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Panipat News: कंपनी की सात लाख पेमेंट रुकी, रीजेंट देने से इनकार, अस्पताल में खून की जांच नहीं

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Fri, 24 Mar 2023 02:17 AM IST
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Company's seven lakh payment stopped, refusal to give regent, no blood test in hospital
पानीपत। जिला में एच3एन2 इन्फ्लूएंजा के साथ वायरल का खतरा भी बढ़ रहा है। साथ ही मौसम में बदलाव से मलेरिया की आशंका भी बढ़ रही है। इस बीच सिविल अस्पताल की लैब में रीजेंट (सीबीसी मशीन में इस्तेमाल होने वाला केमिकल, इसी से रोग का पता चलता है) की कमी पड़ गई है। इससे एकमात्र सरकारी लैब में रक्त से संबंधित जांच कार्य रुक गया है। जानकारों की मानें तो लैब में तीन मार्च के बाद से ही टेस्ट करने के लिए रीजेंट नहीं है। बताया जा रहा है कि स्वास्थ्य विभाग रीजेंट उपलब्ध कराने वाली कंपनी को सात लाख की पेमेंट नहीं कर पाया है। इसके कारण कंपनी ने सप्लाई रोक दी है। साथ ही कंपनी ने स्वास्थ्य विभाग को पत्र लिखकर पेमेंट करने को कहा है। ऐसे में स्वास्थ्य विभाग लाचार ही नजर आ रहा है। मुख्यालय में पेमेंट के लिए लिखा गया है।
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सिविल अस्पताल के लैब में प्रतिदिन रक्त से संबंधित 25 प्रकार की जांच की जाती है। इसमें हीमोग्लोबिन, डेंगू, मलेरिया, टीएलसी, डीएलसी, प्लेटलेट्स व सीबीसी मुख्य टेस्ट शामिल हैं। अस्पताल में हर रोज इन टेस्ट से संबंधित लगभग 250 मरीज आते हैं। अब तीन मार्च के बाद से ही लैब की सीबीसी मशीन की रीजेंट नहीं है। रीजेंट से ही मशीन सैंपल की जांच करती है। अब लैब कर्मचारियों को हाथ से ही सैंपल की जांच करनी पड़ रही है। इससे गुणवत्ता पर भी असर पड़ रहा है। प्रतिदिन महज 30 प्रतिशत सैंपल की जांच हो पाती है। ऐसे में मरीज अब निजी लैब में जाने को मजबूर हैं। निजी लैब में इन टेस्ट के 350-500 रुपये लिए जाते हैं।
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निजी कंपनी से सीबीसी मशीन की मरम्मत व रीजेंट उपलब्ध कराने का सात साल का अनुबंध है। कंपनी की कई माह की पेमेंट नहीं हुई है। सात लाख रुपये बकाया है। इसलिए कंपनी ने भुगतान तक रीजेंट देने से इंकार कर दिया है।
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कंपनी की पेमेंट करने का प्रयास रीजेंट न होने से कुछ परेशानी हो रही है। मरीजों को देखते हुए हाथ से ही सैंपल की जांच की जा रही है। कंपनी की लगभग सात लाख रुपये की पेमेंट बकाया है। मुख्यालय से रुपये मिलते ही कंपनी की पेमेंट कर रीजेंट मंगा ली जाएगी।
- डॉ. श्यामलाल , एसएमओ एवं लैब प्रभारी।
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