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Panipat News: पराली जलाने के आरोप में चार किसानों के खिलाफ मुकदमा केस
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मतलौडा। मतलौडा क्षेत्र में पराली जलाने वाले चार किसानों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। इनमें दो किसान भादौड,, एक किसान शेरा गांव और एक किसान खुखराना गांव का निवासी है। कृषि विभाग के उप मंडल कृषि अधिकारी डॉ. देवेंद्र कुहाड़ ने अपनी टीम के साथ गांव भादड में दौरा कर किसानों को पराली न जलाने के लिए जागरूक किया।
उन्होंने हिदायतें दी कि अगर किसी भी किसान ने प्रणाली को जलाया तो उसके खिलाफ मुकदमे दर्ज किया जाएगा। इसमें सजा और जुर्माना दोनों का प्रावधान है। इसलिए उन्होंने किसानों से अपील की है कि किसान कोई भी काम ऐसा न करें जिससे उन्हें किसानों के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए मजबूर होना पड़े। उन्होंने बताया कि पराली का प्रबंधन करने पर सरकार की ओर से किसानों को एक हजार रुपये प्रति एकड़ सहायता के रूप में दिए जाते हैं। जिससे वे बेलर मशीन के जरिए पराली की गांठें बंधवा सकते हैं या फिर रोटावेटर व अन्य कृषि यंत्रों के जरिए खेत की जुताई करके पराली को मिट्टी में मिला सकते हैं। उन्होंने बताया कि पराली जलाने के आरोप में कर किसानों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। उन्होंने साफ किया कि सेटेलाइट के जरिए खेतों में आगजनी की घटना पर नजर रखी जा रही है। क्षेत्र में 12 टीमों का गठन किया गया है। एक टीम तीन गांवों पर नजर रखे हुए है। आखिरी सप्ताह में इन टीमों की संख्या 36 कर दी जाएगी। एक टीम एक गांव पर नजर रखेगी। कृषि विभाग के अधिकारी पराली जलाने की घटनाओं पर पैनी नजर रखे हुए है। किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। मुकदमा दर्ज होने पर दोषी किसान को सजा और जुर्माना दोनों का प्रावधान है। इस अवसर पर डॉ. अरविंद , खंड कृषि अधिकारी डॉ. विजेंद्र जागलान, एडीओ जगफूल राठी व जगपाल सिंह मौजूद रहे।
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उन्होंने हिदायतें दी कि अगर किसी भी किसान ने प्रणाली को जलाया तो उसके खिलाफ मुकदमे दर्ज किया जाएगा। इसमें सजा और जुर्माना दोनों का प्रावधान है। इसलिए उन्होंने किसानों से अपील की है कि किसान कोई भी काम ऐसा न करें जिससे उन्हें किसानों के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए मजबूर होना पड़े। उन्होंने बताया कि पराली का प्रबंधन करने पर सरकार की ओर से किसानों को एक हजार रुपये प्रति एकड़ सहायता के रूप में दिए जाते हैं। जिससे वे बेलर मशीन के जरिए पराली की गांठें बंधवा सकते हैं या फिर रोटावेटर व अन्य कृषि यंत्रों के जरिए खेत की जुताई करके पराली को मिट्टी में मिला सकते हैं। उन्होंने बताया कि पराली जलाने के आरोप में कर किसानों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। उन्होंने साफ किया कि सेटेलाइट के जरिए खेतों में आगजनी की घटना पर नजर रखी जा रही है। क्षेत्र में 12 टीमों का गठन किया गया है। एक टीम तीन गांवों पर नजर रखे हुए है। आखिरी सप्ताह में इन टीमों की संख्या 36 कर दी जाएगी। एक टीम एक गांव पर नजर रखेगी। कृषि विभाग के अधिकारी पराली जलाने की घटनाओं पर पैनी नजर रखे हुए है। किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। मुकदमा दर्ज होने पर दोषी किसान को सजा और जुर्माना दोनों का प्रावधान है। इस अवसर पर डॉ. अरविंद , खंड कृषि अधिकारी डॉ. विजेंद्र जागलान, एडीओ जगफूल राठी व जगपाल सिंह मौजूद रहे।
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