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कोर्ट ने इंस्पेक्टर समेत आठ पर केस दर्ज करने के दिए आदेश
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पानीपत। पत्रकार वार्ता कर जानकारी देते हुए पीड़ित राजकुमार और साथ में मौजूद वकिल सियाराम शर्मा ?
- फोटो : Panipat
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पानीपत। उद्यमी का अपहरण करने, मारपीट करने व 25 लाख रुपये मांगने के आरोपों में घिरे सीआईए टू के प्रभारी वीरेंद्र सिंह समेत आठ लोगों के खिलाफ अतिरिक्त जिला न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रदीप चौधरी ने केस दर्ज करने के निर्देश दिए हैं। मजिस्ट्रेट की ओर से ये निर्देश चांदनी बाग थाना पुलिस को दिए गए हैं।
पुलिस ने उद्यमी को 8 नवंबर को एक धोखाधड़ी के मामले में हिरासत में लिया था। उद्यमी ने पुलिस हिरासत से बाहर आने के बाद इस संबंध में एसीजेएम से शिकायत की थी। उन्होंने शिकायत के साथ अपनी मेडिकल रिपोर्ट, पुलिस कर्मचारियों की रिकॉर्डिंग और वो सीसीटीवी फुटेज सौंपी थी, जिसमें पुलिस कर्मचारी उद्यमी को गाड़ी में डालते दिखाई दे रहे हैं। सवा माह तक मामले की जांच चलने के बाद एसीजेएम ने आठ पुलिस वालों के खिलाफ कार्रवाई के ये निर्देश जारी किए हैं।
उद्यमी राजकुमार आहूजा पुत्र हीरा लाल ने मीडिया सेंटर में हुई पत्रकार वार्ता में बताया कि वो 8 नवंबर को वकील से मिलने के लिए कोर्ट में आया था। आरोप लगाते हुए बताया था कि कोर्ट से निकलते हुए सीआईए टू ने उनका अपहरण कर लिया था। इसमें आठ पुलिस कर्मचारी शामिल थे। अपहरण कर उन्हें सीआईए टू कार्यालय में लाया गया। यहां उनकी बुरी तरह से पिटाई की गई। उन्हें दो दिन तक प्रताड़ित किया गया। उससे पुलिस कर्मचारियों ने 25 लाख रुपये की मांग की।
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उद्यमी ने बताया कि परिवार के लोगों ने काफी परेशानी उठाकर लोगों से पैसे उधार लिए और तब 25 लाख रुपये की रकम पुलिस को दी। इसके बाद उन्हें छोड़ दिया गया। वो पुलिस हिरासत से बाहर आकर मामले की शिकायत को लेकर कई पुलिस अधिकारियों से मिले, लेकिन उनकी सुनवाई नहीं हुई। इसके बाद उसने अपना मेडिकल कराया, कोर्ट में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज निकलवाई और वो कॉल रिकॉर्डिंग एसीजेएम को दी जिसमें पुलिस वाले उसके परिवार से पैसों की मांग कर रहे हैं। एसीजेएम ने मामले की जांच के बाद सीआईए टू प्रभारी व पांच पुलिस कर्मचारियों पर केस दर्ज करने के निर्देश जारी किए।
पुलिस ने धोखाधड़ी के मामले में उद्यमी को लिया था हिरासत में
6 नवंबर को बिहार के रहने वाले राजीव ने राजकुमार आहूजा उनकी पत्नी सुमन, सागर और अर्जुन के खिलाफ चांदनी बाग थाना पुलिस में केस दर्ज कराया था। राजीव का आरोप था कि राजकुमार व उसके परिवार के लोगों ने बिहार में उसका व्यापार शुरू कराने का झांसा देकर उससे 25 लाख रुपये की ठगी की है। ये ठगी दो साल तक की गई है। इस शिकायत के आधार पर इन सभी पर केस दर्ज किया गया था। इसी मामले में सीआईए टू ने राजकुमार को 8 नवंबर को हिरासत में लिया था।
