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Panipat News: नाबालिग से शादी और दुष्कर्म के मामले में दोषी को 10 साल की कठोर कैद, 55 हजार रुपये का जुर्माना
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दोषी साहिल। स्रोत : कोर्ट
माई सिटी रिपोर्टर
पानीपत। पानीपत। पॉक्सो एवं फास्ट ट्रैक कोर्ट के अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश पीयूष शर्मा की अदालत ने नाबालिग को बहला-फुसलाकर ले जाने, शादी करने और दुष्कर्म के चार साल पुराने मामले में साहिल निवासी ईदगाह कॉलोनी, हाल कुटानी रोड, पानीपत को दोषी करार दिया है। उसे 10 साल की कठोर कैद और 55 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। अदालत ने जुर्माने की पूरी राशि पीड़िता को देने के आदेश दिए हैं।
कोर्ट ने इस मामले में सजा को संदेश देने वाली टिप्पणी की है। कोर्ट ने कहा कि नाबालिग की सुरक्षा, उनके अधिकार और कानून की मर्यादा सर्वोपरि है। बाल विवाह और नाबालिगों को बहला-फुसलाकर संबंध बनाना कानूनन गंभीर अपराध है।
थाना चांदनी बाग क्षेत्र निवासी एक महिला ने 11 अक्तूबर 2022 को शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने आरोप लगाया कि उनकी 17 वर्ष 10 महीने की बेटी 10 अक्तूबर को सुबह पार्लर गई थी लेकिन वापस नहीं लौटी। जांच में पता चला कि पड़ोस में रहने वाला फोटोग्राफर साहिल उसको शादी का झांसा देकर बहला-फुसलाकर ले गया है।
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पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर ली थी। नाबालिग के स्कूल से उसका रिकॉर्ड निकलवाया। वह घटना के समय नाबालिग प्रमाणित मिली। पुलिस ने 18 अक्तूबर 2022 को दोनों को सेफ हाउस से बरामद किया। पुलिस ने आरोपी साहिल को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया था।
सजा का मुख्य आधार एवं पीड़ित पक्ष की दलीलें
जिला उप-न्यायवादी ने मजबूत साक्ष्य और स्कूल रिकॉर्ड पेश किए। उन्होंने दलील दी कि वारदात के समय पीड़िता की उम्र 18 साल से कम थी। हालांकि बाद में पीड़िता ने मेडिकल जांच से इन्कार किया था, लेकिन कानूनी तौर पर बाल विवाह निषेध अधिनियम (पीसीएमए) और नाबालिग की सहमति न माने जाने के कानूनी प्रावधानों के तहत आरोपी पर दुष्कर्म व अपहरण का दोष सिद्ध हुआ।
अदालत ने दुष्कर्म की धारा में 10 साल कठोर कारावास और 20 हजार रुपये जुर्माना की सजा दी। शादी के लिए अपहरण की धारा में पांच साल कठोर कारावास और 15 हजार जुर्माना, अपहरण में तीन साल कठोर कारावास और 10 हजार रुपये जुर्माना, बाल विवाह अधिनियम में दो साल कठोर कारावास और 10 हजार रुपये जुर्माना की सजा सुनाई है। अदालत ने निर्देश दिए कि सभी सजा साथ-साथ चलेंगी और दोषी की जेल में बिताई अवधि इसमें समायोजित की जाएगी।
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पानीपत। पानीपत। पॉक्सो एवं फास्ट ट्रैक कोर्ट के अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश पीयूष शर्मा की अदालत ने नाबालिग को बहला-फुसलाकर ले जाने, शादी करने और दुष्कर्म के चार साल पुराने मामले में साहिल निवासी ईदगाह कॉलोनी, हाल कुटानी रोड, पानीपत को दोषी करार दिया है। उसे 10 साल की कठोर कैद और 55 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। अदालत ने जुर्माने की पूरी राशि पीड़िता को देने के आदेश दिए हैं।
कोर्ट ने इस मामले में सजा को संदेश देने वाली टिप्पणी की है। कोर्ट ने कहा कि नाबालिग की सुरक्षा, उनके अधिकार और कानून की मर्यादा सर्वोपरि है। बाल विवाह और नाबालिगों को बहला-फुसलाकर संबंध बनाना कानूनन गंभीर अपराध है।
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थाना चांदनी बाग क्षेत्र निवासी एक महिला ने 11 अक्तूबर 2022 को शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने आरोप लगाया कि उनकी 17 वर्ष 10 महीने की बेटी 10 अक्तूबर को सुबह पार्लर गई थी लेकिन वापस नहीं लौटी। जांच में पता चला कि पड़ोस में रहने वाला फोटोग्राफर साहिल उसको शादी का झांसा देकर बहला-फुसलाकर ले गया है।
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पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर ली थी। नाबालिग के स्कूल से उसका रिकॉर्ड निकलवाया। वह घटना के समय नाबालिग प्रमाणित मिली। पुलिस ने 18 अक्तूबर 2022 को दोनों को सेफ हाउस से बरामद किया। पुलिस ने आरोपी साहिल को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया था।
सजा का मुख्य आधार एवं पीड़ित पक्ष की दलीलें
जिला उप-न्यायवादी ने मजबूत साक्ष्य और स्कूल रिकॉर्ड पेश किए। उन्होंने दलील दी कि वारदात के समय पीड़िता की उम्र 18 साल से कम थी। हालांकि बाद में पीड़िता ने मेडिकल जांच से इन्कार किया था, लेकिन कानूनी तौर पर बाल विवाह निषेध अधिनियम (पीसीएमए) और नाबालिग की सहमति न माने जाने के कानूनी प्रावधानों के तहत आरोपी पर दुष्कर्म व अपहरण का दोष सिद्ध हुआ।
अदालत ने दुष्कर्म की धारा में 10 साल कठोर कारावास और 20 हजार रुपये जुर्माना की सजा दी। शादी के लिए अपहरण की धारा में पांच साल कठोर कारावास और 15 हजार जुर्माना, अपहरण में तीन साल कठोर कारावास और 10 हजार रुपये जुर्माना, बाल विवाह अधिनियम में दो साल कठोर कारावास और 10 हजार रुपये जुर्माना की सजा सुनाई है। अदालत ने निर्देश दिए कि सभी सजा साथ-साथ चलेंगी और दोषी की जेल में बिताई अवधि इसमें समायोजित की जाएगी।