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सामान नहीं होने पर नहीं हो रही मोतियाबिंद की सर्जरी

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Tue, 13 Sep 2022 01:57 AM IST
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Cataract surgery is not being done due to lack of goods
मुख्यालय का नेत्र रोग विशेषज्ञों पर मोतियाबिंद की सर्जरी बढ़ाने का दबाव है। हर बार पानीपत स्वास्थ्य विभाग के आला अधिकारियों को कम सर्जरी के लिए डांट पड़ती है। नेत्र रोग विशेषज्ञ सर्जरी के लिए सामान की डिमांड करते हैं। बार बार सामान की डिमांड भेजी जाती है, लेकिन विशेषज्ञों को सामान उपलब्ध नहीं कराया जाता। अब पिछले एक माह से सामान के अभाव में सर्जरी रुकी हुई है।
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अस्पताल में सर्जरी के लिए लेंस, ब्लेड व निडल जैसा जरूरी सामान नहीं है। इस माह में महज एक सर्जरी हो पाई है। वो सर्जरी भी डॉक्टर ने अपने निजी कोष से ब्लेड खरीदकर की है। पिछले माह भी महज 10 सर्जरी हुई थी। इसमें से भी कई सर्जरी डॉक्टर ने अपने खर्च पर की। सोमवार को डॉक्टरों ने 100 ऑपरेशन के लिए लिखित में सामान की डिमांड दी है। सिविल सर्जन ने सामान की खरीददारी के लिए दो डिप्टी सिविल सर्जन व एक नेत्र रोग विशेषज्ञ की कमेटी का गठन किया है।
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सिविल अस्पताल में अब नेत्र रोगियों की ओपीडी 200 से अधिक हो रही है। हर रोज मोतियाबिंद के तीन- चार रोगी मिल रहे हैं। डॉक्टर जांच कराने के बाद इन्हें सर्जरी का समय देते हैं लेकिन सामान न मिलने के कारण इनकी सर्जरी नहीं हो पाई। कई मरीज निजी अस्पतालों में सर्जरी के लिए चले जाते हैं।
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सिविल अस्पताल में आंखों की दवाओं का भी अभाव है। अस्पताल में आमतौर पर आंखों की आठ-दस दवा होनी चाहिए लेकिन यहां एक या दो दवा ही उपलब्ध है। ये दवा सभी रोगों में नहीं जा सकती। कई बार दवाओं की डिमांड दी जा चुकी है। नेत्र रोगियों को मजबूरन बाहर से ही दवा खरीदनी पड़ती है।

2021 में पानीपत मोतियाबिंद की सर्जरी करने के मामले में 12वें स्थान पर रहा था। 2021 में महज 96 लोगों की सर्जरी हो पाई थी। मुख्यालय ने पानीपत सिविल सर्जन व पीएमओ को मोतियाबिंद की सर्जरी बढ़ाने के सख्त निर्देश दिए थे। स्वास्थ्य विभाग ने 26 मार्च को सर्जरी के लिए 25 ब्लेड नेत्र सर्जन को दिए थे। यह दो प्रकार के ब्लेड थे, लेकिन इन ब्लेड में धार नहीं थी। यह सर्जरी के लिए उपयोगी नहीं पाए गए थे। इसलिए डॉक्टरों ने सर्जरी करने से इंकार करते हुए ब्लेड को वापस वेयर हाउस में भेज दिया था। इसके बाद एक ही बार ब्लेड खरीदे गए। अब लगभग एक माह से ऑपरेशन थियेटर का लगभग सारा सामान खत्म है। इस साल सामान की कमी के कारण कई बार सर्जरी रुक चुकी हैं।
डॉक्टरों से सामान की डिमांड मिली है। जल्द सामान खरीदेंगे। मोतियाबिंद की सर्जरी बढ़ाने पर फोकस है। सामान खरीदने में कुछ कारणों से देरी हुई है।
डॉ. जयंत आहूजा, सिविल सर्जन।
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