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‘कैप्टन अभिमन्यु अपने मामले में पीछे हटें तो हो सकती है सुलह’

Sat, 18 Feb 2017 12:13 AM IST
पानीपत/अमर उजाला ब्यूरो
पानीपत/अमर उजाला ब्यूरो Updated Sat, 18 Feb 2017 12:13 AM IST
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मी‌टिंग - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
जाट आरक्षण आंदोलन को साधने की अपनी रणनीति के तहत सरकार ने मंत्रियों और भाजपा के वरिष्ठ नेताओं को मैदान में उतारा है। इसी के तहत शुक्रवार को कृषि मंत्री ने पानीपत में जाट और खाप नेताओं से बातचीत की। हालांकि मलिक गुट के मांगों पर अड़ने के बाद दूसरे गुटों को साधने की तीन घंटे की यह कवायद भी सिरे नहीं चढ़ सकी। थर्मल पावर स्टेशन स्थित कांफ्रेंस हाल में हुई मीटिंग में जाट-खाप नेताओं ने कृषि मंत्री के सामने इमोशनल और आक्रामक तरीके से मांगें रखीं। इस दौरान कई बार हंगामा भी हुआ।
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जाट नेताओं ने साफ कहा कि वित्त मंत्री कैप्टन अभिमन्यु अपने मामले में पीछे हट जाएं तो सुलह हो सकती है। कृषि मंत्री ने जाट आरक्षण को लेकर जल्द ही हल निकालने का दावा किया है। कृषि मंत्री ओमप्रकाश धनखड़ ने शुक्रवार दोपहर बाद पानीपत थर्मल पावर प्लांट स्थित मीटिंग हाल में जाट समितियों के प्रधानों और खाप नेताओं के साथ मीटिंग की।
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दोपहर बाद करीब साढ़े तीन बजे शुरू बैठक शुरू हुई।  अखिल भारतीय जाट महासभा के प्रदेशाध्यक्ष ओमप्रकाश मान ने कहा कि सरकार के पास 31 नौकरियां भी नहीं है। नौकरी है तो डीसी रेट पर लगाने की, जोकि उनके साथ भद्दा मजाक है। सरकार युवाओं पर दर्ज मुकदमों को समाप्त नहीं कर सकती तो जेलों में बंद युवाओं को जमानत पर रिहा तो करवा सकती है।
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दादरी से आए एडवोकेट सुनील ने कहा कि भाजपा की सरकार दोहरी नीति अपना रही है। कुरुक्षेत्र सांसद राजकुमार सैनी ने सरेआम जाट समाज को गाली दी। उन्हें आज तक नहीं रोका गया। अब उनकी यह लड़ाई अकेले जाट समाज की नहीं, बल्कि 36 बिरादरी की है।

आरोप लगाया कि कोर्ट में चल रहे आरक्षण के मामले मेें सरकार सही तरीके से पैरवी नहीं कर रही। रविंद्र फोगाट ने कहा कि सरकार जल्द उनकी मांगें मान ले। पूरे प्रदेश में मांगों को लेकर आक्रोश है। दहिया खाप सोनीपत के प्रधान सुरेंद्र सिंह, खाप प्रवक्ता सोनीपत वीरेंद्र दहिया,

हुकुम कादियान, राज मलिक, सतबीर सिंह, राज मलिक, अनिल, अखिल भारतीय जाट महासभा सुभाष, गुरदेव कादियान, प्रवेंद्र खत्री, अशोक, भलेराम नरवाल, सूबे सिंह, जबरदस्त आरक्षण संघर्ष समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष दलबीर जागलान, नैन, श्योराण, दहिया सहित कई खापों के नेता मौजूद रहे।

‘सरकार की मंशा अच्छी’
कृषि मंत्री ओमप्रकाश धनखड़ ने कहा कि सारी समस्या सरकार के सामने रख दी जाएंगी। भाजपा सरकार उनकी मांगों को पूरा करना चाहती है। यदि ऐसा नहीं होता तो वे यहां नहीं आते। अभी तक 1500 के करीब मामलों को निपटाया जा चुका है। शेष बचे 622 मामले में भी निपट जाएंगे।

