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पुलिस ने छात्रा के शव की भी ठीक ढंग से नहीं की शिनाख्त
Updated Sat, 09 Sep 2017 12:17 AM IST
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ज्योति ने पकड़े पैर, कृष्ण ने घोंटा गला
- छात्रा की हत्या के मामले में आरोपी कृष्ण ने पुलिस की पूछताछ में किया खुलासा
- पुलिस ने ठीक से नहीं की शव की शिनाख्त, ज्योति के परिजनों ने किया संस्कार, बिफरे सिमरन के परिजन
- सिमरन की हत्या के बाद पुलिस की कार्रवाई पर भी उठने लगे सवाल
- पिता आलोक दुबे का आरोप उनकी बेटी का नाम आने के बाद शव दिखाया तक नहीं
- पुलिस ने आरोपी कृष्ण को कोर्ट में पेश कर लिया चार दिन का पुलिस रिमांड पर
- ज्योति का खुलासा, जनवरी में कॉलेज मेें हुए कार्यक्रम में मिला था कृष्ण
अमर उजाला ब्यूरो
पानीपत।
पुलिस सिमरन हत्याकांड में बेशक आरोपियों को दबोचकर अपनी पीठ थपथपा रही है, लेकिन इस मामले में अब पुलिस की लापरवाही भी सामने आ रही है। वहीं पुलिस पूछताछ में हत्यारोपी से वारदात के तरीके और और उनकी साजिश का भी खुलासा हुआ है।
सीआईए-थ्री ने सिमरन की हत्या के आरोपी कृष्ण निवासी अटावला को शुक्रवार को कोर्ट में पेश किया। पुलिस ने कोर्ट से आरोपी का रिमांड मांगा। कोर्ट ने मामले को देखते हुए आरोपी का चार दिन का पुलिस रिमांड मंजूर कर दिया। सीआईए-थ्री प्रभारी सब इंस्पेक्टर प्रवीन कुमार ने बताया की सिमरन की हत्या के आरोपी कृष्ण निवासी अटावला ने अब तक की पुलिस पूछताछ में बताया कि वह एसडी कॉलेज में बीए फाइनल ईयर का स्टूडेंट है और कॉलेज में एनएसएस का इंचार्ज है। सिमरन भी इसी कॉलेज में सेकेंड ईयर की स्टूडेंट थी और उसने भी एनएसएस को ज्वाइन किया था। इसलिए दोनों में जान पहचान थी। वारदात को अंजाम देने के लिए आरोपी कृष्ण सिमरन को एनएसएस के बारे कोई मीटिंग की बात बोलकर अपने साथ जीटी रोड पर स्थित गोहाना मोड़ के पास गोशाला मंदिर के ऊपर बने कमरे में ले गया। कुछ समय बाद ज्योति भी वहां पहुंच गई। दोनों ने पहले से ही बनाए प्लान के मुताबिक सिमरन को कोल्ड ड्रिंक में नींद की गोलियां मिलाकर सिमरन को पिलाई। सिमरन के बेहोश होने के बाद आरोपी ज्योति ने सिमरन के पैर पकड़े व आरोपी कृष्ण ने सिमरन का गला दबाकर उसकी हत्या कर दी। दोनों आरोपियों ने मिलकर ज्योति के कपड़े व कड़े तक सिमरन को पहना ज्योति का कॉलेज बैग भी निशानी के तौर पर कमरे में ही छोड़ दिया। सिमरन के चेहरे की पहचान ना हो इसलिए दोनों आरोपियों ने सिमरन के चेहरे पर एसिड डाल दिया।
डीएनए टेस्ट के बहाने परिजनों को समझाने में लगी पुलिस
