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कोरोना वायरस: शहर में 30 अप्रैल तक लगीं एहतियातन पाबंदियां
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कोरोना वायरस की वजह से लोगों में भय को खत्म करने और बचाव के लिए शहर में 30 अप्रैल तक एहतियातन पाबंदियां लगा दी गईं हैं। जिससे इस वायरस से बचा से बचा जा सके। मंदिरों में कथा, बैंक्वेट हॉल या कम्युनिटी सेंटर से 200 से अधिक भीड़, जेल में कैदियों से मुलाकात, बार एसोसिएशन की ओर से चैंबरों में काम और सरकारी कार्यालयों में झाड़ू लगाए जाने रोक लगा दी गई है। इसके साथ कोर्ट में खांसी-जुकाम से पीड़ित लोगों के आने पर भी रोक लगाई है। मकसद है कि अगर कोई इस वायरस की चपेट में है तो और लोग संक्रमण में नहीं आएं। हालांकि यह साफ करना जरूरी है कि अगर किसी को बुखार, खांसी या जुकाम है तो वह कोरोना वायरस से ही ग्रसित हो, यह जरूरी नहीं है। लोगों को एहतियात बरतने की जरूरत है। इसके साथ ही सीएमओ ने शहर के निजी अस्पतालों को आइसोलेशन वार्ड बनाने का निर्देश दिया है।
जुकाम-खांसी से पीड़ित 21 लोगों की हुई जांच, सभी में मिला सामान्य फ्लू
मंगलवार को सिविल अस्पताल में कोरोना वायरस रूम में जांच कराने के लिए 21 लोग पहुंचे। इन सभी की जांच की गई। सभी को सामान्य जुकाम और खांसी थी। इनकी जांच में सभी को सामान्य फ्लू ही मिला। कोई भी कोरोना से पीड़ित था। इसके साथ ही दिन पहले स्वास्थ्य विभाग ने मलेशिया से लौटे एक युवक का सैंपल जांच के लिए लैब में भेजा था। जो नेगेटिव आया है। हालांकि उन्हें फिर भी एहतियातन 28 दिन तक निगरानी में रखा जाएगा। बुधवार को विदेश से आने वाले दो और लोगों के सैंपल लेकर जांच के लिए भेजे जाएंगे।
सफाई कर्मियों के चपेट में आने की संभावना अधिक, इसलिए झाड़ू लगाने पर रोक
डॉक्टरों के अनुसार सफाई कर्मियों के कोरोना वायरस की चपेट में आने की संभावना अधिक है। ऐसे में प्रशासन ने सिविल अस्पताल, रेलवे स्टेशन, कोर्ट परिसर, लघु सचिवालय, बस स्टैंड, नगर निगम कार्यालय समेत तमाम सरकारी कार्यालय में एहतियात के तौर पर झाड़ू लगाए जाने पर रोक लगा दी है। यहां पर सिर्फ पोछा ही लगाया जाएगा।
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मंदिरों में कथाओं पर रोक, बैंक्वेट हॉल में 100 से अधिक लोग नहीं
देवी मंदिर समेत तमाम बड़े मंदिरों में कथाओं के साथ अन्य धार्मिक आयोजनों को करने पर रोक लगा दी गई है। कथा के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु जुटते है, जिससे अधिक लोगों के संपर्क में आने का खतरा बन सकता है, जिसके चलते कथाओं पर रोक लगा दी है। बैंक्वेट हॉल संचालकों को 100 से अधिक लोगों की भीड़ को एकत्रित न करने के निर्देश दिए गए हैं।
कोर्ट में खांसी और जुकाम से पीड़ित लोगों की एंट्री पर बैन
सीजेएम जतिन गर्ग ने खांसी और जुकाम से पीड़ित लोगों की कोर्ट परिसर में एंट्री बैन कर दी है। सीजेएम गर्ग ने कोर्ट के सिक्योरिटी इंचार्ज को ये निर्देश दिए हैं कि जो भी व्यक्ति खांसता या जुकाम का दिखाई दे, उसे कोर्ट में आने से रोका जाए। जिससे कोर्ट में मौजूद स्वास्थ्य लोगों को किसी पीड़ित को कोरोना वायरस होने की स्थिति में चपेट में आने से रोका जा सके।
विदेशों से आए 14 और लोगों को किया ट्रेस
विदेशों से पानीपत आए 124 में से 99 लोगों को ट्रेस कर उनसे सेल्फ डिकलेरेशन फार्म भरवाया गया है। जिसमें उनसे पूरी जानकारी ली गई है, जैसे वो विदेश में कहां गए थे। चीन गए थे या नहीं, फ्लाइट नंबर और सीट नंबर क्या है, क्या वो कोरोना वायरस के किसी मरीज के संपर्क में आए थे या नहीं। ये सभी जानकारी उन लोगों से ली जा रही है। विभाग ने 39 में से उन 14 लोगों को भी ट्रेस कर लिया है, जिनकी तलाश विभाग की टीमें कर रही थी। अब ये 28 दिन तक स्वास्थ्य विभाग की निगरानी में रहेंगे। अब भी 25 लोगों को ट्रेस करना बाकी है। ये स्वास्थ्य विभाग के लिए चिंता का सबक बने हुए हैं।
