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Panipat News: कोच की पहले जनगणना अब बीएलओ की ड्यूटी लगाई, खिलाड़ियों के अभ्यास पर संकट

Sat, 13 Jun 2026 02:56 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, पानीपत
संवाद न्यूज एजेंसी, पानीपत Updated Sat, 13 Jun 2026 02:56 AM IST
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Coaches assigned to census duty after BLO duty; players' training at risk.
खिलाड़ी खुद अभ्यास करते हुए।
संवाद न्यूज एजेंसी
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पानीपत। जिले में खेल प्रतिभाओं को निखारने और उन्हें राज्य व राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं के लिए तैयार करने वाले कोच मैदान छोड़कर प्रशासनिक जिम्मेदारियों में व्यस्त हैं। पहले कई कोचों की ड्यूटी जनगणना कार्य में लगाई गई और अब उन्हें बीएलओ एसआईआर-1 (स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन) के कार्य में भी लगाया गया है। ऐसे में खेल मैदानों में नियमित प्रशिक्षण व्यवस्था प्रभावित हो रही है।
जुलाई माह से विभिन्न खेलों की प्रतियोगिताएं शुरू होनी हैं, लेकिन खिलाड़ियों की तैयारी पर कोई ध्यान नहीं दिया जा पा रहा है। इसका असर खिलाड़ियों के प्रदर्शन पर पड़ सकता है।
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जिले के विभिन्न खेल एकेडमी और प्रशिक्षण केंद्रों में रोजाना बड़ी संख्या में खिलाड़ी अभ्यास के लिए पहुंचते हैं। सामान्य दिनों में कोच सुबह-शाम नियमित समय पर खिलाड़ियों को तकनीकी प्रशिक्षण देने के साथ-साथ उनकी फिटनेस, रणनीति और प्रतियोगिताओं की तैयारी पर विशेष ध्यान देते हैं।
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प्रतियोगिताओं से पहले खिलाड़ियों को अतिरिक्त अभ्यास भी कराए जाते हैं ताकि वे बेहतर प्रदर्शन कर सकें। लेकिन वर्तमान में कई कोच प्रशासनिक ड्यूटी में व्यस्त होने के कारण मैदान में पर्याप्त समय नहीं दे पा रहे हैं।

खिलाड़ी मुस्कान और निशा ने बताया कि प्रतियोगिताओं से पहले का समय उनके लिए सबसे महत्वपूर्ण होता है। इसी दौरान उनकी कमियों को दूर किया जाता है और उन्हें मानसिक और शारीरिक रूप से तैयार किया जाता है। ऐसे में कोच खिलाड़ियों पर ध्यान दे या प्रशासन द्वारा दी गई ड्यूटी करें।
सुबह-शाम ड्यूटी करके कोच बेहतर प्रशिक्षण नहीं दे सकते हैं। उन्हें किसी भी प्रतियोगिता से पहले कोच द्वारा विशेष प्रशिक्षण दिया जाता है। ऐसे में यदि प्रतियोगिताओं से ठीक पहले कोचों को अन्य कार्यों में लगा दिया जाता है तो इसका सीधा असर खिलाड़ियों की तैयारियों पर पड़ सकता है।

जुलाई से शुरू होने वाली विभिन्न जिला, राज्य और राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं को लेकर खिलाड़ी पहले से ही तैयारी में जुटे हुए हैं। कई खिलाड़ियों का चयन ट्रायल और आगामी प्रतियोगिताओं के लिए होना है। ऐसे समय में नियमित प्रशिक्षण नहीं मिलने से खिलाड़ी परेशान हैं।


वर्जन :

जुलाई से विभिन्न प्रतियोगिताएं शुरू होनी हैं और खिलाड़ियों की तैयारी को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। विभाग का प्रयास है कि खिलाड़ियों को किसी प्रकार की परेशानी न हो और प्रशिक्षण व्यवस्था सुचारु रूप से चलती रहे। इसके लिए उच्चाधिकारियों को पत्र लिखा है।

-सत्यवीर पोसवाल, जिला खेल अधिकारी।
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