पुलिस सिमरन हत्याकांड में पुलिस की लापरवाही भी सामने आ रही है। सिमरन के शव को ज्योति का शव समझकर पुलिस ने पोस्टमार्टम भी करा दिया और परिजनों ने भी शव का संस्कार कर दिया। इस दौरान बोर्ड के बीच पोस्टमार्टम करते वक्त न तो पुलिस अधिकारियों व न ही परिजनों ने ध्यान दिया। वहीं राष्ट्रीय महिला आयोग की टीम के सामने भी आरोपी की पांच घंटे में ही पहचान करने की रिपोर्ट पेश कर वाहवाही बटोर ली। अब शव की सिमरन के रूप में शिनाख्त होने के बाद उसके माता-पिता का डीएनए टेस्ट कराया गया है। पुलिस की पूरे मामले में कार्रवाई अंधेरे में तीर चलाने जैसी रही। हालांकि पुलिस अधिकारी दोनों आरोपियों की गिरफ्तारी को बड़ी उपलब्धि मान रहे हैं। डीएसपी मुख्यालय जगदीप दूहन व थाना प्रभारी संदीप शुक्रवार को आजाद नगर निवासी छात्रा सिमरन के पिता आलोक दुबे व मां ऊषा दुबे को डीएनए टेस्ट के लिए शुक्रवार को मधुबन लैब में ले गए। इस दौरान दोनों कड़ी सुरक्षा में रहे। लैब में दोनों का डीएनए करीब 90 प्रतिशत पूरा हो पाया। पुलिस अधिकारियों को तकनीकी कारणों के सामने आने के बाद दोनों को वापस लेकर आना पड़ा। पुलिस अधिकारियों के अनुसार अब बाकी का 10 प्रतिशत टेस्ट शनिवार को कराया जाएगा। आलोक दुबे ने बताया कि उसकी बेटी बकसूर थी और कृष्ण व ज्योति ने साजिश के तहत उसकी लड़की की हत्या की है। वह दोनों को कड़ी से कड़ी सजा दिलवाकर रहेगा।
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पुलिस व परिजनों की यहां रही कमी
थाना चांदनी बाग पुलिस ने गोशाला मंदिर में छात्रा का शव मिलने के बाद केवल पास पड़े डॉक्यूमेंट के आधार पर ही उसकी शिनाख्त कर दी। पुलिस ने परिजनों से एक बार भी बारीकी से नहीं पूछा। परिजनों ने भी कपड़ों को देखकर ही उसकी शिनाख्त कर दी। पुलिस अधिकारियों व परिजनों ने सिविल अस्पताल में डॉक्टरों के बोर्ड के बीच पोस्टमार्टम कराने के दौरान भी शव की दोबारा शिनाख्त की जहमत नहीं उठाई। पुलिस अधिकारी भी जल्द से जल्द पोस्टमार्टम कराकर शव परिजनों को सौंपने में लगे हुए थे। परिजनों ने भी शव को लेकर दाह संस्कार कर दिया। उन्होंने संस्कार करने की प्रक्रिया के दौरान शव का शिनाख्त करने की तरफ ध्यान नहीं दिया। जबकि सिमरन के पिता ने थाना शहर में पुलिस द्वारा फोटो दिखाते ही शिनाख्त कर दी थी। सिमरन के पिता आलोक दुबे उसके चेहरे, हाथ पर बंधे धागे व नाक की नथली को देखकर पहचान गया था। परिजनों ने भी अफसोस जताया कि पुलिस एक बार उनको नजदीक जाने देेती तो वे अपनी बेटी के शव का संस्कार अपने हाथों कर पाते।
ज्योति भी एनएसएस की वालिंटियर
सीआईए-थ्री प्रभारी प्रवीन कुमार ने बताया कि हत्यारोपी ज्योति को वीरवार को ही अदालत में पेश कर तीन दिन का पुलिस रिमांड लिया था। आरोपी ने पुलिस पूछताछ में बताया वह आर्य कॉलेज में बीए फाइनल ईयर की स्टूडेंट है। कॉलेज में जनवरी 2017 में तीन दिवसीय एनएसएस शिविर लगाया गया था। जिसमें एसडी कॉलेज का एक दल भी शामिल पहुचा था। जिसमें कृष्ण भी शामिल था। उसकी यहां पर कृष्ण के साथ मुलाकात हुई। इसके पश्चात दोनों के बीच लगातार बाते होती रही और दोनों ने एक साथ रहने के लिए प्लानिंग बनाई। उन्होंने इन्हीं सबके चलते वारदात को अंजाम दिया। ताकि किसी को दोनों के बारे कोई जानकारी ना मिले और सब उन्हें मरा हुआ ही समझे।
