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धांधली मामले में सरपंच को क्लीन चिट
अमर उजाला, पानीपत
Updated Wed, 15 Jan 2014 12:01 AM IST
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इसराना। गांव नौल्था के सरपंच पर मृतकों की पेंशन हड़पने के मामले में नौल्था में चौबीसी के चबूतरे मंगलवार को आयोजित पंचायत में ग्रामीणों ने सरपंच को क्लीन चिट दे दी है।
उन्हाेंने गांव के दो पंचाें पर पेंशन में हेराफेरी करने व सरपंच को मामले में फंसाने का आरोप लगाया है। बाद में ग्रामीण लिखित पंचायती फैसले को लेकर सरपंच के पक्ष में डीसी से मिले और सरपंच को बेकसूर बताया।
गांव में आयोजित पंचायत में ओमप्रकाश, सुखबीर सिंह, मांगे राम, सतनारायण, पूर्ण सिंह, समुद्र नंबरदार, जयपाल नंबरदार, सेवाराम और चंदगी राम ग्रामीणों ने पंचायत में पारित प्रस्ताव में कहा कि जिस दौरान सरपंच पर पेंशन में धांधली का आरोप लगा है उस दौरान सरपंच ईश्वर जागलान ने नहीं, बल्कि ग्राम पंचायत के दो पंचों ने पेंशन वितरण का कार्य किया था।
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सरपंच ने दोनों पंचों पर विश्वास किया था, इस लिए रिकार्ड चेक नहीं किया। अगर सरपंच को उक्त धांधली के बारे में पता होता तो तुरंत दोनों पंचों के खिलाफ कार्रवाई करवाई जाती।
पेंशनधारकों की सरपंच के खिलाफ कोई शिकायत पंचायत में नहीं मिली। सरपंच पर लगे आरोप एक साजिश का हिस्सा है उक्त साजिश शिकायतकर्ताओं और उस दौरान पेंशन वितरण करने वाले दानों पंचों ने रची है। पंचायत में ग्रामीणों ने प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच कराने की भी मांग की है।
नौल्था में आयोजित पंचायत के उपरांत ग्रामीणों का एक प्रतिनिधिमंडल पंचायत में पारित प्रस्ताव को लेकर मंगलवार को डीसी से मिला। प्रस्ताव की प्रति डीसी को सौंपते हुए सरपंच को बेकसूर बताया।
उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच और सरपंच को फंसाने की साजिश रचने वालों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। उधर, सरपंच ईश्वर जागलान का कहना है कि पेंशन में धांधली का आरोप निराधार है जिस दौरान का मामला है उस समय ग्राम पंचायत के दो पंचों ने पेंशन का वितरण किया था। मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।
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उन्हाेंने गांव के दो पंचाें पर पेंशन में हेराफेरी करने व सरपंच को मामले में फंसाने का आरोप लगाया है। बाद में ग्रामीण लिखित पंचायती फैसले को लेकर सरपंच के पक्ष में डीसी से मिले और सरपंच को बेकसूर बताया।
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गांव में आयोजित पंचायत में ओमप्रकाश, सुखबीर सिंह, मांगे राम, सतनारायण, पूर्ण सिंह, समुद्र नंबरदार, जयपाल नंबरदार, सेवाराम और चंदगी राम ग्रामीणों ने पंचायत में पारित प्रस्ताव में कहा कि जिस दौरान सरपंच पर पेंशन में धांधली का आरोप लगा है उस दौरान सरपंच ईश्वर जागलान ने नहीं, बल्कि ग्राम पंचायत के दो पंचों ने पेंशन वितरण का कार्य किया था।
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सरपंच ने दोनों पंचों पर विश्वास किया था, इस लिए रिकार्ड चेक नहीं किया। अगर सरपंच को उक्त धांधली के बारे में पता होता तो तुरंत दोनों पंचों के खिलाफ कार्रवाई करवाई जाती।
पेंशनधारकों की सरपंच के खिलाफ कोई शिकायत पंचायत में नहीं मिली। सरपंच पर लगे आरोप एक साजिश का हिस्सा है उक्त साजिश शिकायतकर्ताओं और उस दौरान पेंशन वितरण करने वाले दानों पंचों ने रची है। पंचायत में ग्रामीणों ने प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच कराने की भी मांग की है।
नौल्था में आयोजित पंचायत के उपरांत ग्रामीणों का एक प्रतिनिधिमंडल पंचायत में पारित प्रस्ताव को लेकर मंगलवार को डीसी से मिला। प्रस्ताव की प्रति डीसी को सौंपते हुए सरपंच को बेकसूर बताया।
उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच और सरपंच को फंसाने की साजिश रचने वालों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। उधर, सरपंच ईश्वर जागलान का कहना है कि पेंशन में धांधली का आरोप निराधार है जिस दौरान का मामला है उस समय ग्राम पंचायत के दो पंचों ने पेंशन का वितरण किया था। मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।