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Panipat News: तीन दशक पुरानी समस्या के अचूक समाधान का दावा

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Wed, 10 May 2023 02:02 AM IST
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Claims of a perfect solution to a three-decade-old problem

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पानीपत। शहर की 30 साल पुरानी जलभराव की समस्या का समाधान निगम और जिला प्रशासन के अधिकारी रुपये खर्च करके भी ढूंढ नहीं पाए। अब शहर के लोग निगम और जिला प्रशासन के अधिकारियों को ऐसे सुझाव दे रहे हैं, जिनमें खर्च तो बिल्कुल कम होगा और शहरवासियों को राहत पूरी मिलेगी।
उन्होंने दावा कि शहर की निकासी लुधियाना-सिंगापुर की तर्ज पर होनी चाहिए। इन शहरों में बोरवेल से बरसाती पानी को सीधे जमीन में भेज दिया जाता है। इससे भूमिगत जलस्तर भी बढ़ेगा और बरसाती पानी की चंद मिनटों में निकासी हो जाएगी।
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ये सुझाव यमुना इनक्लेव निकासी विक्रम कमल ने दिया। उन्होंने कहा कि इस सुझाव के साथ वे जिला प्रशासनिक अधिकारियों से भी मिलेंगे। उन्होंने कहा कि वे डीसी के सामने प्रस्ताव रखेंगे। उनका दावा है कि महज आधे घंटे में शहर का बरसाती पानी जमीन में चला जाएगा।
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विक्रम कमल बताते हैं कि जीटी रोड के दोनों ओर जहां जलभराव ज्यादा होता है वहां-वहां जिला और निगम प्रशासन को गहरे बोरवेल बनवा देने चाहिए। इससे सीधे बरसात का पानी जीटी रोड के बजाय जमीन में चला जाएगा। ये तरकीब लुधियाना में अपनाई जा रही है। सिंगापुर जैसे देश में बारिश ज्यादा होती है और जलभराव नहीं होता। ये देश भी पूरी तरह से इसी तकनीक पर आधारित है।
उन्होंने कहा कि शहर में भी सिर्फ यमुना एन्क्लेव ऐसा एरिया है जहां बोरवेल हैं। इनके रास्ते से पानी जमीन के अंदर भेजा जाता है। इसी वजह से यहां भी जलभराव नहीं होता। इस प्रोजेक्ट में खर्च बिल्कुल कम आएगा और निजात पूरे शहर को मिलेगी।

अब तक करोड़ों रुपये हो चुके खर्च
दूसरी ओर निगम शहर में बार बार स्ट्रॉम वाटर ड्रेन और सीवर लाइन से साफ बरसाती पानी को नालों में बहा देता है। इन विकास कार्यों पर पिछले कई सालों से काम चलता आया है। अब तक करोड़ों रुपये खर्च भी हो चुके हैं लेकिन समस्या का समाधान नहीं हो पाया है। इस तकनीक से बरसाती पानी की निकासी का अचूक समाधान मिलेगा।

लेंगे सुझाव, अच्छा लगा तो अपनाएंगे : डीसी
सुझाव लिया जाएगा। अगर इसकी फिजिबिलिटी हुई तो इसे अधिकारियों के साथ बैठक कर विचार विमर्श के बाद अपनाया भी जा सकता है।
वीरेंद्र सिंह दहिया, डीसी, पानीपत।
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