उन्होंने कहा कि पूरे हरियाणा का मुखिया समाज है। इस तरह से जाट समाज भी उनका कुनबा है। इस कुनबे का नेतृत्व हमारे द्वारा ही किया जाएगा। उन्होंने कहा कि आंदोलन के दौरान मारे गए लोगों के आश्रितों को सरकार द्वारा सहयोग राशि भी भिजवाई गई थी।

प्रदेश का यह हाल पूर्व मुख्यमंत्री हुड्डा की देन 
कृषि मंत्री ओम प्रकाश धनखड़ ने इस गंभीर समस्या को हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा की देन बताया। कहा कि आरक्षण का मामला कोर्ट में चल रहा है। इसकी पैरवी सरकार कर रही है। पानीपत ग्रामीण विधायक महिपाल ढांडा ने बताया कि हर रोज मुख्यमंत्री से जाट समाज की मांगों के बारे में बातचीत जारी है। सरकार भी मांगें पूरा करना चाहती है। 

हर गांव से दे दो गिरफ्तारी
सहारण खाप के साधू राम ने कहा कि सरकार उनका मजाक उड़ा रही है। लोगों को धरने देने की बजाय जेल भरो आंदोलन चलाना चाहिए। जब हरियाणा के हर गांव से 10-10 आदमी अपनी गिरफ्तारी देंगे तो सरकार अपने आप ही टूट जाएगी। सबको शांतिपूर्वक अपनी गिरफ्तारी देनी चाहिए।

अपनी मांगें मनवानी हैं तो उंगली टेढ़ा करना पड़ेगा। कहा कि सरकार को समय रहते उनकी मांग मान लेनी चाहिए, वरना परिणाम गंभीर हो सकते है।

मंत्री के आते ही मिला खानपान
दोपहर बाद 2.39 बजे कृषि मंत्री थर्मल स्टेशन के गेट संख्या एक से रेस्ट हाउस पहुंचे। इसके साथ ही चाय पानी की व्यवस्था शुरू हो गई। इससे पहले कई खापों के प्रधान पानी तक के लिए भटकते रहे। मंत्री के आने के बाद वेटरों की व्यवस्था थर्मल प्लांट मैनेजमेंट ने कर दी।

कृषि मंत्री के साथ वार्ता के लिए आए कई खापों और अन्य जाट महासभा के नेताओं की वीआईपी की तरह सेवा हुई। वे पहले भूखे पेट मंत्रीजी का इंतजार कर रहे थे। इससे पहले मंत्रीजी ने खाने के स्टॉल का जायजा भी लिया। नेताओं का खाना करीब एक घंटे तक चला।

पूरे एक घंटे तक मंत्री विधायक संग बंद कमरे से सारे माहौल को देखते रहे। करीब 3.27 बजे बातचीत के लिए थर्मल प्लांट के लिए रेस्ट हाउस से चल पड़े।

बुके देकर किया स्वागत
रेस्ट हाउस के बाद थर्मल प्लांट के कॉन्फ्रेंस हाल में कृषि मंत्री ओपी धनखड़ के 3.37 बजे पहुंचने पर कुछ खापों के प्रधान और जाट महासभा के नेताओं ने बुके देकर उनका स्वागत किया।

चोरों को दिखते हैं चोर
जाट आरक्षण संघर्ष समिति के राष्ट्रीय सचिव प्रताप सिंह दहिया ने बताया कि थर्मल में हुई वार्ता से उनकी समिति का कोई लेना देना नहीं है। कुछ लोग सरकार के पिट्ठू हैं। अपनी राजनीतिक रोटियां सेंकने में लगे हैं। उन्होंने कहा कि धरने में एकत्रित होने वाले चंदे पर समिति का कोई हक नहीं है।


यह चंदा तो आंदोलन के दौरान मारे गए, घायल हुए या फिर जेलों में पड़े युवकों के आश्रितों के लिए जमा किया जा रहा है। कुल मिलाकर चोरों को हम चोर दिखते हैं। दहिया ने बताया कि वह अपनी मांगों के लिए शांतिपूर्वक धरना दे रहे हैं, जिसका नेतृत्व समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष यशपाल मलिक द्वारा किया जा रहा है। 
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