हत्या करने के बाद दोनों पहले रेलवे स्टेशन फिर बस स्टैंड पर पहुंचे
कृष्ण व ज्योति गोशाला में सिमरन की हत्या की वारदात को अंजाम देकर ऑटो में बैठकर पहले रेलवे स्टेशन पर पहुंचे, लेकिन उस वक्त कोई ट्रेन नहीं मिली। वे इसके बाद बस स्टैंड पर पहुंचे। यहां से चंडीगढ़ की बस में सवार होकर जिरकपुर पहुंचे। वे दोनों एक रात जिरकपुर में ठहरे और यहां पर मॉल में शॉपिंग की। वे अगले दिन यहां शिमला के लिए रवाना हुए। उन्होंने शिमला में बस स्टैंड के नजदीक एक होटल में कमरा लिया था। वे होटल में एक दिन व एक रात ठहर पाए थे। अगले दिन सुबह ही पुलिस ने दोनों को कमरे से अर्धनग्न अवस्था में दबोच लिया था।
कृष्ण ने पहले ही रख दिया था एसिड
सीआईए-थ्री की पूछताछ में सामने आया कि कृष्ण ने गोशाला परिसर के मंदिर के पीछे बने कमरे में पहले से ही एसिड रख दिया था। वह हर हाल में अपने प्लान को कामयाब करने की तैयारी में था। उसने सिमरन की हत्या करने के कुछ ही देर बाद उसके चेहरे व छाती पर एसिड डाल दिया था। पुलिस आरोपी से एसिड खरीदने की जगह के बारे में भी पूछताछ कर रही है। पुलिस ने इसका भी जल्द ही खुलासा करने का दावा किया है। हालांकि प्रशासनिक अधिकारियों ने अपने स्तर पर एसडीएम पानीपत विवेक चौधरी को जांच सौंपी है।
नाम बदलकर बुक करवाया था कमरा
सिमरन की हत्या के बाद कृष्ण और ज्योति बस से जीरकपुर पहुंचे। जहां उन्होंने एक मॉल में शॉपिंग की। इस दौरान उन्होंने वहां से दो सिम भी खरीदे। सिम खरीदने के बाद दोनों एक रात जीरकपुर रुके और अगले दिन शिमला के लिए रवाना हो गए। शिमला में दोनों ने अपना नाम बदल कर होटल में कमरा लिया। कृष्ण ने अपना राम श्याम और ज्योति ने अपना नाम बदलकर राधिका रखा। दोनों ने होटल के रिकॉर्ड मेें श्याम व राधिका के नाम से ही कमरा बुक कराया था। बताया जा रहा है कि इन्होंने आईडी प्रूफ भी दी थी, लेकिन पुलिस ने दोनों की प्लानिंग को फेल करते हुए दोनों को दबोच लिया।
गोशाला प्रबंधक व पुजारी की बढ़ी परेशानी
गोशाला प्रबंधक व पुजारी इस मामले में बेशक अपनी सफाई दे रहे हैं, लेकिन उनकी मुश्किल कम नहीं हो पा रही है। बताया जा रहा है कि पुलिस फिलहाल शव की शिनाख्त के बाद सिमरन के परिजनों का डीएनए टेस्ट कराने में लगी हुई है। पुलिस गोशाला प्रबंधन व पुजारी को पूरे मामले में शामिल करने की तैयारी में है। राष्ट्रीय महिला आयोग की सदस्या रेखा शर्मा ने पुलिस को इस बारे में सख्त हिदायत भी दी थी।
यह है मामला
