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जीजा की मौत के बाद फर्जी साइन से कब्जा ली कार
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पानीपत। जीजा और बहन की मौत के बाद साले ने जबरदस्ती उनकी कार पर कब्जा कर लिया। इसके बाद गलत तरीके से उसे अपने दोस्त के नाम भी करवा दिया। मृतक की मां ने आरोपी साले के खिलाफ मॉडल टाउन थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
एसपी को दी शिकायत में राजनगर निवासी 60 वर्षीय अंगूरी देवी ने बताया कि 28 मार्च 2020 को उसके बेटे अनिल कुमार ने अपनी पत्नी व दो बच्चों की गोली मारकर हत्या कर दी थी। इसके बाद खुद भी गोली मारकर आत्महत्या कर ली थी। अनिल का साला गांव दाहा, करनाल निवासी गुलशन उनकी कार को हादसे वाले दिन यह कहकर ले गया था, कुछ समय बाद वापस लौटा देगा। उसने कुछ दिनों के बाद कार वापस कर भी दी लेकिन फिर कार मांग ले गया। इसके बाद वह कार लौटाने नहीं आया। जब कार मांगी तो आरोपी ने धमकी देते हुए कहा कि उसने गाड़ी बेच दी है। 16 अक्तूबर को गाड़ी के लिए उन्होंने थाने में शिकायत दी तो पुलिस ने कार्रवाई नहीं की। अंगूरी देवी का यह भी आरोप है कि उसने सोची-समझी साजिश के तहत फर्जी कागजात तैयार कर गाड़ी अपने मामा के दोस्त सुरजीत सिंह निवासी तरावड़ी करनाल के नाम पर रजिस्टर्ड करवा दी।
उन्होंने मामले की पूरी जानकारी और दस्तावेज प्राप्त करने के लिए आरटीआई लगाई। जब दस्तावेज प्राप्त हुए तो पता लगा कि गाड़ी अनिल की मौत के नौ माह बाद 7 दिसंबर 2020 को सुरजीत के नाम ट्रांसफर करवाई गई थी। अंगूरी देवी का आरोप है कि आरोपी गुलशन ने फर्जी तरीके से साइन भी किए हैं, क्योंकि आरोपी पहले ही अनिल के सभी दस्तावेज अपने साथ ले जा चुका था। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है।
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एसपी को दी शिकायत में राजनगर निवासी 60 वर्षीय अंगूरी देवी ने बताया कि 28 मार्च 2020 को उसके बेटे अनिल कुमार ने अपनी पत्नी व दो बच्चों की गोली मारकर हत्या कर दी थी। इसके बाद खुद भी गोली मारकर आत्महत्या कर ली थी। अनिल का साला गांव दाहा, करनाल निवासी गुलशन उनकी कार को हादसे वाले दिन यह कहकर ले गया था, कुछ समय बाद वापस लौटा देगा। उसने कुछ दिनों के बाद कार वापस कर भी दी लेकिन फिर कार मांग ले गया। इसके बाद वह कार लौटाने नहीं आया। जब कार मांगी तो आरोपी ने धमकी देते हुए कहा कि उसने गाड़ी बेच दी है। 16 अक्तूबर को गाड़ी के लिए उन्होंने थाने में शिकायत दी तो पुलिस ने कार्रवाई नहीं की। अंगूरी देवी का यह भी आरोप है कि उसने सोची-समझी साजिश के तहत फर्जी कागजात तैयार कर गाड़ी अपने मामा के दोस्त सुरजीत सिंह निवासी तरावड़ी करनाल के नाम पर रजिस्टर्ड करवा दी।
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उन्होंने मामले की पूरी जानकारी और दस्तावेज प्राप्त करने के लिए आरटीआई लगाई। जब दस्तावेज प्राप्त हुए तो पता लगा कि गाड़ी अनिल की मौत के नौ माह बाद 7 दिसंबर 2020 को सुरजीत के नाम ट्रांसफर करवाई गई थी। अंगूरी देवी का आरोप है कि आरोपी गुलशन ने फर्जी तरीके से साइन भी किए हैं, क्योंकि आरोपी पहले ही अनिल के सभी दस्तावेज अपने साथ ले जा चुका था। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है।
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