एहतियात बरतने की तिथि 31 मार्च से बढ़ाकर 30 अप्रैल की गई
कोरोना वायरस को लेकर एहतियात बरतने की तिथि को 31 मार्च से बढ़ाकर 30 अप्रैल कर दिया गया है।
- डॉ. शशि गर्ग
हमारी तैयारियां पूरी है, लोगों को जागरूक करने पर है जोर : सीएमओ
हमारी तैयारियां पूरी हैं। अलग से ओपीडी रूम बना दिया है। आइसोलेशन वार्ड में 16 बेड लगा दिए गए हैं। इमरजेंसी वार्ड में ज्यादा लोगों की एंट्री बंद कर दी गई। निजी अस्पतालों के लिए भी वो ही नियम लागू होंगे जो सरकारी अस्पताल के लिए हैं। लगातार निजी अस्पतालों से भी रिपोर्ट ले रहे हैं। इसके साथ लोगों को जागरूक करने पर जोर दिया जा रहा है।
- डॉ. संतलाल वर्मा, सिविल सर्जन पानीपत।
आगामी आदेश तक सरकारी अस्पताल में नहीं होंगे ऑपरेशन
कोरोना वायरस को लेकर सरकार ने एक और बड़ा फैसला लिया है। सरकार ने स्वास्थ्य विभाग को निर्देश जारी कर दिए हैं कि 30 मार्च तक सिविल अस्पताल में कोई ऑपरेशन नहीं होंगे। सिर्फ इमरजेंसी ऑपरेशन ही होंगे। ऐसे में मोतिया बिंद, दंत रोग वाले मरीजों के ऑपरेशन, पथरी के ऑपरेशन समेत सभी उन ऑपरेशन पर रोक लग गई है, जिनको कुछ समय के लिए स्थगित किया जा सकता है। डॉक्टरों केे निर्देश दिए गए हैं कि वो अलर्ट पर रहें और खांसी जुकाम और बुखार के मरीजों की ओपीडी पर अधिक ध्यान दें। अस्पताल में साफ सफाई रखे व फील्ड में उतरकर जागरूकता अभियान चलाएं। सिविल अस्पताल में हर रोज औसतन 4 से 5 सर्जरी होती है। इनमें से दो आंखों की वो दूसरी प्रकार जैसे दंत रोग और पथरी के रोगों की होती है। यहां पर हर वक्त एक सर्जरी व एक बेहोशी के डॉक्टर की ड्यूटी रहती है। सरकार के अगले आदेश तक इमरजेंसी ऑपरेशन ही होंगे।
संदिग्ध मरीज मिले तो करें कॉल
कोरोना वायरस के मरीज की डिटेल देने, बीमारी संबंधित जानकारी प्राप्त करने के लिए टोल फ्री नंबर 0180-2640255, लैंडलाइन फोन से 108 और मोबाइल फोन से 0180-108 डायल कर सकते हैं। इन नंबरों पर बात नहीं होने पर मोबाइल नंबर 7027858102 और 7404592936 पर कॉल करें।
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जुकाम-खांसी से पीड़ित 21 लोगों की हुई जांच, सभी में मिला सामान्य फ्लू
मंगलवार को सिविल अस्पताल में कोरोना वायरस रूम में जांच कराने के लिए 21 लोग पहुंचे। इन सभी की जांच की गई। सभी को सामान्य जुकाम और खांसी थी। इनकी जांच में सभी को सामान्य फ्लू ही मिला। कोई भी कोरोना से पीड़ित था। इसके साथ ही दिन पहले स्वास्थ्य विभाग ने मलेशिया से लौटे एक युवक का सैंपल जांच के लिए लैब में भेजा था। जो नेगेटिव आया है। हालांकि उन्हें फिर भी एहतियातन 28 दिन तक निगरानी में रखा जाएगा। बुधवार को विदेश से आने वाले दो और लोगों के सैंपल लेकर जांच के लिए भेजे जाएंगे।
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सफाई कर्मियों के चपेट में आने की संभावना अधिक, इसलिए झाड़ू लगाने पर रोक
डॉक्टरों के अनुसार सफाई कर्मियों के कोरोना वायरस की चपेट में आने की संभावना अधिक है। ऐसे में प्रशासन ने सिविल अस्पताल, रेलवे स्टेशन, कोर्ट परिसर, लघु सचिवालय, बस स्टैंड, नगर निगम कार्यालय समेत तमाम सरकारी कार्यालय में एहतियात के तौर पर झाड़ू लगाए जाने पर रोक लगा दी है। यहां पर सिर्फ पोछा ही लगाया जाएगा।
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मंदिरों में कथाओं पर रोक, बैंक्वेट हॉल में 100 से अधिक लोग नहीं