विदित है कि मंगलवार सायं जीटी रोड स्थित गोशाला परिसर में बने मंदिर के पीछे बने एक कमरे में एक युवती का शव पड़ा मिला था। थाना चांदनी बाग पुलिस ने मौके से बरामद डॉक्यूमेंट के आधार पर शव की शिनाख्त ज्योति निवासी बराना के रूप में की थी। ज्योति आर्य कॉलेज में बीए फाइनल ईयर की छात्रा है। थाना चांदनी बाग पुलिस ने पोस्टमार्टम कराकर शव परिजनों को सौंप दिया था। वहीं आजाद नगर निवासी आलोक दुबे ने एसडी कॉलेज में बीए सेकंड ईयर में पढ़ने वाली अपनी लड़की सिमरन के अपहरण का आरोप लगाया था। थाना शहर पुलिस ने उसकी शिकायत के आधार पर कृष्ण निवासी अटावला के खिलाफ अपहरण का मुकदमा दर्ज किया था। पुलिस ने इन सबके बीच छात्रा की हत्या के आरोपी की पहचान भी अटावला निवासी कृष्ण के रूप में कर ली थी। वह एसडी कॉलेज में बीए थर्ड ईयर में ही पढ़ता है।
वर्जन
पुलिस की सीआईए-थ्री टीम हत्यारोपी कृष्ण व ज्योति से रिमांड के दौरान लगातार पूछताछ कर रहे हैं। आरोपी कृष्ण ने बताया कि उसने एसिड पहले से ही मंदिर के कमरे में रख दिया था। वे हत्या करने के बाद एक रात जिरकपुर होटल में ठहरे थे और यहां पर कुछ शॉपिंग भी की थी। वे इसके बाद शिमला चले गए थे। वहीं आरोपी ज्योति ने कृष्ण के साथ मार्च माह में आर्य कॉलेज में एनएसएस के एक कार्यक्रम में मुलाकात होने की बात बताई है। पुलिस दोनों आरोपियों से पूछताछ कर रही है। सिमरन के माता-पिता का डीएनएस मधुबन में करवाया जा रहा है।
-राहुल शर्मा, एसपी, पानीपत।
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- छात्रा की हत्या के मामले में आरोपी कृष्ण ने पुलिस की पूछताछ में किया खुलासा
- पुलिस ने ठीक से नहीं की शव की शिनाख्त, ज्योति के परिजनों ने किया संस्कार, बिफरे सिमरन के परिजन
- सिमरन की हत्या के बाद पुलिस की कार्रवाई पर भी उठने लगे सवाल
- पिता आलोक दुबे का आरोप उनकी बेटी का नाम आने के बाद शव दिखाया तक नहीं
- पुलिस ने आरोपी कृष्ण को कोर्ट में पेश कर लिया चार दिन का पुलिस रिमांड पर
- ज्योति का खुलासा, जनवरी में कॉलेज मेें हुए कार्यक्रम में मिला था कृष्ण
अमर उजाला ब्यूरो
पानीपत।
पुलिस सिमरन हत्याकांड में बेशक आरोपियों को दबोचकर अपनी पीठ थपथपा रही है, लेकिन इस मामले में अब पुलिस की लापरवाही भी सामने आ रही है। वहीं पुलिस पूछताछ में हत्यारोपी से वारदात के तरीके और और उनकी साजिश का भी खुलासा हुआ है।
