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ब्लैकमेलिंग और बदनामी से तंग आकर धागा व्यापारी ने लाइसेंसी पिस्तौल से अपने सिर में मारी गोली, हालत गंभीर
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पानीपत। शहर के 58 वर्षीय नामी धागा व्यापारी ने ब्लैकमेलिंग और बदनामी से तंग आकर एक बड़ी फर्म के 2 नामजद सहित अन्य लोगों के खिलाफ सुसाइड नोट लिख कर अपनी लाइसेंसी पिस्तौल से खुद के सिर के सिर में गोली मार ली। उन्होंने बिंझौल नहर के नजदीक गोशाला की दीवार के पास खुद को गोली मारी। गोली सिर से आर-पार होकर गाड़ी के शीशे से पार हो गई। गोली आर-पार होने से उनकी हालत बहुत ज्यादा गंभीर बनी हुई है। नहर में नहा रहे 4 युवकों ने पूरी वारदात को तुरंत 8 मरला चौकी पुलिस को बताया। मौके पर पहुंची पुलिस उन्हें तुरंत घायल की ही गाड़ी में डालकर बिशन स्वरूप कॉलोनी स्थित एक निजी अस्पताल ले कर गए। जहां से करीब साढ़े तीन घंटे के इलाज के बाद उन्हें दिल्ली के एक निजी अस्पताल के लिए रेफर कर दिया गया।
नहर पर नहा रहे युवकों की जागरूकता से, समय पर मिला गर्ग को इलाज : नहर पर नहा रहे युवक रॉकी व जब्बार निवासी जगजीवन राम कॉलोनी ने बताया कि वारदात रविवार सुबह करीब 11 बजे की है। हम अपने दोस्तों के साथ नहर पर नहा रहे थे। हमने नहर की लोहे वाली ग्रिल पर खड़े होकर गोशाला वाली दीवार के पीछे एक कार खड़ी देखी। इसके बाद हमने उस बात को इग्नोर कर फिर से नहाने लगे। करीब 45 मिनट बाद फिर से हमने उस कार को वहां पर उसी अवस्था में खड़ी देखा। हमें कुछ आशंका हुई, तो हम उस कार तक टहलते-टहलते चले गए। जहां नजदीक पहुंच कर देखा कि कार की ड्राइवर साइड की खिड़की थोड़ी सी खुली हुई है। हमने शीशे से अंदर की ओर झांक कर देखा तो एक आदमी खून से सनी हालत में ड्राइवर सीट पर पड़ा हुआ था व उसके बाएं हाथ में पिस्टल थी। इसके तुरंत बाद हमने अपनी एक्टीवा उठाई व सीधे 8 मरला चौकी पहुंचे। जहां पहुंच कर हमने पुलिस को सूचना दी।
यह लिखा था सुसाइड नोट में : मैं सुरेश गर्ग पुत्र गोवर्धन दास मूल निवासी कालखा हाल निवासी शिवनगर का रहने वाला हूं। मेरा यार्न का कारोबार है। जिसके चलते मेरा शहर की एक बड़ी फर्म के साथ ताल्लुकात हुआ। फर्म के साथ 25 रुपये किलोग्राम के हिसाब से रेट तय हुुआ। लेकिन उन्होंने मुझे ये माल 45 रुपये प्रति किलोग्राम की दर से दे दिया। इस तरह से उन्होंने मुझ पर 2 करोड़ रुपये की देनदारी निकाल दी। जिसके सभी सबूत मेरे पास है। उक्त लोगों के साथ 14 हजार धागे के बोरों का व्यापार किया। इसके बाद इन्होंने मेरे बेटे मनीष गर्ग को अपने जाल में फंसा लिया। मनीष को फंसा कर उन्होंने 35 प्रतिशत कम रेट में मार्केट से माल लेकर उसे पूरे भाव में दे दिया। मेरी मौत के जिम्मेदार ये लोग हैं। इन्होंने मेरी 40 साल की मार्केट खराब कर दी। मैं इन दो धोखेबाज व्यापारियों सहित अन्यों से परेशान होकर आत्महत्या कर रहा हूं। .... सुरेश गर्ग
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पिस्तौल वाले लॉकर की चाबी के लिए बेटे से दो बार की पूछताछ : पुलिस की प्रारंभिक पूछताछ में सुरेश गर्ग के बेटे मनीष गर्ग ने बताया कि शनिवार को इसी मामले में उनकी आरोपी पार्टी से मीटिंग भी हुई थी। लेकिन मीटिंग में कुछ भी हल नहीं निकला था। शाम को पिता ने मुझसे पूछा की बेटा वो पिस्टल सही से तो रखी है ना? जिस पर मैंने कहा कि हां ठीक रखी है। फिर पिता ने कहा कि देख लो, ठीक तो रखी है न वो। जिस पर मैंने उनके सामने लॉकर खोलकर पिस्तौल दिखाई, इसके बाद उन्होंने लॉकर की चाबी रखने वाली जगह को देख लिया। रविवार को जब वारदात की सूचना मिली, तो मैंने सबसे पहले उसी लॉकर को चेक किया, जहां से मुझे पिस्तौल गायब मिली। जिसके बाद मुझे शक हुआ कि शनिवार को पिता लॉकर की चाबी देखने के लिए इस तरह बात कर रहे थे।