देवी मंदिर समेत तमाम बड़े मंदिरों में कथाओं के साथ अन्य धार्मिक आयोजनों को करने पर रोक लगा दी गई है। कथा के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु जुटते है, जिससे अधिक लोगों के संपर्क में आने का खतरा बन सकता है, जिसके चलते कथाओं पर रोक लगा दी है। बैंक्वेट हॉल संचालकों को 100 से अधिक लोगों की भीड़ को एकत्रित न करने के निर्देश दिए गए हैं।
कोर्ट में खांसी और जुकाम से पीड़ित लोगों की एंट्री पर बैन
सीजेएम जतिन गर्ग ने खांसी और जुकाम से पीड़ित लोगों की कोर्ट परिसर में एंट्री बैन कर दी है। सीजेएम गर्ग ने कोर्ट के सिक्योरिटी इंचार्ज को ये निर्देश दिए हैं कि जो भी व्यक्ति खांसता या जुकाम का दिखाई दे, उसे कोर्ट में आने से रोका जाए। जिससे कोर्ट में मौजूद स्वास्थ्य लोगों को किसी पीड़ित को कोरोना वायरस होने की स्थिति में चपेट में आने से रोका जा सके।
विदेशों से आए 14 और लोगों को किया ट्रेस
विदेशों से पानीपत आए 124 में से 99 लोगों को ट्रेस कर उनसे सेल्फ डिकलेरेशन फार्म भरवाया गया है। जिसमें उनसे पूरी जानकारी ली गई है, जैसे वो विदेश में कहां गए थे। चीन गए थे या नहीं, फ्लाइट नंबर और सीट नंबर क्या है, क्या वो कोरोना वायरस के किसी मरीज के संपर्क में आए थे या नहीं। ये सभी जानकारी उन लोगों से ली जा रही है। विभाग ने 39 में से उन 14 लोगों को भी ट्रेस कर लिया है, जिनकी तलाश विभाग की टीमें कर रही थी। अब ये 28 दिन तक स्वास्थ्य विभाग की निगरानी में रहेंगे। अब भी 25 लोगों को ट्रेस करना बाकी है। ये स्वास्थ्य विभाग के लिए चिंता का सबक बने हुए हैं।
एहतियात बरतने की तिथि 31 मार्च से बढ़ाकर 30 अप्रैल की गई
कोरोना वायरस को लेकर एहतियात बरतने की तिथि को 31 मार्च से बढ़ाकर 30 अप्रैल कर दिया गया है।
- डॉ. शशि गर्ग
हमारी तैयारियां पूरी है, लोगों को जागरूक करने पर है जोर : सीएमओ
हमारी तैयारियां पूरी हैं। अलग से ओपीडी रूम बना दिया है। आइसोलेशन वार्ड में 16 बेड लगा दिए गए हैं। इमरजेंसी वार्ड में ज्यादा लोगों की एंट्री बंद कर दी गई। निजी अस्पतालों के लिए भी वो ही नियम लागू होंगे जो सरकारी अस्पताल के लिए हैं। लगातार निजी अस्पतालों से भी रिपोर्ट ले रहे हैं। इसके साथ लोगों को जागरूक करने पर जोर दिया जा रहा है।
- डॉ. संतलाल वर्मा, सिविल सर्जन पानीपत।
आगामी आदेश तक सरकारी अस्पताल में नहीं होंगे ऑपरेशन
कोरोना वायरस को लेकर सरकार ने एक और बड़ा फैसला लिया है। सरकार ने स्वास्थ्य विभाग को निर्देश जारी कर दिए हैं कि 30 मार्च तक सिविल अस्पताल में कोई ऑपरेशन नहीं होंगे। सिर्फ इमरजेंसी ऑपरेशन ही होंगे। ऐसे में मोतिया बिंद, दंत रोग वाले मरीजों के ऑपरेशन, पथरी के ऑपरेशन समेत सभी उन ऑपरेशन पर रोक लग गई है, जिनको कुछ समय के लिए स्थगित किया जा सकता है। डॉक्टरों केे निर्देश दिए गए हैं कि वो अलर्ट पर रहें और खांसी जुकाम और बुखार के मरीजों की ओपीडी पर अधिक ध्यान दें। अस्पताल में साफ सफाई रखे व फील्ड में उतरकर जागरूकता अभियान चलाएं। सिविल अस्पताल में हर रोज औसतन 4 से 5 सर्जरी होती है। इनमें से दो आंखों की वो दूसरी प्रकार जैसे दंत रोग और पथरी के रोगों की होती है। यहां पर हर वक्त एक सर्जरी व एक बेहोशी के डॉक्टर की ड्यूटी रहती है। सरकार के अगले आदेश तक इमरजेंसी ऑपरेशन ही होंगे।
संदिग्ध मरीज मिले तो करें कॉल
कोरोना वायरस के मरीज की डिटेल देने, बीमारी संबंधित जानकारी प्राप्त करने के लिए टोल फ्री नंबर 0180-2640255, लैंडलाइन फोन से 108 और मोबाइल फोन से 0180-108 डायल कर सकते हैं। इन नंबरों पर बात नहीं होने पर मोबाइल नंबर 7027858102 और 7404592936 पर कॉल करें।