आरोपियों में ये हैं शामिल
सीआईए टू के प्रभारी वीरेंद्र सिंह समेत राजेश, सुमित, सुभाषचंद्र, जयवीर राणा और तीन अन्य।
हमें अतिरिक्त जिला न्यायिक मजिस्ट्रेट के आर्डर मिल गए हैं। आरोपियों के खिलाफ जल्द केस दर्ज करेंगे। -चांदनीबाग थाना प्रभारी महिपाल सिंह
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पुलिस ने उद्यमी को 8 नवंबर को एक धोखाधड़ी के मामले में हिरासत में लिया था। उद्यमी ने पुलिस हिरासत से बाहर आने के बाद इस संबंध में एसीजेएम से शिकायत की थी। उन्होंने शिकायत के साथ अपनी मेडिकल रिपोर्ट, पुलिस कर्मचारियों की रिकॉर्डिंग और वो सीसीटीवी फुटेज सौंपी थी, जिसमें पुलिस कर्मचारी उद्यमी को गाड़ी में डालते दिखाई दे रहे हैं। सवा माह तक मामले की जांच चलने के बाद एसीजेएम ने आठ पुलिस वालों के खिलाफ कार्रवाई के ये निर्देश जारी किए हैं।
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उद्यमी राजकुमार आहूजा पुत्र हीरा लाल ने मीडिया सेंटर में हुई पत्रकार वार्ता में बताया कि वो 8 नवंबर को वकील से मिलने के लिए कोर्ट में आया था। आरोप लगाते हुए बताया था कि कोर्ट से निकलते हुए सीआईए टू ने उनका अपहरण कर लिया था। इसमें आठ पुलिस कर्मचारी शामिल थे। अपहरण कर उन्हें सीआईए टू कार्यालय में लाया गया। यहां उनकी बुरी तरह से पिटाई की गई। उन्हें दो दिन तक प्रताड़ित किया गया। उससे पुलिस कर्मचारियों ने 25 लाख रुपये की मांग की।
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उद्यमी ने बताया कि परिवार के लोगों ने काफी परेशानी उठाकर लोगों से पैसे उधार लिए और तब 25 लाख रुपये की रकम पुलिस को दी। इसके बाद उन्हें छोड़ दिया गया। वो पुलिस हिरासत से बाहर आकर मामले की शिकायत को लेकर कई पुलिस अधिकारियों से मिले, लेकिन उनकी सुनवाई नहीं हुई। इसके बाद उसने अपना मेडिकल कराया, कोर्ट में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज निकलवाई और वो कॉल रिकॉर्डिंग एसीजेएम को दी जिसमें पुलिस वाले उसके परिवार से पैसों की मांग कर रहे हैं। एसीजेएम ने मामले की जांच के बाद सीआईए टू प्रभारी व पांच पुलिस कर्मचारियों पर केस दर्ज करने के निर्देश जारी किए।
पुलिस ने धोखाधड़ी के मामले में उद्यमी को लिया था हिरासत में
6 नवंबर को बिहार के रहने वाले राजीव ने राजकुमार आहूजा उनकी पत्नी सुमन, सागर और अर्जुन के खिलाफ चांदनी बाग थाना पुलिस में केस दर्ज कराया था। राजीव का आरोप था कि राजकुमार व उसके परिवार के लोगों ने बिहार में उसका व्यापार शुरू कराने का झांसा देकर उससे 25 लाख रुपये की ठगी की है। ये ठगी दो साल तक की गई है। इस शिकायत के आधार पर इन सभी पर केस दर्ज किया गया था। इसी मामले में सीआईए टू ने राजकुमार को 8 नवंबर को हिरासत में लिया था।
आरोपियों में ये हैं शामिल
सीआईए टू के प्रभारी वीरेंद्र सिंह समेत राजेश, सुमित, सुभाषचंद्र, जयवीर राणा और तीन अन्य।
हमें अतिरिक्त जिला न्यायिक मजिस्ट्रेट के आर्डर मिल गए हैं। आरोपियों के खिलाफ जल्द केस दर्ज करेंगे। -चांदनीबाग थाना प्रभारी महिपाल सिंह