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Panipat News: कोचिंगों, मॉल और व्यावसायिक भवनों को बनाना होगा आपातकालीन एक्शन प्लान, की जाएगी जांच
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माई सिटी रिपोर्टर
पानीपत। जिला में प्रशासन ने लखनऊ जैसी घटना की पुनरावृत्ति रोकने के लिए बड़ा एक्शन लिया है। जिला स्तर पर हाई लेवल छह सदस्यीय कमेटी गठित की है। इसमें संबंधित एसडीएम अध्यक्ष होंगे। यह कमेटी शहर के साथ जिलेभर में विभागों, शैक्षणिक संस्थानों, कोचिंग सेंटरों, बैंक्वेट हॉल, मॉल, व्यावसायिक प्रतिष्ठानों और बहुमंजिला भवन का निरीक्षण करेगी। इस कमेटी को सात दिन में अपनी रिपोर्ट देनी होगी। प्रशासन ने साथ ही साफ किया कि सभी संस्थान अपनी अग्नि सुरक्षा व्यवस्था (फायर सेफ्टी) और आपातकालीन एक्शन प्लान को तत्काल प्रभाव से दुरुस्त कर लें। सुरक्षा मानकों में किसी भी प्रकार की कोताही अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
उपायुक्त डॉ. हरीश कुमार वशिष्ट ने इसके लिए वीरवार को बैठक की। उन्होंने कहा कि लखनऊ का अग्निकांड अत्यंत पीड़ादायक है। ऐसी दुखद घटनाएं हमें यह सोचने पर मजबूर करती हैं कि सुरक्षा मानकों की अनदेखी और आपदा प्रबंधन में बरती गई एक छोटी सी लापरवाही या चूक भी कितने बड़े हादसों का कारण बन सकती है। उन्होंने अधिकारियों और भवन स्वामियों को कहा कि जनता की जान-माल की रक्षा करना जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसके साथ किसी भी स्तर पर या किसी के भी दबाव में कोई समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा।
अगले पांच दिनों में कभी भी हो सकता है औचक निरीक्षण
उपायुक्त ने स्पष्ट किया कि आगामी पांच दिनों के भीतर जिला प्रशासन की विशेष टीमों द्वारा किसी भी समय और शहर के किसी भी कोने में औचक निरीक्षण किया जा सकता है। निरीक्षण के दौरान यदि किसी भी भवन या संस्थान में निम्नलिखित कमियां पाई गईं तो कड़ी कार्रवाई की जाएगी
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इन बिंदुओं पर रहेगी जांच
अग्निशमन उपकरणों (फायर एक्सटिंग्विशर) की कमी या उनका एक्सपायर होना।
-आपातकालीन निकास (इमरजेंसी एग्जिट) मार्गों में किसी प्रकार का अवैध कब्जा, बाधा या ताला लटका मिलना।
सुरक्षा मानकों की अनदेखी या अन्य कोई गंभीर प्रशासनिक लापरवाही सामने आना।
जिला स्तर पर हाई-लेvel कमेटी में इनको किया शामिल
इस विशेष कमेटी में संबंधित क्षेत्र के एसडीएम को अध्यक्ष नियुक्त किया गया है। उनके साथ जिला दमकल अधिकारी को सदस्य सचिव बनाया है। इसके अलावा कमेटी में मुख्य चिकित्सा अधिकारी, नगर निगम संयुक्त आयुक्त, डीटीपी इंफोर्समेंट और बिजली निगम के कार्यकारी अभियंता को शामिल किया गया है। यह कमेटी हर पहलू की बारीकी से जांच करेगी।
उपायुक्त स्वयं संभालेंगे मोर्चा, आमजन से मांगी रिपोर्ट
डॉ. हरीश कुमार वशिष्ट ने बताया कि वे स्वयं भी फील्ड में उतरकर विभिन्न व्यावसायिक और शैक्षणिक संस्थानों का औचक निरीक्षण करेंगे। उन्होंने आम नागरिकों से अपील की है कि वे सुरक्षा नियमों के प्रति जागरूक बनें और यदि किसी भी कोचिंग सेंटर, मॉल या बैंक्वेट हॉल में सुरक्षा संबंधी कोई गंभीर कमी दिखाई दे, तो इसकी सूचना तुरंत जिला प्रशासन को दें। जन सहयोग और सतर्कता से ही संभावित बड़े हादसों को रोका जा सकता है। ऐसी स्थिति मिलने पर संबंधित अधिकारी, संस्थान प्रबंधक या भवन संचालक के खिलाफ नियमानुसार तत्काल प्रभाव से मुकदमा दर्ज कर सख्त कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी और जरूरत पड़ने पर संस्थान को सील कर दिया जाएगा।