सीआईए-थ्री ने सिमरन की हत्या के आरोपी कृष्ण निवासी अटावला को शुक्रवार को कोर्ट में पेश किया। पुलिस ने कोर्ट से आरोपी का रिमांड मांगा। कोर्ट ने मामले को देखते हुए आरोपी का चार दिन का पुलिस रिमांड मंजूर कर दिया। सीआईए-थ्री प्रभारी सब इंस्पेक्टर प्रवीन कुमार ने बताया की सिमरन की हत्या के आरोपी कृष्ण निवासी अटावला ने अब तक की पुलिस पूछताछ में बताया कि वह एसडी कॉलेज में बीए फाइनल ईयर का स्टूडेंट है और कॉलेज में एनएसएस का इंचार्ज है। सिमरन भी इसी कॉलेज में सेकेंड ईयर की स्टूडेंट थी और उसने भी एनएसएस को ज्वाइन किया था। इसलिए दोनों में जान पहचान थी। वारदात को अंजाम देने के लिए आरोपी कृष्ण सिमरन को एनएसएस के बारे कोई मीटिंग की बात बोलकर अपने साथ जीटी रोड पर स्थित गोहाना मोड़ के पास गोशाला मंदिर के ऊपर बने कमरे में ले गया। कुछ समय बाद ज्योति भी वहां पहुंच गई। दोनों ने पहले से ही बनाए प्लान के मुताबिक सिमरन को कोल्ड ड्रिंक में नींद की गोलियां मिलाकर सिमरन को पिलाई। सिमरन के बेहोश होने के बाद आरोपी ज्योति ने सिमरन के पैर पकड़े व आरोपी कृष्ण ने सिमरन का गला दबाकर उसकी हत्या कर दी। दोनों आरोपियों ने मिलकर ज्योति के कपड़े व कड़े तक सिमरन को पहना ज्योति का कॉलेज बैग भी निशानी के तौर पर कमरे में ही छोड़ दिया। सिमरन के चेहरे की पहचान ना हो इसलिए दोनों आरोपियों ने सिमरन के चेहरे पर एसिड डाल दिया।
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डीएनए टेस्ट के बहाने परिजनों को समझाने में लगी पुलिस
पुलिस सिमरन हत्याकांड में पुलिस की लापरवाही भी सामने आ रही है। सिमरन के शव को ज्योति का शव समझकर पुलिस ने पोस्टमार्टम भी करा दिया और परिजनों ने भी शव का संस्कार कर दिया। इस दौरान बोर्ड के बीच पोस्टमार्टम करते वक्त न तो पुलिस अधिकारियों व न ही परिजनों ने ध्यान दिया। वहीं राष्ट्रीय महिला आयोग की टीम के सामने भी आरोपी की पांच घंटे में ही पहचान करने की रिपोर्ट पेश कर वाहवाही बटोर ली। अब शव की सिमरन के रूप में शिनाख्त होने के बाद उसके माता-पिता का डीएनए टेस्ट कराया गया है। पुलिस की पूरे मामले में कार्रवाई अंधेरे में तीर चलाने जैसी रही। हालांकि पुलिस अधिकारी दोनों आरोपियों की गिरफ्तारी को बड़ी उपलब्धि मान रहे हैं। डीएसपी मुख्यालय जगदीप दूहन व थाना प्रभारी संदीप शुक्रवार को आजाद नगर निवासी छात्रा सिमरन के पिता आलोक दुबे व मां ऊषा दुबे को डीएनए टेस्ट के लिए शुक्रवार को मधुबन लैब में ले गए। इस दौरान दोनों कड़ी सुरक्षा में रहे। लैब में दोनों का डीएनए करीब 90 प्रतिशत पूरा हो पाया। पुलिस अधिकारियों को तकनीकी कारणों के सामने आने के बाद दोनों को वापस लेकर आना पड़ा। पुलिस अधिकारियों के अनुसार अब बाकी का 10 प्रतिशत टेस्ट शनिवार को कराया जाएगा। आलोक दुबे ने बताया कि उसकी बेटी बकसूर थी और कृष्ण व ज्योति ने साजिश के तहत उसकी लड़की की हत्या की है। वह दोनों को कड़ी से कड़ी सजा दिलवाकर रहेगा।
