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Panipat News: सीईटीपी प्लांट के सामने फिर टूटी निगम की भूमिगत सीवर लाइन

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sun, 08 Oct 2023 01:59 AM IST
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Corporation's underground sewer line broken again in front of CETP plant
पानीपत। सेक्टर 29 पार्ट-2 स्थित सीईटीपी प्लांट के सामने शनिवार को दोपहर फिर जमीन धंस गई। इससे यहां करीब 25 फीट गहरा और 20 फीट चौड़ा गड्ढा हो गया। इसकी मरम्मत के लिए निगम की टीम जुट गई है। यह जमीन निगम की खस्ताहाल सीवरेज लाइन के लीक होने से धंसी है। अब से ठीक साढ़े तीन माह पहले यानी 26 जून को भी ऐसे ही पाइपलाइन लीक होने से जमीन धंस चुकी है। इससे करीब 50 फुट चौड़ा और 20 फुट गहरा गड्ढा बन गया था। इस बार भी पहले वाले गड्ढे से महज 200 मीटर की दूरी पर पाइपलाइन लीक हुई है।
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निगम अधिकारी सूचना मिलते ही मौके पर पहुंचे। पोकलेन मशीन से आसपास की मिट्टी हटाई गई। जमीन में करीब 25 फीट नीचे सीवरेज की पाइपलाइन टूटी मिली, जिसे पहली बार की तरह फिर निगम अधिकारी लीपापोती कर मरम्मत करवाने में जुट गए। जमीन धंसने से आसपास के लोगों में डर का माहौल बन गया है। गनीमत रही कि जिस समय जमीन धंसी, उस समय इसके आसपास कोई जानवर या इंसान नहीं था। वरना बड़ा हादसा हो सकता था।
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नगर निगम की पाइपलाइन खस्ताहाल है। इससे आधे शहर की सीवरेज निकासी जुड़ी है। जनस्वास्थ्य विभाग ने 1965 में यह लाइन संजय चौक से लेकर बबैल नाके तक करीब डेढ़ किमी. लंबी बिछाई थी, जो 58 साल पुरानी हो चुकी है। वहीं, विभाग ने 1996 में बबैल नाके से लेकर एसटीपी तक करीब 10 किलोमीटर लंबी लाइन बिछाई थी, जो अब 27 साल पुरानी हो चुकी है।
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इसी लाइन के जरिए शहर की सीवरेज की निकासी वर्षों से होती आ रही है। इसी लाइन में कई डाई हाउसों ने केमिकल का पानी छोड़ा था, जिससे लाइन ध्वस्त होनी शुरू हो चुकी है। पाइपलाइन से होकर सीवर का पानी एसटीपी तक जाता है, जिसे शोधित किया जाता है।
अधिकारियों का कहना है कि शहर की पूरी निकासी इसी पाइपलाइन से होकर निगम के सिवाह स्थित 25 और 35 एमएलडी एसटीपी पर जाती है। यह लाइन करीब छह फीट चौड़ी है, जो कंक्रीट से बनी। यह लाइन जमीन के 25 फुट नीचे बिछाई गई है। इससे हर घंटे लाखों लीटर पानी को पांच बड़ी मोटरों से लिफ्ट कराया जा रहा है। हालांकि यह काफी पुरानी है। पहले भी इस लाइन को बदलवाने के लिए पीपीआई तकनीक से करोड़ों रुपये का बजट बनाया था, जिसकी अनुमति और प्रक्रिया आज भी निगम कार्यालय के दफ्तरों में धूल फांक रही है।

लाइन को मरम्मत कराने का काम चल रहा है। अनुमान है कि रविवार तक काम हो जाएगा। खस्ताहाल लाइन के एक हिस्से को बदलवाने के लिए सरकार को करीब पौने पांच करोड़ का बजट बनाकर भेजा गया है। अनुमति मिलने के बाद इस हिस्से को बदलवा दिया जाएगा।

- अर्पित कुमार, एसडीओ, नगर निगम
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