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ड्रमों में मथानियों से तैयार की जाएगी ठंडी लस्सी
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पानीपत। प्रकाश पर्व को लेकर गुरु के लंगर में सेवा देने वाली सामाजिक और धार्मिक संस्थाओं ने लंगर की तैयारियां शुरू कर दी है। लंगर के साथ बड़ी-बड़ी मथानियों से तैयार की गई ठंडी लस्सी भी मिलेगी। करनाल की संस्था निर्मल कुटिया की ओर से 15 हजार लीटर लस्सी पहुंचाई जाएगी। इसके अलावा तीन अन्य संस्थाएं भी डेढ़ से दो लाख संगत के लिए नमकीन लस्सी की व्यवस्था करने में जुटी हुई हैं।
निर्मल कुटिया से पलविंद सिंह ने बताया कि श्री गुरु तेग बहादुर जी के 400वें प्रकाश पर्व पर उन्हें लंगर सेवा का मौका मिल रहा है। यह उनके लिए सौभाग्य की बात है। गुरु की कृपा से ऐसे नेक काम में कभी किसी चीज की कमी नहीं रहती। उनकी ओर से लंगर के साथ-साथ लस्सी की सेवा भी दी जाएगी।
इसके लिए शुक्रवार को लगभग 80 क्विंटल दूध लाया गया है। इसे गर्म करके 200-200 लीटर के ड्रमों में दही के लिए जमाया जाएगा। इसके बाद बड़ी-बड़ी मथानियों से इससे नमकीन लस्सी तैयार की जाएगी। इसे टैंकर में भरकर करनाल से पानीपत आयोजन स्थल पर लाया जाएगा। इसी तरह लंगर सेवा देने वाली दूसरी संस्थाओं ने भी लड्डू-बर्फी, गुलाब-जामुन आदि बनाने शुरू कर दिए हैं।
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सरकार भूपेंद्र सिंह ने बताया कि अब कुल्चे छोले के स्टॉल की जगह पानी पूरी की स्टॉल लगाया जाएगा। शुगर मिल के अधिकारियों ने समागम स्थल पर दो कोल्हू लगाने की जगह तलाश की है। यहां से ताजे गन्ने का जूस निकालकर लोगों को पिलाया जाएगा।
लंगर सेवा के लिए सामाजिक संस्थाओं में लगी होड़
आयोजन स्थल पर प्रवेश द्वार के दोनों ओर धार्मिक व सामाजिक संस्थाओं की ओर से दी जा रही लंगर सेवा की व्यवस्था की गई है। इसके लिए 40 से अधिक स्टॉल दोनों तरफ लगे हुए हैं लेकिन फिर भी संस्थाओं में होड़ लगी हुई है कि उन्हें भी सेवा का मौका दिया जाए। लगातार संस्थाएं स्टॉल बढ़ाने की डिमांड कर रही हैं। वहीं कुछ संस्थाओं ने इच्छा जताई है कि उनकी लंगर सेवा की स्टॉल दोनों ओर लगाई जाए। जिला प्रशासन, आयोजन समिति के संयोजक सांसद संजय भाटिया ने आश्वासन दिया है कि सभी संस्थाओं को सेवा का मौका दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह लोगों की गुरुओं के प्रति श्रद्धा व भक्तिभाव को दर्शाता है, जो उनमें इस तरह की होड़ लगी हुई है।
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निर्मल कुटिया से पलविंद सिंह ने बताया कि श्री गुरु तेग बहादुर जी के 400वें प्रकाश पर्व पर उन्हें लंगर सेवा का मौका मिल रहा है। यह उनके लिए सौभाग्य की बात है। गुरु की कृपा से ऐसे नेक काम में कभी किसी चीज की कमी नहीं रहती। उनकी ओर से लंगर के साथ-साथ लस्सी की सेवा भी दी जाएगी।
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इसके लिए शुक्रवार को लगभग 80 क्विंटल दूध लाया गया है। इसे गर्म करके 200-200 लीटर के ड्रमों में दही के लिए जमाया जाएगा। इसके बाद बड़ी-बड़ी मथानियों से इससे नमकीन लस्सी तैयार की जाएगी। इसे टैंकर में भरकर करनाल से पानीपत आयोजन स्थल पर लाया जाएगा। इसी तरह लंगर सेवा देने वाली दूसरी संस्थाओं ने भी लड्डू-बर्फी, गुलाब-जामुन आदि बनाने शुरू कर दिए हैं।
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सरकार भूपेंद्र सिंह ने बताया कि अब कुल्चे छोले के स्टॉल की जगह पानी पूरी की स्टॉल लगाया जाएगा। शुगर मिल के अधिकारियों ने समागम स्थल पर दो कोल्हू लगाने की जगह तलाश की है। यहां से ताजे गन्ने का जूस निकालकर लोगों को पिलाया जाएगा।
लंगर सेवा के लिए सामाजिक संस्थाओं में लगी होड़
आयोजन स्थल पर प्रवेश द्वार के दोनों ओर धार्मिक व सामाजिक संस्थाओं की ओर से दी जा रही लंगर सेवा की व्यवस्था की गई है। इसके लिए 40 से अधिक स्टॉल दोनों तरफ लगे हुए हैं लेकिन फिर भी संस्थाओं में होड़ लगी हुई है कि उन्हें भी सेवा का मौका दिया जाए। लगातार संस्थाएं स्टॉल बढ़ाने की डिमांड कर रही हैं। वहीं कुछ संस्थाओं ने इच्छा जताई है कि उनकी लंगर सेवा की स्टॉल दोनों ओर लगाई जाए। जिला प्रशासन, आयोजन समिति के संयोजक सांसद संजय भाटिया ने आश्वासन दिया है कि सभी संस्थाओं को सेवा का मौका दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह लोगों की गुरुओं के प्रति श्रद्धा व भक्तिभाव को दर्शाता है, जो उनमें इस तरह की होड़ लगी हुई है।