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थाना चांदनी बाग पुलिस ने गोशाला मंदिर में छात्रा का शव मिलने के बाद केवल पास पड़े डॉक्यूमेंट के आधार पर ही उसकी शिनाख्त कर दी। पुलिस ने परिजनों से एक बार भी बारीकी से नहीं पूछा। परिजनों ने भी कपड़ों को देखकर ही उसकी शिनाख्त कर दी। पुलिस अधिकारियों व परिजनों ने सिविल अस्पताल में डॉक्टरों के बोर्ड के बीच पोस्टमार्टम कराने के दौरान भी शव की दोबारा शिनाख्त की जहमत नहीं उठाई। पुलिस अधिकारी भी जल्द से जल्द पोस्टमार्टम कराकर शव परिजनों को सौंपने में लगे हुए थे। परिजनों ने भी शव को लेकर दाह संस्कार कर दिया। उन्होंने संस्कार करने की प्रक्रिया के दौरान शव का शिनाख्त करने की तरफ ध्यान नहीं दिया। जबकि सिमरन के पिता ने थाना शहर में पुलिस द्वारा फोटो दिखाते ही शिनाख्त कर दी थी। सिमरन के पिता आलोक दुबे उसके चेहरे, हाथ पर बंधे धागे व नाक की नथली को देखकर पहचान गया था। परिजनों ने भी अफसोस जताया कि पुलिस एक बार उनको नजदीक जाने देेती तो वे अपनी बेटी के शव का संस्कार अपने हाथों कर पाते।
ज्योति भी एनएसएस की वालिंटियर
सीआईए-थ्री प्रभारी प्रवीन कुमार ने बताया कि हत्यारोपी ज्योति को वीरवार को ही अदालत में पेश कर तीन दिन का पुलिस रिमांड लिया था। आरोपी ने पुलिस पूछताछ में बताया वह आर्य कॉलेज में बीए फाइनल ईयर की स्टूडेंट है। कॉलेज में जनवरी 2017 में तीन दिवसीय एनएसएस शिविर लगाया गया था। जिसमें एसडी कॉलेज का एक दल भी शामिल पहुचा था। जिसमें कृष्ण भी शामिल था। उसकी यहां पर कृष्ण के साथ मुलाकात हुई। इसके पश्चात दोनों के बीच लगातार बाते होती रही और दोनों ने एक साथ रहने के लिए प्लानिंग बनाई। उन्होंने इन्हीं सबके चलते वारदात को अंजाम दिया। ताकि किसी को दोनों के बारे कोई जानकारी ना मिले और सब उन्हें मरा हुआ ही समझे।
हत्या करने के बाद दोनों पहले रेलवे स्टेशन फिर बस स्टैंड पर पहुंचे
कृष्ण व ज्योति गोशाला में सिमरन की हत्या की वारदात को अंजाम देकर ऑटो में बैठकर पहले रेलवे स्टेशन पर पहुंचे, लेकिन उस वक्त कोई ट्रेन नहीं मिली। वे इसके बाद बस स्टैंड पर पहुंचे। यहां से चंडीगढ़ की बस में सवार होकर जिरकपुर पहुंचे। वे दोनों एक रात जिरकपुर में ठहरे और यहां पर मॉल में शॉपिंग की। वे अगले दिन यहां शिमला के लिए रवाना हुए। उन्होंने शिमला में बस स्टैंड के नजदीक एक होटल में कमरा लिया था। वे होटल में एक दिन व एक रात ठहर पाए थे। अगले दिन सुबह ही पुलिस ने दोनों को कमरे से अर्धनग्न अवस्था में दबोच लिया था।
कृष्ण ने पहले ही रख दिया था एसिड
सीआईए-थ्री की पूछताछ में सामने आया कि कृष्ण ने गोशाला परिसर के मंदिर के पीछे बने कमरे में पहले से ही एसिड रख दिया था। वह हर हाल में अपने प्लान को कामयाब करने की तैयारी में था। उसने सिमरन की हत्या करने के कुछ ही देर बाद उसके चेहरे व छाती पर एसिड डाल दिया था। पुलिस आरोपी से एसिड खरीदने की जगह के बारे में भी पूछताछ कर रही है। पुलिस ने इसका भी जल्द ही खुलासा करने का दावा किया है। हालांकि प्रशासनिक अधिकारियों ने अपने स्तर पर एसडीएम पानीपत विवेक चौधरी को जांच सौंपी है।
