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अस्पताल का एमटीपी रजिस्ट्रेशन रद्द
अमर उजाला, पानीपत
Updated Tue, 24 Sep 2013 11:54 PM IST
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पानीपत में स्वास्थ्य विभाग की टीम ने जितेंद्र अस्पताल की दो अल्ट्रासाउंड
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मशीन सील करते हुए एमटीपी का लाइसेंस रद्द कर दिया। विभागीय टीम का आरोप
है कि अस्पताल में अल्ट्रासाउंड संबंधी रिकार्ड पूरा नहीं है और तथ्यों के
साथ छेड़छाड़ की गई है।
वहीं अस्पताल के संचालक डा. जितेंद्र शर्मा ने स्वास्थ्य विभाग की कार्रवाई को भेदभाव पूर्ण बताया है। स्वास्थ्य विभाग की टीम मंगलवार को जितेंद्रा अस्पताल पहुंची। टीम में एमएस डा. भूपेश चौधरी, डिप्टी सिविल सर्जन पीएनडीटी डॉ. सुधीर बतरा, एलएमओ डा. शशिलता और पीएनडीटी के लीगल एडवाइजर अनिल लठवाल शामिल रहे।
टीम ने अल्ट्रासाउंड से संबंधित रिकार्ड जांचा। डॉ. सुधीर बतरा ने बताया कि जांच में काफी कमियां पाईं। इसका ठीक से मेंटेन नहीं था और न ही फार्म ठीक से भरे गए थे। स्वास्थ्य अधिकारियों ने इसको देखते हुए अस्पताल का एमटीपी लाइसेंस रद्द कर दिया और दो अल्ट्रासाउंड मशीनों को सील कर दिया।
पहले भी जांच कर चुकी है टीम
जितेंद्र अस्पताल पर स्वास्थ्य विभाग का यह पहला छापा नहीं है। इससे पहले अप्रैल 2012 को तत्कालीन सीएमओ डॉ. एचएस रंधावा ने भी यहां पर छापा मारा था। डॉ. रंधावा का स्थानांतरण होते ही कार्यकारी सीएमओ डॉ. अनीता टंडन ने सील खुलवा दी थी।
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आरोप निराधार हैं : डा. जितेंद्र
स्वास्थ्य विभाग की ओर से लगाए गए आरोप निराधार हैं। उनके अस्पताल में हर रिकार्ड व्यवस्थित है और किसी तरह का गलत काम नहीं किया जा रहा। यह सब आईएमए और डाक्टर के कमजोर होने से हो रहा है।
डॉ. जितेंद्र शर्मा, संचालक जितेंद्र अस्पताल
वहीं अस्पताल के संचालक डा. जितेंद्र शर्मा ने स्वास्थ्य विभाग की कार्रवाई को भेदभाव पूर्ण बताया है। स्वास्थ्य विभाग की टीम मंगलवार को जितेंद्रा अस्पताल पहुंची। टीम में एमएस डा. भूपेश चौधरी, डिप्टी सिविल सर्जन पीएनडीटी डॉ. सुधीर बतरा, एलएमओ डा. शशिलता और पीएनडीटी के लीगल एडवाइजर अनिल लठवाल शामिल रहे।
टीम ने अल्ट्रासाउंड से संबंधित रिकार्ड जांचा। डॉ. सुधीर बतरा ने बताया कि जांच में काफी कमियां पाईं। इसका ठीक से मेंटेन नहीं था और न ही फार्म ठीक से भरे गए थे। स्वास्थ्य अधिकारियों ने इसको देखते हुए अस्पताल का एमटीपी लाइसेंस रद्द कर दिया और दो अल्ट्रासाउंड मशीनों को सील कर दिया।
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पहले भी जांच कर चुकी है टीम
जितेंद्र अस्पताल पर स्वास्थ्य विभाग का यह पहला छापा नहीं है। इससे पहले अप्रैल 2012 को तत्कालीन सीएमओ डॉ. एचएस रंधावा ने भी यहां पर छापा मारा था। डॉ. रंधावा का स्थानांतरण होते ही कार्यकारी सीएमओ डॉ. अनीता टंडन ने सील खुलवा दी थी।
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आरोप निराधार हैं : डा. जितेंद्र
स्वास्थ्य विभाग की ओर से लगाए गए आरोप निराधार हैं। उनके अस्पताल में हर रिकार्ड व्यवस्थित है और किसी तरह का गलत काम नहीं किया जा रहा। यह सब आईएमए और डाक्टर के कमजोर होने से हो रहा है।
डॉ. जितेंद्र शर्मा, संचालक जितेंद्र अस्पताल