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प्रॉपर्टी टैक्स के क्षेत्र और कवर्ड एरिया में उलझे शहरवासी
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पानीपत। नगर निगम के निगम आयुक्त आर के सिंह व अन्य के साथ बैठक करते हुए विधायक प्रमोद विज।
- फोटो : Panipat
पानीपत। प्रॉपर्टी टैक्स के गलत सर्वे के कारण शहर के लोग प्रॉपर्टी टैक्स के एरिया और कवर्ड एरिया में उलझते जा रहे हैं। इसके चलते लोगों को अपनी संपत्तियों की रजिस्ट्री करवाने के लिए कई गुना भुगतान करना पड़ रहा है। इन एरिया को बदलवाने के लिए लोग निगम में आ रहे हैं। काम न होने पर दलालों का रास्ता तक चुना जाता है। इस समस्या के निवारण के लिए सोमवार को शहरी विधायक प्रमोद विज ने पीडब्ल्यूडी रेस्ट हाउस में तहसीलदार, निगम आयुक्त आरके सिंह समेत प्रॉपर्टी टैक्स शाखा के अधिकारियों व कर्मचारियों के साथ बैठक की। इस दौरान प्रॉपर्टी टैक्स में सुधार पर चर्चा करते हुए कई फैसले लिए गए।
शहरी विधायक प्रमोद विज ने बताया कि वे प्रॉपर्टी टैक्स के फार्मेट को ही बदलवाएंगे। इसके लिए चंडीगढ़ में निगम आयुक्त समेत निकाय अधिकारियों से बातचीत की जाएगी। निगम में लोगों की सुविधा के लिए छह हेल्प डेस्क कांउटर खोले जाएंगे। प्रॉपर्टी आईडी, टैक्स व एनडीसी का काम निगम के कच्चे कर्मचारियों की बजाए पक्के कर्मचारियों से करवाया जाएगा। सप्ताह के छह दिन कर्मचारी लोगों की सुविधा के लिए काम करेंगे। हर वार्ड से एक पार्षद या प्रतिनिधि को भी टैक्स ब्रांच में बैठाया जाएगा ताकि गलती की गुंजाइश न बचे।
विधायक प्रमोद विज ने बताया कि सर्वे में प्रॉपर्टी टैक्स तैयार करते समय पैमाइश ठीक से नहीं की जा रही है जिसकी वजह से आम आदमी को मजबूरी वश अधिक प्रॉपर्टी टैक्स का भुगतान करना पड़ता है जो कि फॉर्मेट के अनुसार है लेकिन अब इस फॉर्मेट में बदलाव किया जाएगा। जिसके बाद वास्तविक कवर एरिया के अनुसार ही लोगों को टैक्स देना होगा।
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बैठक में दूसरा निर्णय लिया गया कि इमरजेंसी प्रॉपर्टी आईडी में सुधार के लिए डीसी रेट पर बैठे कर्मचारियों की जगह निगम के स्थायी कर्मचारियों को बैठाया जाएगा। जनता एवं निगम के बीच बेहतर समन्वय के लिए फरवरी माह से सप्ताह में तीन दिन प्रत्येक वार्ड के पार्षद, निगम अधिकारी तथा अनुभवी तीन जानकार व्यक्तियों को बैठाया जाएगा जोकि जनता कि समस्याओं को हल करेंगे। साथ ही याशी कंपनी की मैनेजमेंट समस्या को सुधारने के लिए एवं निगम के कार्यों में सुधार लाने के लिए चंडीगढ़ में विभाग के वरिष्ठ संबंधित आला अधिकारियों से इस बारे में चर्चा की जाएगी।
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शहरी विधायक प्रमोद विज ने बताया कि वे प्रॉपर्टी टैक्स के फार्मेट को ही बदलवाएंगे। इसके लिए चंडीगढ़ में निगम आयुक्त समेत निकाय अधिकारियों से बातचीत की जाएगी। निगम में लोगों की सुविधा के लिए छह हेल्प डेस्क कांउटर खोले जाएंगे। प्रॉपर्टी आईडी, टैक्स व एनडीसी का काम निगम के कच्चे कर्मचारियों की बजाए पक्के कर्मचारियों से करवाया जाएगा। सप्ताह के छह दिन कर्मचारी लोगों की सुविधा के लिए काम करेंगे। हर वार्ड से एक पार्षद या प्रतिनिधि को भी टैक्स ब्रांच में बैठाया जाएगा ताकि गलती की गुंजाइश न बचे।
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विधायक प्रमोद विज ने बताया कि सर्वे में प्रॉपर्टी टैक्स तैयार करते समय पैमाइश ठीक से नहीं की जा रही है जिसकी वजह से आम आदमी को मजबूरी वश अधिक प्रॉपर्टी टैक्स का भुगतान करना पड़ता है जो कि फॉर्मेट के अनुसार है लेकिन अब इस फॉर्मेट में बदलाव किया जाएगा। जिसके बाद वास्तविक कवर एरिया के अनुसार ही लोगों को टैक्स देना होगा।
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बैठक में दूसरा निर्णय लिया गया कि इमरजेंसी प्रॉपर्टी आईडी में सुधार के लिए डीसी रेट पर बैठे कर्मचारियों की जगह निगम के स्थायी कर्मचारियों को बैठाया जाएगा। जनता एवं निगम के बीच बेहतर समन्वय के लिए फरवरी माह से सप्ताह में तीन दिन प्रत्येक वार्ड के पार्षद, निगम अधिकारी तथा अनुभवी तीन जानकार व्यक्तियों को बैठाया जाएगा जोकि जनता कि समस्याओं को हल करेंगे। साथ ही याशी कंपनी की मैनेजमेंट समस्या को सुधारने के लिए एवं निगम के कार्यों में सुधार लाने के लिए चंडीगढ़ में विभाग के वरिष्ठ संबंधित आला अधिकारियों से इस बारे में चर्चा की जाएगी।