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मौसम में बदलाव से ओपीडी 1400 पहुंची खांसी सिरप तक नहीं
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राजकुमारी।
- फोटो : Panipat
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पानीपत। मौसम में बदलाव के साथ लोगों का स्वास्थ्य भी बिगड़ रहा है। खांसी, जुकाम और एलर्जी के मरीज अधिक हैं। वायरल के रोगियों का आना भी जारी है। लोग इलाज कराने के लिए सामान्य अस्पताल पहुंचे रहे हैं, लेकिन दवा नहीं मिलने से परेशान हो रहे हैं। शुक्रवार को करीब 1400 मरीजों की ओपीडी हुई। इनमें अधिकतर खांसी-जुकाम के मरीज थे।
कई मरीजों ने बताया कि सुबह दस बजे आकर ओपीडी के लिए लाइन में लगे। करीब 45 मिनट में उनका नंबर आया। जब वह डॉक्टर के पास पहुंचे तो वहां पर भी लाइन मिली। लंबे इंतजार के बाद डॉक्टर से मिले और जब दवा लेने अस्पताल के मेडिकल स्टोर पहुंचे तो बताया गया कि डॉक्टर ने जो दवा लिखी है, उनके पास है ही नहीं। बाहर से मिलेगी। मरीजों का आरोप था कि अस्पताल में उन्हें खांसी का सिरप तक नहीं मिल रहा।
सामान्य अस्पताल की ओपीडी में पिछले सप्ताह मुकाबले इस बार बुखार के मरीजों की संख्या कम हुई है। हालांकि अभी वायरल का प्रकोप पूरी तरह से खत्म नहीं हुआ है। अभी भी कुछ मरीज आ रहे हैं। इस वक्त सर्दी बढ़ने से खांसी और जुकाम के मरीज बढ़े हैं।
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नहीं मिली दवा
हनुमान कॉलोनी निवासी मुकेश कुमारी ने बताया कि 11 वर्षीय बेटे हरीश को खांसी और पेट में दर्द था। बेटे को दवा दिलाने के लिए सामान्य अस्पताल में आई थीं, लेकिन डॉक्टर से मिलने में ही उनके दो घंटे बीत गए। अंत में दवा लेने पहुंचे तो पता चला कि वह नहीं है, बाहर से लेनी होगी।
गांव महराणा निवासी 61 वर्षीय पाले सिंह ने बताया कि बदलते मौसम की वजह उसे खांसी हो गई और बलगम भी बनने लगा। इलाज कराने के लिए सामान्य अस्पताल पहुंचे, लेकिन डेढ़ घंटे बाद भी दवा नहीं मिली। डिस्पेंसरी वालों ने कहा कि खांसी का सिरप खत्म हो गया है, बाहर से लेना होगा।
सामान्य अस्पताल में अपनी बेटी नौ वर्षीय बेटी जमुना के लिए दवा लेने पहुंचीं राजकुमारी ने बताया कि डॉक्टर ने चार दवा लिखी थीं, लेकिन डिस्पेंसरी पहुंचने के बाद सिर्फ एक दवा मिली।
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कई मरीजों ने बताया कि सुबह दस बजे आकर ओपीडी के लिए लाइन में लगे। करीब 45 मिनट में उनका नंबर आया। जब वह डॉक्टर के पास पहुंचे तो वहां पर भी लाइन मिली। लंबे इंतजार के बाद डॉक्टर से मिले और जब दवा लेने अस्पताल के मेडिकल स्टोर पहुंचे तो बताया गया कि डॉक्टर ने जो दवा लिखी है, उनके पास है ही नहीं। बाहर से मिलेगी। मरीजों का आरोप था कि अस्पताल में उन्हें खांसी का सिरप तक नहीं मिल रहा।
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सामान्य अस्पताल की ओपीडी में पिछले सप्ताह मुकाबले इस बार बुखार के मरीजों की संख्या कम हुई है। हालांकि अभी वायरल का प्रकोप पूरी तरह से खत्म नहीं हुआ है। अभी भी कुछ मरीज आ रहे हैं। इस वक्त सर्दी बढ़ने से खांसी और जुकाम के मरीज बढ़े हैं।
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नहीं मिली दवा
हनुमान कॉलोनी निवासी मुकेश कुमारी ने बताया कि 11 वर्षीय बेटे हरीश को खांसी और पेट में दर्द था। बेटे को दवा दिलाने के लिए सामान्य अस्पताल में आई थीं, लेकिन डॉक्टर से मिलने में ही उनके दो घंटे बीत गए। अंत में दवा लेने पहुंचे तो पता चला कि वह नहीं है, बाहर से लेनी होगी।
गांव महराणा निवासी 61 वर्षीय पाले सिंह ने बताया कि बदलते मौसम की वजह उसे खांसी हो गई और बलगम भी बनने लगा। इलाज कराने के लिए सामान्य अस्पताल पहुंचे, लेकिन डेढ़ घंटे बाद भी दवा नहीं मिली। डिस्पेंसरी वालों ने कहा कि खांसी का सिरप खत्म हो गया है, बाहर से लेना होगा।
सामान्य अस्पताल में अपनी बेटी नौ वर्षीय बेटी जमुना के लिए दवा लेने पहुंचीं राजकुमारी ने बताया कि डॉक्टर ने चार दवा लिखी थीं, लेकिन डिस्पेंसरी पहुंचने के बाद सिर्फ एक दवा मिली।

पाले सिंह।- फोटो : Panipat

मां मुकेश व बेटा हरीश- फोटो : Panipat

सिविल अस्पताल की डिस्पेंसरी पर लिखे न मिलने वाली दवाईयों को नाम।- फोटो : Panipat