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Panipat News: बाल संरक्षण अधिकार आयोग का डंडा, 15 स्कूली बसों के चालान

Wed, 13 Nov 2024 02:29 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, पानीपत
संवाद न्यूज एजेंसी, पानीपत Updated Wed, 13 Nov 2024 02:29 AM IST
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Child Protection Rights Commission's stick, challans for 15 school buses
माई सिटी रिपोर्टर
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पानीपत। उच्च न्यायालय की हिदायतों के तहत सुरक्षा वाहन पॉलिसी को लेकर हरियाणा राज्य बाल संरक्षण अधिकार आयोग के सदस्यों ने मंगलवार को समालखा के आशादीप, लोर्ड कृष्णा पब्लिक स्कूल और एचके इंटरनेशनल स्कूल का औचक निरीक्षण कर ठोस कार्रवाई की। टीम ने 15 बसों के गलत तरीके से संचालन करने पर 48 हजार रुपये तक के चालान किए।

जांच टीम के मुताबिक, स्कूल में पॉलिसी के नार्म का पालन न करने पर ये चालान किए गए हैं। आशा दीप स्कूल का एक और लार्ड कृष्णा में दो स्कूल बसों के चालान भी मौके पर किए गए। निरीक्षण में हरे कृष्णा इंटरनेशनल स्कूल की दस बसों के चालान के अलावा स्कूल के दो वाहनों को मौके पर सीज भी किया गया। आयोग सदस्यों ने स्कूल संचालकों को चेताया कि अगर सुरक्षा वाहन पॉलिसी को जमीनी स्तर पर लागू नहीं किया गया तो आयोग एक दिसंबर के बाद सख्त कार्रवाई करेगा।
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आयोग के सदस्य अनिल कुमार और श्याम शुक्ला ने अपने इस औचक निरीक्षण से पूर्व पुलिस विभाग, शिक्षा विभाग और आरटीए की एक मजबूत टीम बना कर चिंतन कर समालखा उपमंडल के तीन स्कूलों का औचक निरीक्षण किया और 15 बसों के फिटनस, टैक्स, पोल्यूशन, फायर व वाहन की समाप्ति से संबंधित दस्तावेजों की जांच की।
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इस दौरान पाया गया कि जो वाहन अपनी मियाद पूरी कर चुके हैं उनका प्राइवेट स्कूल संचालक धड़ल्ले से उपयोग कर सरकारी राजस्व को क्षति पहुंचा रहे हैं। साथ ही बच्चों की जान जोखिम में डाल रहे हैं। स्कूल संचालकों ने आयोग के सदस्यों को गुमराह करने का प्रयास भी किया लेकिन नतीजा सिफर रहा।

आयोग के सदस्यों ने वाहनों में लगाए गए जीपीएस, स्पीड गवरनर, कैमरे, फर्स्ट एड बॉक्स वाहनों पर लिखी सुरक्षा संबंधित सूचनाओं की जांच की। इस दौरान फायर विभाग के अधिकारियों ने स्कूल के ड्राइवरों को फायर संबंधित प्रशिक्षण भी दिया। आयोग के सदस्यों अनिल ने निरीक्षण के दौरान स्कूल बसों की चेसिस नंबरों की भी जांच की।

आयोग सदस्य अनिल ने बताया की स्कूलों के सभी ड्राइवरों के पास आई कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस का होना जरूरी है। किसी भी स्कूल में प्रिंसिपल के कमरे में पर्दे लगे नहीं होने चाहिए अन्यथा सख्त कार्रवाई की जाएगी। सभी बस ड्राइवर बसों में बच्चों का स्कूल परिसर से बच्चों को बिठाएंगे और वहीं पर वापस उतारेंगे। उन्होंने दैनिक रजिस्टर की भी जांच की।


इस दौरान उन्होंने बसों के रूट न लगाने वाले बोर्ड को भी लगाने के स्कूल संचालकों को निर्देश दिए। इस मौके पर उनके साथ जिला बाल संरक्षण अधिकारी निधि गुप्ता, जिला शिक्षा अधिकारी राकेश बूरा, आरटीए नीरज जिंदल, ज्योति, ट्रैफिक इंचार्ज लक्की, प्रेम सिंह, फूल सिंह आदि मौजूद रहे।
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