मामले की जांच जारी है :
सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची। जहां पहुंच कर घायल को निजी अस्पताल पहुंचाया। साथ ही देखा कि गोली कारोबारी के सिर से आर-पार होकर गाड़ी के सामने वाले शीशे से आर-पार हो गई। घायल के बाएं हाथ से एक पिस्तौल बरामद हुई। गोली चलने के बाद उसका खोल घायल की टी-शर्ट की जेब से ऊपर से ही बरामद हुआ। इसके अलावा उसकी गाड़ी की आरसी व उसके मोबाइल फोन से उसकी पहचान हुई। अभी मामले में शिकायत नहीं मिली है, शिकायत मिलते ही उचित कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल मामले की जांच जारी है।
- विजेंद्र सिंह, डीएसपी।
यूं रही सुबह से वारदात के समय तक की टाइमलाइन :
- सुबह 10 बजे कारोबारी अपने घर से रेस्ट हाउस किसी से मिलने की बात कह कर निकले।
- साढ़े 10 बजे बेटे मनीष ने फोन किया, पूछा कि जिससे मुलाकात करनी थी, क्या उससे मुलाकात हो गई।
- इसके बाद 11 बजे कारोबारी बिंझौल नहर किनारे गोशाला की दीवार के पीछे अपनी होंडा डब्ल्यूआरवी कार नंबर एचआर 60 बी 0028 से पहुंचे।
- नहर किनारे पहुंचते ही उन्होंने गाड़ी को बंद किया व पिस्तौल से सिर पर गोली मार ली।
- पौने 12 बजे 4 युवकों ने उन्हें खून से लथ-पथ हालत में कार में पड़े देखा।
- चारों युवक करीब 12 बजे 8 मरला चौकी पहुंचे व पुलिस को सूचना दी।
- सूचना मिलते ही पुलिस करीब 12 बजकर 10 मिनट पर मौके पर पहुंची।
- पुलिस ने स्थानीय लोगों की मदद से घायल व्यापारी को परिचालक वाली सीट पर बैठाया।
- मौके पर मौजूद एक कार चालक युवक की मदद से पुलिस घायल को करीब पौने एक बजे बिशन स्वरूप कॉलोनी स्थित निजी अस्पताल ले पहुंचे।
- अस्पताल में करीब 5 घंटे के उपचार के बाद उन्हें दिल्ली के एक अस्पताल के लिए ले जाया गया।
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नहर पर नहा रहे युवकों की जागरूकता से, समय पर मिला गर्ग को इलाज : नहर पर नहा रहे युवक रॉकी व जब्बार निवासी जगजीवन राम कॉलोनी ने बताया कि वारदात रविवार सुबह करीब 11 बजे की है। हम अपने दोस्तों के साथ नहर पर नहा रहे थे। हमने नहर की लोहे वाली ग्रिल पर खड़े होकर गोशाला वाली दीवार के पीछे एक कार खड़ी देखी। इसके बाद हमने उस बात को इग्नोर कर फिर से नहाने लगे। करीब 45 मिनट बाद फिर से हमने उस कार को वहां पर उसी अवस्था में खड़ी देखा। हमें कुछ आशंका हुई, तो हम उस कार तक टहलते-टहलते चले गए। जहां नजदीक पहुंच कर देखा कि कार की ड्राइवर साइड की खिड़की थोड़ी सी खुली हुई है। हमने शीशे से अंदर की ओर झांक कर देखा तो एक आदमी खून से सनी हालत में ड्राइवर सीट पर पड़ा हुआ था व उसके बाएं हाथ में पिस्टल थी। इसके तुरंत बाद हमने अपनी एक्टीवा उठाई व सीधे 8 मरला चौकी पहुंचे। जहां पहुंच कर हमने पुलिस को सूचना दी।
