{"_id":"65a70ab1ad5089b49b01e564","slug":"corporation-is-doing-online-mapping-of-booths-panipat-news-c-244-1-pnp1004-12301-2024-01-17","type":"story","status":"publish","title_hn":"Panipat News: वार्डबंदी के लिए नगर निगम कर रहा बूथों की ऑनलाइन मैपिंग","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Panipat News: वार्डबंदी के लिए नगर निगम कर रहा बूथों की ऑनलाइन मैपिंग
विज्ञापन
पानीपत। शहर की नई वार्डबंदी को लेकर निगम अब शहर के बूथों की लोकल कमेटियों के साथ ऑनलाइन मैपिंग करेगा, यानी एलसी और बूथ के हिसाब से जनसंख्या का मिलान किया जाएगा। इसके आधार पर सभी वार्डों को बराबर आबादी में बांटकर नई वार्डबंदी तैयार की जाएगी। विदित हो कि इस समय शहर में 319 बूथ हैं। इतनी ही निगम ने एलसी बनाई हैं। सभी का आपस में मिलान करने के बाद प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।
नगर निगम ने नई वार्डबंदी को लेकर एडीसी कार्यालय से शहर की जनसंख्या का एफआईडीआर यानी फैमिली इन्फॉरमेशन डाटा रिकॉर्ड लिया है। इसमें निगम क्षेत्र में रहने वाले लोगों की जनसंख्या 6.24 लाख मिली है। इस जनंसख्या को एलसी और बूथ के हिसाब से बांटा जाएगा। परिवार पहचान पत्र और जनसंख्या आंकडे़ के आधार पर कॉलोनियों की बाउंड्री तैयार होगी। इससे पहले मार्च 2018 की वार्डबंदी डोर टू डोर सर्वे पर आधारित थी, जिसमें शहर की जनसंख्या 7.13 लाख थी। अब पांच साल बाद शहर की जनसंख्या बढ़ने की बजाए रिकॉर्ड में करीब 89 हजार घटी है।
परिसीमन आयोग के सिद्धांत के अनुसार, जनसंख्या की आबादी के आधार पर ही वार्ड बनाए जाएंगे जो इस आंकड़े के अनुसार 26 ही रहेंगे। अधिकारियों का अनुमान है कि वार्डबंदी में एलसी और बूथों की मैपिंग के बाद कुछ कॉलोनियों की नई बांउड्री भले ही बनाई जा सकती है, लेकिन ज्यादा बदलाव नहीं होगा।
विज्ञापन
जनसंख्या के साथ जातिगत समीकरण तैयार
एक अक्तूबर 2023 को आधार मानते हुए पीपीपी के डाटा के अनुसार निगम क्षेत्र में 6.24 लाख लोगों की आबादी है। इनमें एससी वर्ग की जनसंख्या 106957 और बीसी ए वर्ग की जनसंख्या 184723 है। पिछली बार बैकवर्ड क्लास के तीन और एससी वर्ग के लिए दो वार्ड आरक्षित किए गए थे। वहीं मेयर की सीट बीसी महिला के लिए आरक्षित की गई थी। अनुमान है कि इस बार मेयर की सीट सामान्य वर्ग के लिए होगी।
वर्जन:
पीपीपी आधारित जनंसख्या के आंकड़े पर नई वॉर्डबंदी होगी। अब लोकल कमेटी यानी एलसी और बूथों की मैपिंग की जा रही है। इसके आधार पर कॉलोनियों की नई बांउड्री तैयार हो सकती है।
- वीरेंद्र मलिक, एमई, नगर निगम।
विज्ञापन
नगर निगम ने नई वार्डबंदी को लेकर एडीसी कार्यालय से शहर की जनसंख्या का एफआईडीआर यानी फैमिली इन्फॉरमेशन डाटा रिकॉर्ड लिया है। इसमें निगम क्षेत्र में रहने वाले लोगों की जनसंख्या 6.24 लाख मिली है। इस जनंसख्या को एलसी और बूथ के हिसाब से बांटा जाएगा। परिवार पहचान पत्र और जनसंख्या आंकडे़ के आधार पर कॉलोनियों की बाउंड्री तैयार होगी। इससे पहले मार्च 2018 की वार्डबंदी डोर टू डोर सर्वे पर आधारित थी, जिसमें शहर की जनसंख्या 7.13 लाख थी। अब पांच साल बाद शहर की जनसंख्या बढ़ने की बजाए रिकॉर्ड में करीब 89 हजार घटी है।
विज्ञापन
परिसीमन आयोग के सिद्धांत के अनुसार, जनसंख्या की आबादी के आधार पर ही वार्ड बनाए जाएंगे जो इस आंकड़े के अनुसार 26 ही रहेंगे। अधिकारियों का अनुमान है कि वार्डबंदी में एलसी और बूथों की मैपिंग के बाद कुछ कॉलोनियों की नई बांउड्री भले ही बनाई जा सकती है, लेकिन ज्यादा बदलाव नहीं होगा।
विज्ञापन
जनसंख्या के साथ जातिगत समीकरण तैयार
एक अक्तूबर 2023 को आधार मानते हुए पीपीपी के डाटा के अनुसार निगम क्षेत्र में 6.24 लाख लोगों की आबादी है। इनमें एससी वर्ग की जनसंख्या 106957 और बीसी ए वर्ग की जनसंख्या 184723 है। पिछली बार बैकवर्ड क्लास के तीन और एससी वर्ग के लिए दो वार्ड आरक्षित किए गए थे। वहीं मेयर की सीट बीसी महिला के लिए आरक्षित की गई थी। अनुमान है कि इस बार मेयर की सीट सामान्य वर्ग के लिए होगी।
वर्जन:
पीपीपी आधारित जनंसख्या के आंकड़े पर नई वॉर्डबंदी होगी। अब लोकल कमेटी यानी एलसी और बूथों की मैपिंग की जा रही है। इसके आधार पर कॉलोनियों की नई बांउड्री तैयार हो सकती है।
- वीरेंद्र मलिक, एमई, नगर निगम।