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अन्याय की कमाई से किया दान पुण्य नहीं पाप का भागी बनाता है : प्रणव शास्त्री महाराज
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पानीपत। अंसल स्थित श्री बांके बिहारी ज्ञानेश्वर मंदिर में श्रीराम कथा का वीरवार को तीसरा दिन रहा।
कथाव्यास प्रणव शास्त्री धानोरकर महाराज ने कहा कि अन्याय की कमाई से किया दान पुण्य नहीं पाप का भागी बनाता है। ऐसे में व्यक्ति को किसी पर अन्याय कर धन नहीं कमाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि सूर्यवंश की वंशावली में राजा अंबरीष की परम भक्ति, राजा शिबि का शरणागत धर्म, राजा त्रिशंकु, सत्यव्रत, सत्यवान, राजा हरिश्चंद्र के सत्य की महिमा और राजा भगीरथ द्वारा गंगा अवतरण के प्रसंग हमें धर्म की राह दिखाते हैं। उन्होंने कहा कि मनुष्य को समाज में रहते हुए तीन नियमों का पालन हमेशा करना चाहिए। किसी का हक कभी छीनना नहीं चाहिए, अपना हक कभी छोड़ना नहीं चाहिए और किसी दूसरे का हक अपने पास रखना नहीं चाहिए। महाराज ने कहा कि यदि हम किसी का हक छीनकर, किसी के साथ अन्याय करके या अधर्म की कमाई से कितना भी बड़ा दान-पुण्य, यज्ञ या धर्म कार्य क्यों न कर लें, उससे हमें कोई पुण्य नहीं मिलता, बल्कि वह हमें पाप का ही भागी बनाता है।
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कथाव्यास प्रणव शास्त्री धानोरकर महाराज ने कहा कि अन्याय की कमाई से किया दान पुण्य नहीं पाप का भागी बनाता है। ऐसे में व्यक्ति को किसी पर अन्याय कर धन नहीं कमाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि सूर्यवंश की वंशावली में राजा अंबरीष की परम भक्ति, राजा शिबि का शरणागत धर्म, राजा त्रिशंकु, सत्यव्रत, सत्यवान, राजा हरिश्चंद्र के सत्य की महिमा और राजा भगीरथ द्वारा गंगा अवतरण के प्रसंग हमें धर्म की राह दिखाते हैं। उन्होंने कहा कि मनुष्य को समाज में रहते हुए तीन नियमों का पालन हमेशा करना चाहिए। किसी का हक कभी छीनना नहीं चाहिए, अपना हक कभी छोड़ना नहीं चाहिए और किसी दूसरे का हक अपने पास रखना नहीं चाहिए। महाराज ने कहा कि यदि हम किसी का हक छीनकर, किसी के साथ अन्याय करके या अधर्म की कमाई से कितना भी बड़ा दान-पुण्य, यज्ञ या धर्म कार्य क्यों न कर लें, उससे हमें कोई पुण्य नहीं मिलता, बल्कि वह हमें पाप का ही भागी बनाता है।
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