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यह लिखा था सुसाइड नोट में : मैं सुरेश गर्ग पुत्र गोवर्धन दास मूल निवासी कालखा हाल निवासी शिवनगर का रहने वाला हूं। मेरा यार्न का कारोबार है। जिसके चलते मेरा शहर की एक बड़ी फर्म के साथ ताल्लुकात हुआ। फर्म के साथ 25 रुपये किलोग्राम के हिसाब से रेट तय हुुआ। लेकिन उन्होंने मुझे ये माल 45 रुपये प्रति किलोग्राम की दर से दे दिया। इस तरह से उन्होंने मुझ पर 2 करोड़ रुपये की देनदारी निकाल दी। जिसके सभी सबूत मेरे पास है। उक्त लोगों के साथ 14 हजार धागे के बोरों का व्यापार किया। इसके बाद इन्होंने मेरे बेटे मनीष गर्ग को अपने जाल में फंसा लिया। मनीष को फंसा कर उन्होंने 35 प्रतिशत कम रेट में मार्केट से माल लेकर उसे पूरे भाव में दे दिया। मेरी मौत के जिम्मेदार ये लोग हैं। इन्होंने मेरी 40 साल की मार्केट खराब कर दी। मैं इन दो धोखेबाज व्यापारियों सहित अन्यों से परेशान होकर आत्महत्या कर रहा हूं। .... सुरेश गर्ग
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पिस्तौल वाले लॉकर की चाबी के लिए बेटे से दो बार की पूछताछ : पुलिस की प्रारंभिक पूछताछ में सुरेश गर्ग के बेटे मनीष गर्ग ने बताया कि शनिवार को इसी मामले में उनकी आरोपी पार्टी से मीटिंग भी हुई थी। लेकिन मीटिंग में कुछ भी हल नहीं निकला था। शाम को पिता ने मुझसे पूछा की बेटा वो पिस्टल सही से तो रखी है ना? जिस पर मैंने कहा कि हां ठीक रखी है। फिर पिता ने कहा कि देख लो, ठीक तो रखी है न वो। जिस पर मैंने उनके सामने लॉकर खोलकर पिस्तौल दिखाई, इसके बाद उन्होंने लॉकर की चाबी रखने वाली जगह को देख लिया। रविवार को जब वारदात की सूचना मिली, तो मैंने सबसे पहले उसी लॉकर को चेक किया, जहां से मुझे पिस्तौल गायब मिली। जिसके बाद मुझे शक हुआ कि शनिवार को पिता लॉकर की चाबी देखने के लिए इस तरह बात कर रहे थे।
मामले की जांच जारी है :
सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची। जहां पहुंच कर घायल को निजी अस्पताल पहुंचाया। साथ ही देखा कि गोली कारोबारी के सिर से आर-पार होकर गाड़ी के सामने वाले शीशे से आर-पार हो गई। घायल के बाएं हाथ से एक पिस्तौल बरामद हुई। गोली चलने के बाद उसका खोल घायल की टी-शर्ट की जेब से ऊपर से ही बरामद हुआ। इसके अलावा उसकी गाड़ी की आरसी व उसके मोबाइल फोन से उसकी पहचान हुई। अभी मामले में शिकायत नहीं मिली है, शिकायत मिलते ही उचित कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल मामले की जांच जारी है।
- विजेंद्र सिंह, डीएसपी।
यूं रही सुबह से वारदात के समय तक की टाइमलाइन :
- सुबह 10 बजे कारोबारी अपने घर से रेस्ट हाउस किसी से मिलने की बात कह कर निकले।
- साढ़े 10 बजे बेटे मनीष ने फोन किया, पूछा कि जिससे मुलाकात करनी थी, क्या उससे मुलाकात हो गई।
- इसके बाद 11 बजे कारोबारी बिंझौल नहर किनारे गोशाला की दीवार के पीछे अपनी होंडा डब्ल्यूआरवी कार नंबर एचआर 60 बी 0028 से पहुंचे।
- नहर किनारे पहुंचते ही उन्होंने गाड़ी को बंद किया व पिस्तौल से सिर पर गोली मार ली।
- पौने 12 बजे 4 युवकों ने उन्हें खून से लथ-पथ हालत में कार में पड़े देखा।
- चारों युवक करीब 12 बजे 8 मरला चौकी पहुंचे व पुलिस को सूचना दी।
- सूचना मिलते ही पुलिस करीब 12 बजकर 10 मिनट पर मौके पर पहुंची।
- पुलिस ने स्थानीय लोगों की मदद से घायल व्यापारी को परिचालक वाली सीट पर बैठाया।
- मौके पर मौजूद एक कार चालक युवक की मदद से पुलिस घायल को करीब पौने एक बजे बिशन स्वरूप कॉलोनी स्थित निजी अस्पताल ले पहुंचे।
- अस्पताल में करीब 5 घंटे के उपचार के बाद उन्हें दिल्ली के एक अस्पताल के लिए ले जाया गया।