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पानीपत। जिला में प्रशासन ने लखनऊ जैसी घटना की पुनरावृत्ति रोकने के लिए बड़ा एक्शन लिया है। जिला स्तर पर हाई लेवल छह सदस्यीय कमेटी गठित की है। इसमें संबंधित एसडीएम अध्यक्ष होंगे। यह कमेटी शहर के साथ जिलेभर में विभागों, शैक्षणिक संस्थानों, कोचिंग सेंटरों, बैंक्वेट हॉल, मॉल, व्यावसायिक प्रतिष्ठानों और बहुमंजिला भवन का निरीक्षण करेगी। इस कमेटी को सात दिन में अपनी रिपोर्ट देनी होगी। प्रशासन ने साथ ही साफ किया कि सभी संस्थान अपनी अग्नि सुरक्षा व्यवस्था (फायर सेफ्टी) और आपातकालीन एक्शन प्लान को तत्काल प्रभाव से दुरुस्त कर लें। सुरक्षा मानकों में किसी भी प्रकार की कोताही अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
उपायुक्त डॉ. हरीश कुमार वशिष्ट ने इसके लिए वीरवार को बैठक की। उन्होंने कहा कि लखनऊ का अग्निकांड अत्यंत पीड़ादायक है। ऐसी दुखद घटनाएं हमें यह सोचने पर मजबूर करती हैं कि सुरक्षा मानकों की अनदेखी और आपदा प्रबंधन में बरती गई एक छोटी सी लापरवाही या चूक भी कितने बड़े हादसों का कारण बन सकती है। उन्होंने अधिकारियों और भवन स्वामियों को कहा कि जनता की जान-माल की रक्षा करना जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसके साथ किसी भी स्तर पर या किसी के भी दबाव में कोई समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा।
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अगले पांच दिनों में कभी भी हो सकता है औचक निरीक्षण
उपायुक्त ने स्पष्ट किया कि आगामी पांच दिनों के भीतर जिला प्रशासन की विशेष टीमों द्वारा किसी भी समय और शहर के किसी भी कोने में औचक निरीक्षण किया जा सकता है। निरीक्षण के दौरान यदि किसी भी भवन या संस्थान में निम्नलिखित कमियां पाई गईं तो कड़ी कार्रवाई की जाएगी
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इन बिंदुओं पर रहेगी जांच
अग्निशमन उपकरणों (फायर एक्सटिंग्विशर) की कमी या उनका एक्सपायर होना।
-आपातकालीन निकास (इमरजेंसी एग्जिट) मार्गों में किसी प्रकार का अवैध कब्जा, बाधा या ताला लटका मिलना।
सुरक्षा मानकों की अनदेखी या अन्य कोई गंभीर प्रशासनिक लापरवाही सामने आना।
जिला स्तर पर हाई-लेvel कमेटी में इनको किया शामिल
इस विशेष कमेटी में संबंधित क्षेत्र के एसडीएम को अध्यक्ष नियुक्त किया गया है। उनके साथ जिला दमकल अधिकारी को सदस्य सचिव बनाया है। इसके अलावा कमेटी में मुख्य चिकित्सा अधिकारी, नगर निगम संयुक्त आयुक्त, डीटीपी इंफोर्समेंट और बिजली निगम के कार्यकारी अभियंता को शामिल किया गया है। यह कमेटी हर पहलू की बारीकी से जांच करेगी।
उपायुक्त स्वयं संभालेंगे मोर्चा, आमजन से मांगी रिपोर्ट
डॉ. हरीश कुमार वशिष्ट ने बताया कि वे स्वयं भी फील्ड में उतरकर विभिन्न व्यावसायिक और शैक्षणिक संस्थानों का औचक निरीक्षण करेंगे। उन्होंने आम नागरिकों से अपील की है कि वे सुरक्षा नियमों के प्रति जागरूक बनें और यदि किसी भी कोचिंग सेंटर, मॉल या बैंक्वेट हॉल में सुरक्षा संबंधी कोई गंभीर कमी दिखाई दे, तो इसकी सूचना तुरंत जिला प्रशासन को दें। जन सहयोग और सतर्कता से ही संभावित बड़े हादसों को रोका जा सकता है। ऐसी स्थिति मिलने पर संबंधित अधिकारी, संस्थान प्रबंधक या भवन संचालक के खिलाफ नियमानुसार तत्काल प्रभाव से मुकदमा दर्ज कर सख्त कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी और जरूरत पड़ने पर संस्थान को सील कर दिया जाएगा।