फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Panipat News ›   Country's progress is possible only through women empowerment

Panipat News: नारी सशक्तीकरण से ही देश की उन्नती संभव

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Thu, 13 Feb 2025 02:27 AM IST
विज्ञापन
Country's progress is possible only through women empowerment

विज्ञापन
पानीपत। महिलाएं आज हर क्षेत्र में परचम लहरा रही हैं। यह भी सत्य है कि नारी सशक्तीकरण से ही देश की उन्नती संभव है लेकिन महिलाओं को माैजूदा समय में भी कई प्रकार की चुनाैतियों का सामना करना पड़ता है। इनके लिए उनको सशक्त होकर आगे आने की जरूरत है। आज भी देखा जाता है कि कुछ महिलाओं को काम करने की स्वतंत्रता नहीं है। उन्हें घर से लेकर कार्य स्थल पर भी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।


कंचन सागर ने बताया कि वह कई वर्षों से समाजसेवा के क्षेत्र में कार्य कर रही है। पहले महिलाओं को घर से बाहर निकलने नहीं दिया जाता था। आज आवश्यकता बढ़ने पर महिलाओं को नौकरी के अवसर भी दिए जा रहे हैं। यह सब जरूरत का हिस्सा है। बहुत कम महिलाएं प्रतिभा अनुसार काम कर पा रही हैं। यह महिलाओं के लिए आधुनिक समय में भी चुनौती बना हुआ है। लोगों को अपनी संकीर्ण सोच से ऊपर उठने की जरूरत है।
विज्ञापन



सीमा देवी एक अध्यापक हैं। उन्होंने कहा कि विशेष दिवस पर ही महिलाओं के अधिकार और सम्मान के लिए बड़ी-बड़ी बातें की जाती हैं। काम के समय उनको अनदेखा कर दिया जाता है। कई बार देखने में आया है कि अनदेखी के चलते महिलाओं की प्रतिभा सामने नहीं आ पाती। ऐसे में उनको भी अपना मन मसोसकर रहना पड़ता है। किताबों से बाहर समाज को महिलाओं को बराबर का अधिकार असल जिंदगी में भी देना चाहिए।
विज्ञापन
विज्ञापन


ऋतु राठी ने बताया कि नौकरीपेशा क्षेत्र में भी महिलाओं को पूरा सम्मान नहीं मिल पा रहा है। उनको इसके लिए भी संघर्ष करना पड़ रहा है। कुछ महिलाएं आगे आकर फैसला लेकर अपना रास्ता खुद बनाती हैं। इसके बाद भी समाज तरह-तरह की बात करता है। महिलाओं को इन बातों पर ध्यान नहीं देना चाहिए। उनको क्या करने से पहले क्या नहीं करना है की सोच रखकर अपने लक्ष्य की प्राप्ति की तरफ बढ़ना है, तभी जाकर महिलाओं को मजबूती मिलेगी।


शैफालिका शर्मा ने बताया कि महिलाएं शिक्षा ही नहीं चिकित्सा और इंजीनियर के क्षेत्र में लगातार नाम रोशन कर रही हैं। यही नहीं महिलाएं सेना में देश के अग्रिम मोर्चे पर तैनात हैं और फाइटर विमान तक उड़ा रही हैं। महिलाओं को समाज में पुरुषों से कमतर नहीं समझना चाहिए। वे परिवार को संभालने के साथ अपनी नौकरी और कार्य को भी जिम्मेदारी के साथ पूरा करती हैं। इससे महिलाओं को मजबूती भी मिली है।


शिल्पा परुथी ने बताया कि आधुनिक समय में बेटियों को लेकर लोगों की सोच आज भी इतनी बेहतर नहीं हुई है। कुछ लोगों के चलते बेटियों को गर्भ में ही मार दिया जाता है। तमाम कानून बनने और विजिलेंस पढ़ने के बाद भी कुछ लोग पैसों के लिए इस पाप को आसानी के साथ कर देते हैं। ऐसे लोगों पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। इसके साथ महिलाओं को बराबर के अधिकार केवल कानून या किताबों में ही नहीं बल्कि समाज में भी नजर आने चाहिए।



डॉ. कूंजल प्रतिष्ठा ने बताया कि महिलाएं हर क्षेत्र में आगे आकर काम कर रही हैं। वे समाजसेवा के क्षेत्र में पुरुषों से भी बेहतर काम कर रही हैं। वहीं नौकरी में उनकी कार्यक्षमता पुरुषों से अधिक रहती है। वे अपने काम को लेकर ईमानदारी बरतती हैं। इसके साथ समय का भी ध्यान रखती हैं। महिलाओं के किसी कार्यालय में होने पर अनुशासन बेहतर रहता है। महिलाओं के कंधों पर परिवार ही नहीं समाज व देश की भी जिम्मेदारी है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed