शिकायत देने के मामले में समझौता करने का दबाव बनाने के लिए उसका अपहरण किया था। जब उसने अपनी शिकायत वापस नहीं ली तो डीएसपी ने ड्यूटी में लापरवाही का आरोप लगाते हुए उसके खिलाफ ही विभागीय जांच कर दी और एसपी को इसकी रिपोर्ट सौंप दी। आशीष ने एसपी से पूरे मामले में न्याय की मांग की है।
पानीपत पुलिस लाइन में तैनात हवलदार आशीष ने पंजाब हरियाणा हाईकोर्ट में एक याचिका दायर की हुई है। इसमें शहरी विधायक रोहिता रेवड़ी के पति सुरेंद्र रेवड़ी, ग्रामीण विधायक महिपाल ढांडा सहित कहीं आईपीएस अधिकारियों के खिलाफ मामला है। इसमें डीएसपी राजेश लोहान का नाम भी शामिल है।
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आरोप है कि 15 सितंबर को हवलदार आशीष को डीएसपी थाना शहर राजेश लोहान ने पुलिस लाइन से सुबह 11:30 बजे अपहरण कर लिया। साथ ही उससे केस को वापस लेने के लिए दबाव डालने लगा। केस वापस न लेने पर डीएसपी ने उसे उसकी नौकरी खराब करने की भी धमकी दी। इसकी शिकायत आशीष ने एसपी पानीपत को दी, साथ ही सीएम विंडो, एडीजीपी करनाल, डीजीपी हरियाणा सहित उच्च अधिकारियों व मंत्रियों को इस मामले की शिकायत दी है। इसी के चलते हाईकोर्ट ने 18 सितंबर को हवलदार आशीष व उसके परिवार की सुरक्षा पर चिंता जाहिर की व डीजीपी हरियाणा को एक माह के भीतर उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए आदेश दिए थे। तीन अक्टूबर को पीड़ित परिजन एसपी ऑफिस पहुंचे, जहां उन्हें पता लगा कि डीएसपी राजेश लोहान ने हवलदार आशीष के खिलाफ विभागीय जांच की एक रिपोर्ट एसपी को भेज दी। पिता का कहना है कि वह विभागीय जांच बिल्कुल बेबुनियाद व झूठी है। पिता आनंद सिंह ने सीएम विंडो, आईएएस अतिरिक्त मुख्य सचिव हरियाणा सरकार गृह विभाग चंडीगढ़ एसएस प्रसाद, आईजी सीआईडी अनिल कुमार, एडीजीपी करनाल नवदीप विर्क, एसपी पानीपत मनवीर सिंह, उपायुक्त पानीपत सुमेधा कटारिया, चीफ जस्टिस सुप्रीम कोर्ट ऑफ इंडिया न्यू दिल्ली, चीफ जस्टिस पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट चंडीगढ़, नेशनल हुमन राइट कमिशन नई दिल्ली, राजनाथ सिंह गृह मंत्री सहित प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को डीएसपी राजेश लोहान को तुरंत प्रभाव से बर्खास्त करने व मामले की निष्पक्ष जांच करने के लिए पत्र लिखा है।
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