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Panipat News: लिपिक हड़ताल पर, रजिस्ट्रियां प्रभावित
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पानीपत। सरकारी लिपिक तीन दिन की हड़ताल पर हैं। आज हड़ताल का अंतिम दिन है। मंगलवार को क्लेरिकल एसोसिएशन वेलफेयर सोसाइटी के बैनर तले पहले दिन ही 350 में से 270 लिपिक हड़ताल में शामिल रहे। लिपिक के हड़ताल पर जाते ही सरकारी कार्यालयों में पहले दिन ही काम प्रभावित हो गया। पानीपत तहसील में सामान्य दिनों से रजिस्ट्री कम हुई। वहीं, नई रजिस्ट्री मार्क नहीं की गई। ऐसे में लोगों की रजिस्ट्री और अन्य कार्यों को लेकर चिंता बढ़ गई है। लिपिकों ने मंगलवार को जिला सचिवालय के सामने एलिवेटेड हाईवे के नीचे रोष प्रदर्शन किया।
सोसायटी के प्रधान बलविंद्र सिंह ने कहा कि पिछले साल भी लिपिक वर्ग अपनी मांग मूल वेतन 35400 करने को लेकर लंबे समय से संघर्ष कर रहा है। पिछले साल 42 दिन की हड़ताल पर बैठे थे। सरकार ने 15 अगस्त 2023 को उनकी मांगों को मानने का आश्वासन दिया था, लेकिन अब तक इस पर सकारात्मक फैसला नहीं लिया गया है। लिपिक की हड़ताल के 42 दिन में से 35 दिन को ड्यूटी समय माना जाना था।
बाकी सात दिन का अर्जित अवकाश काटा जाना था। इसके बाद सरकार ने लिपिक वर्ग के कार्यों की समीक्षा के लिए तीन वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी और दो लिपिक वर्ग के प्रतिनिधियों की पांच सदस्यीय कमेटी का गठन किया। कमेटी ने तीन महीने में लिपिक वर्ग के कार्यों की समीक्षा करने के बाद अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंपी। सरकार ने कार्य समीक्षा करने के बावजूद लिपिक वर्ग को 35400 मूल वेतन देने की बजाय 21700 दिया। यह लिपिक वर्ग के साथ मजाक है। उनकी हड़ताल बुधवार को भी रहेगी।
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सोसायटी के प्रधान बलविंद्र सिंह ने कहा कि पिछले साल भी लिपिक वर्ग अपनी मांग मूल वेतन 35400 करने को लेकर लंबे समय से संघर्ष कर रहा है। पिछले साल 42 दिन की हड़ताल पर बैठे थे। सरकार ने 15 अगस्त 2023 को उनकी मांगों को मानने का आश्वासन दिया था, लेकिन अब तक इस पर सकारात्मक फैसला नहीं लिया गया है। लिपिक की हड़ताल के 42 दिन में से 35 दिन को ड्यूटी समय माना जाना था।
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बाकी सात दिन का अर्जित अवकाश काटा जाना था। इसके बाद सरकार ने लिपिक वर्ग के कार्यों की समीक्षा के लिए तीन वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी और दो लिपिक वर्ग के प्रतिनिधियों की पांच सदस्यीय कमेटी का गठन किया। कमेटी ने तीन महीने में लिपिक वर्ग के कार्यों की समीक्षा करने के बाद अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंपी। सरकार ने कार्य समीक्षा करने के बावजूद लिपिक वर्ग को 35400 मूल वेतन देने की बजाय 21700 दिया। यह लिपिक वर्ग के साथ मजाक है। उनकी हड़ताल बुधवार को भी रहेगी।
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