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57 साल की उम्र में मिली जिले को सैनिटाइज कराने की जिम्मेदारी

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Wed, 15 Apr 2020 11:54 PM IST
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civic - फोटो : Panipat
कोरोना महामारी से पूरा विश्व जंग लड़ रहा है। कुछ ऐसे ही कोरोना से जंग के असली हीरो स्वास्थ्य अधिकारी, डॉक्टर, स्टाफ नर्स, पुलिस व अन्य कर्मचारी है। जो जान जोखिम में डालकर वक्त काम कर रहे हैं। कोरोना से जंग में अपने बेहतर काम व समर्पण भाव से पानीपत के डिप्टी सिविल सर्जन डॉ. सुधीर बतरा सबके लिये 57 साल की आयु में प्रेरक बन गये हैं। वह सुबह घर से 8 बजे निकलने के बाद लगातार 14 घंटे फील्ड में काम कर रहे हैं। क्योंकि उन्हें पूरे जिले को सैनिटाइज करने की जिम्मेदारी मिली है। उनके इसी काम की वजह से 30 केंद्रों में 1841 बेड की क्षमता बना दी गई है। डॉ. सुधीर का कहना है कि हम एक दिन कोरोना को जरूर हरा देंगे।।
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परिवार से मिलती है ताकत
उन्होंने बताया किपत्नी डॉ. पूनम बतरा निजी अस्पताल में डेंटल सर्जन है। जबकि बेटा डा. प्रियंक बतरा जामनगर गुजरात और दूसरा बेटा डा. पीयूष बतरा राजस्थान के जयपुर में एमडी मेडिसन कर रहे हैं। दोनों की कोविड-19 की जंग में ड्यूटी है। परिवार के चार सदस्य डॉक्टर होने के कारण इस जंग से लड़ रहे हैं। सभी एक दूसरे के लिए प्रेरणा बने है। परिवार से ही उन्हें इस जंग में लगातार 14-15 घंटे काम करने की हिम्मत मिल रही है। शरीर में थकावट जरूर होती है लेकिन जोश कम नहीं होता।
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अस्पताल से लेकर मंडपों को किया सैनिटाइज
डिप्टी सिविल सर्जन डा. सुधीर बतरा को सिविल सर्जन डा. संतलाल वर्मा ने स्वास्थ्य केंद्रों को सैनिटाइज करने की जिम्मेेदारी दी है। इसके अलावा क्वारंटीन केंद्रों में बेहतर सुविधा देना और दिन में कई बार सैनिटाइज करना बड़ी चुनौती है। उन्होंने इस चुनौती को बखूबी निभाया है। वो सिविल अस्पताल, सब डिविजन अस्पताल समालखा, जिले की सभी सीएचसी-पीएचसी सहित क्वारंटीन केंद्रों को सैनिटाइज करने का कार्य संभाल रहे हैं। वह अब तक 17 होटल, 7 मंडपों, 5 शिक्षण संस्थानों और गेस्ट हाउस को सैनिटाइज करवा चुके हैं।
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घर में खुद को करना पड़ा क्वारंटीन
कोरोना का सबके अधिक खतरा बुजुर्गों को है। उनके पिता चमनलाल बतरा की उम्र 90 वर्ष व मां रामदेवी की उम्र 85 वर्ष है। इसलिए घर जाते ही सबके पहले गुनगुने पानी में नहाकर खुद को सैनिटाइज करते हैं। माता-पिता के संपर्क में आने से बचते हैं। माता-पिता की सुरक्षा का खास ध्यान रखते हैं।

कोरोना से संयम से जंग जीती जाएगी। हम घर में रहकर देशभक्ति का परिचय दे सकते हैं। लोगों से अपील है कि वो लॉकडाउन का पालन करें। अपने घरों में रहे कोरोना की चेन तोड़कर उसे मात दें। लॉकडाउन का हल्के में ना लें।
डॉ. सुधीर बतरा, डिप्टी सिविल सर्जन पानीपत।
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