नाम बदलकर बुक करवाया था कमरा
सिमरन की हत्या के बाद कृष्ण और ज्योति बस से जीरकपुर पहुंचे। जहां उन्होंने एक मॉल में शॉपिंग की। इस दौरान उन्होंने वहां से दो सिम भी खरीदे। सिम खरीदने के बाद दोनों एक रात जीरकपुर रुके और अगले दिन शिमला के लिए रवाना हो गए। शिमला में दोनों ने अपना नाम बदल कर होटल में कमरा लिया। कृष्ण ने अपना राम श्याम और ज्योति ने अपना नाम बदलकर राधिका रखा। दोनों ने होटल के रिकॉर्ड मेें श्याम व राधिका के नाम से ही कमरा बुक कराया था। बताया जा रहा है कि इन्होंने आईडी प्रूफ भी दी थी, लेकिन पुलिस ने दोनों की प्लानिंग को फेल करते हुए दोनों को दबोच लिया।
गोशाला प्रबंधक व पुजारी की बढ़ी परेशानी
गोशाला प्रबंधक व पुजारी इस मामले में बेशक अपनी सफाई दे रहे हैं, लेकिन उनकी मुश्किल कम नहीं हो पा रही है। बताया जा रहा है कि पुलिस फिलहाल शव की शिनाख्त के बाद सिमरन के परिजनों का डीएनए टेस्ट कराने में लगी हुई है। पुलिस गोशाला प्रबंधन व पुजारी को पूरे मामले में शामिल करने की तैयारी में है। राष्ट्रीय महिला आयोग की सदस्या रेखा शर्मा ने पुलिस को इस बारे में सख्त हिदायत भी दी थी।
यह है मामला
विदित है कि मंगलवार सायं जीटी रोड स्थित गोशाला परिसर में बने मंदिर के पीछे बने एक कमरे में एक युवती का शव पड़ा मिला था। थाना चांदनी बाग पुलिस ने मौके से बरामद डॉक्यूमेंट के आधार पर शव की शिनाख्त ज्योति निवासी बराना के रूप में की थी। ज्योति आर्य कॉलेज में बीए फाइनल ईयर की छात्रा है। थाना चांदनी बाग पुलिस ने पोस्टमार्टम कराकर शव परिजनों को सौंप दिया था। वहीं आजाद नगर निवासी आलोक दुबे ने एसडी कॉलेज में बीए सेकंड ईयर में पढ़ने वाली अपनी लड़की सिमरन के अपहरण का आरोप लगाया था। थाना शहर पुलिस ने उसकी शिकायत के आधार पर कृष्ण निवासी अटावला के खिलाफ अपहरण का मुकदमा दर्ज किया था। पुलिस ने इन सबके बीच छात्रा की हत्या के आरोपी की पहचान भी अटावला निवासी कृष्ण के रूप में कर ली थी। वह एसडी कॉलेज में बीए थर्ड ईयर में ही पढ़ता है।
वर्जन
पुलिस की सीआईए-थ्री टीम हत्यारोपी कृष्ण व ज्योति से रिमांड के दौरान लगातार पूछताछ कर रहे हैं। आरोपी कृष्ण ने बताया कि उसने एसिड पहले से ही मंदिर के कमरे में रख दिया था। वे हत्या करने के बाद एक रात जिरकपुर होटल में ठहरे थे और यहां पर कुछ शॉपिंग भी की थी। वे इसके बाद शिमला चले गए थे। वहीं आरोपी ज्योति ने कृष्ण के साथ मार्च माह में आर्य कॉलेज में एनएसएस के एक कार्यक्रम में मुलाकात होने की बात बताई है। पुलिस दोनों आरोपियों से पूछताछ कर रही है। सिमरन के माता-पिता का डीएनएस मधुबन में करवाया जा रहा है।
-राहुल शर्मा, एसपी, पानीपत।