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स्कूल में क्लर्क ने फंदा लगाकर दी जान
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गांव उग्राखेड़ी के राजकीय स्कूल के क्लर्क ने रविवार की रात संदिग्ध परिस्थितियों में स्कूल के टिन शेड से फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली।
सोमवार सुबह स्कूल में व्यायाम करने आए खिलाड़ियों ने उसे फंदे पर लटके देखा तो पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराने के बाद परिजनों को सौंप दिया है।
फिलहाल मामले में क्लर्क के परिवार की ओर से कोई शिकायत नहीं दी गई है। गांव जौंधन कलां निवासी विजेंद्र कुमार (34) पिछले ढाई साल से गांव उग्राखेड़ी के राजकीय स्कूल में बतौर क्लर्क कार्यरत था। स्कूल के चौकीदार आजाद ने बताया कि विजेंद्र रविवार की दोपहर दो बजे स्कूल आया था। शाम होने पर विजेंद्र ने उससे खाना मंगवाया और कहा कि वह स्कूल में ही सोएगा। जिसके बाद वह घर चला आया। वह अक्सर स्कूल में सो जाता था।
विजेंद्र के छोटे भाई रविंद्र ने बताया कि वह रविवार सुबह साढ़े आठ बजे स्कूल जाने की बात कहकर घर से निकला था। इसके बाद सोमवार आत्महत्या की सूचना मिली। विजेंद्र का 10 साल का बेटा सुमित, छह साल की बेटी जाह्नवी एवं तीन साल की बेटी कशिश है। पिता हृदय सिंह की एक साल पहले बीमारी से मौत हो चुकी है।
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मैंने सात सितंबर को ही स्कूल में ज्वाइन किया है। दो दिन तक विजेंद्र के काम को देखा था। वह घर पर भी स्कूल का काम करता था। वह काफी मेहनती था। उसकी मौत की सूचना मिलते ही वह सुबह पौने छह बजे स्कूल पहुंच गईं थी।
- सीमा, प्रधानाचार्य, राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, उग्राखेड़ी।
पुलिस सूचना मिलते ही मौके पर पहुंच गई थी। पोस्टमार्टम कराकर शव परिजनों को सौंप दिया है। फिलहाल कोई शिकायत नहीं मिली है।
- महिपाल सिंह, एसएचओ, चांदनीबाग पुलिस थाना।
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सोमवार सुबह स्कूल में व्यायाम करने आए खिलाड़ियों ने उसे फंदे पर लटके देखा तो पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराने के बाद परिजनों को सौंप दिया है।
फिलहाल मामले में क्लर्क के परिवार की ओर से कोई शिकायत नहीं दी गई है। गांव जौंधन कलां निवासी विजेंद्र कुमार (34) पिछले ढाई साल से गांव उग्राखेड़ी के राजकीय स्कूल में बतौर क्लर्क कार्यरत था। स्कूल के चौकीदार आजाद ने बताया कि विजेंद्र रविवार की दोपहर दो बजे स्कूल आया था। शाम होने पर विजेंद्र ने उससे खाना मंगवाया और कहा कि वह स्कूल में ही सोएगा। जिसके बाद वह घर चला आया। वह अक्सर स्कूल में सो जाता था।
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विजेंद्र के छोटे भाई रविंद्र ने बताया कि वह रविवार सुबह साढ़े आठ बजे स्कूल जाने की बात कहकर घर से निकला था। इसके बाद सोमवार आत्महत्या की सूचना मिली। विजेंद्र का 10 साल का बेटा सुमित, छह साल की बेटी जाह्नवी एवं तीन साल की बेटी कशिश है। पिता हृदय सिंह की एक साल पहले बीमारी से मौत हो चुकी है।
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मैंने सात सितंबर को ही स्कूल में ज्वाइन किया है। दो दिन तक विजेंद्र के काम को देखा था। वह घर पर भी स्कूल का काम करता था। वह काफी मेहनती था। उसकी मौत की सूचना मिलते ही वह सुबह पौने छह बजे स्कूल पहुंच गईं थी।
- सीमा, प्रधानाचार्य, राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, उग्राखेड़ी।
पुलिस सूचना मिलते ही मौके पर पहुंच गई थी। पोस्टमार्टम कराकर शव परिजनों को सौंप दिया है। फिलहाल कोई शिकायत नहीं मिली है।
- महिपाल सिंह, एसएचओ, चांदनीबाग पुलिस थाना।